राजधानी सहित प्रदेश में जो स्वच्छता के लिए लगातार काम कर रहे हैं उनके स्वास्थ्य के साथ हो रही है कितनी बड़ी खिलवाड़.
सफाई मित्र जिनके पैर कभी मुख्यमंत्री जी कभी निगम के अध्यक्ष या अन्य नेता गण धोते हैं.
यह लापरवाही सफाई कर्मचारियों की जान पर भारी हो सकती है.
राजधानी सहित प्रदेश में जो स्वच्छता के लिए लगातार काम कर रहे हैं उनके स्वास्थ्य के साथ हो रही है कितनी बड़ी खिलवाड़.
भोपाल नगर निगम भोपाल दाना पानी कचरा प्लांट जहां पर कचरे की गाड़ियां खाली होती हैं वहां पर कर्मचारियों को ना ही शूज दिए गए हैं ना ही ग्लव्स न ही मास्क उनसे गीला सूखा कचरा अलग कराया जा रहा है एक तरफ सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाता है कई मौका पर मुख्यमंत्री एवं निगम के अध्यक्ष पैर धोते हैं वहीं दूसरी तरफ इस प्रकार से घर-घर से निकलने वाले कचरे को बगैर किसी सुरक्षा के कर्मचारी अलग-अलग कर रहे हैं इससे उनके स्वास्थ्य पर बहुत गंभीर असर पड़ेगा खतरनाक बीमारी हो सकती हैं नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से निवेदन है की उचित व्यवस्थाएं की जाएं क्योंकि यह लोग भी इंसान है असली काम यही करते हैं असली हीरो यही हैं यह सब करने से कर्मचारियों की जान भी जा सकती है उन्हें घातक बीमारियां भी हो सकती हैं स्वच्छता पुरस्कार मिलने पर बड़े-बड़े मंचों पर जो अधिकारी पुरस्कार लेते हैं उनको इन छोटे-छोटे कर्मचारियों का ध्यान रखना चाहिए.
उमाशंकर तिवारी
9826050919
