ब्यावरा की अंजली IFS में पाई 9वीं रैंक
राजगढ़ जिले में ब्यावरा के चंदरपुरा गांव की अंजली सौंधिया ने संघ लोक सेवा आयोग की इंडियन फॉरेस्ट सर्विस परीक्षा के पहले ही प्रयास में उन्होंने देशभर में 9वीं रैंक प्राप्त की है।
अंजली के पिता सुरेश सौंधिया किसान थे। कुछ वर्ष पहले लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। पिता की मृत्यु के बाद भी अंजली ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने कठिन परिस्थितियों को अपनी ताकत में बदल दिया।
अंजली ने ब्यावरा के आरके एकेडमी विद्यालय से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद इंदौर के जैन दिवाकर कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान में जाए बिना, घर पर रहकर ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा की तैयारी की। अंजली ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है।

मां ने बेटी का किया सहयोग
अंजली की मां ने बताया कि उन्होंने बेटी की पढ़ाई में पूरा सहयोग किया। परिवार ने इस उपलब्धि का जश्न ढोल और आतिशबाजी के साथ मनाया। विश्वास है कि अंजली देश की सेवा करते हुए अपने क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी। अंजलि ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने इस अत्यंत कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
स्कूल संचालिका ने दी बधाई
स्कूल संचालिका भावना दुबे ने कहा कि पूर्व छात्रा अंजलि सोंधिया ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 9 प्राप्त कर भारतीय वन सेवा (Indian Forest Services – IFS) में चयनित होकर न केवल अपने विद्यालय का, बल्कि जिले और पूरे मध्य प्रदेश का नाम ऊंचा कर दिया है।

छोटे गांव की अंजलि ने पूरा किया बड़ा सपना
अंजलि की सफलता यह प्रमाणित करती है कि एक छोटे गांव से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। यदि संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन हो। वह हमारे सभी छात्रों के लिए प्रेरणा हैं। अंजली की सफलता पर स्कूल में छात्रों और शिक्षकों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
