प्रीतम की हरकत से फंस गईं थी उमा भारती

प्रीतम की हरकत से फंस गईं थी उमा भारती
बड़ा मलाहरा में गांव वालों ने बना लिया था बंधक
शिवपुरी की पिछोर सीट से बीजेपी के बाहुबली विधायक प्रीतम सिंह लोधी इन दिनों फिर सुर्खियों में है..पहले उनके बेटे ने थार से कई लोगों को कुचल दिया फिर ज़ब एसडीओपी ने बेटे को फटकार लगाई तो प्रीतम भड़क उठे.. उन्होंने एसडीओपी के घर में गोबर भरने की धमकी दे दी…कांग्रेस के दिग्गज केपी सिँह के खिलाफ मजबूती से चुनाव लड़ चुके प्रीतम सिंह लोधी पहली बार सुर्खियों में नहीं हैँ.. कभी गैगस्टर हरेंद्र राणा को पनाह देने, शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार प्रीतम लोधी की थाने के अंदर से चड्डी बनियान मे फोटो आयी तो कभी उन्होंने चौकी में घुसकर पुलिसवालों को पीट दिया.. अपनी इन्हीं हरकतों से एक बार तो उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के प्राण संकट में डाल दिए थे..
ये 2006 की घटना है ज़ब उमा उमा भारती ने बीजेपी से अलग होकर अलग पार्टी बना ली थी.. कर्नाटक से जारी एक वारंट पर वो सीएम पद से इस्तीफ़ा देकर गिरफ्तारी देने गयीं. देवी -देवताओं की कसम खिलाकर बाबूलाल गौर को कुर्सी पर बैठा गयीं कि वो उनके आने पर उठ जायेंगे लेकिन गौर उठे नहीं.. सारी कसमें भूल गए.. बाद मे हटाए गए लेकिन कुर्सी उमा को नहीं शिवराज को मिली.. इसके बाद उमा दिल्ली मे आडवाणी से भिड़ गईं. भाजपा ने निकाल दिया तो अपनी पार्टी बनाई.. भारतीय जनशक्ति पार्टी भाजश.. बड़ा मलहरा सीट से इस्तीफ़ा दिया.. उपचुनाव हुए तो रेखा यादव को चुनाव लड़ाया.. बीजेपी से उतरे 1980 में भाकपा से विधायक रहे कपूरचंद घुवारा.. ये बीजेपी और उमा दोनों की इज्जत का चुनाव था.. बीजेपी से प्रदेश भर के नेता और कार्यकर्ता जूटे और प्रदेशभर से ही उमा भारती के समर्थक.. बहुत ही तनातनी का चुनाव था… वोटिंग के चार -पांच दिन पहले जहाँ उमा का हेलीकाप्टर उतारना था वहां शिवराज का हेलीकाप्टर उतार दिया गया.. उमा दूसरी जगह उतरी.. सीधे शिवराज के कार्यक्रम में गयीं मंच पर चढ़कर बोलीं मै साध्वी श्राप देती हूँ तेरा सर्वनाश हो… बच्चोँ को लेकर बुरा कहा तो शिवराज के एक समर्थक उमा की तरफ बढ़ गए.. शिवराज ने उन्हें रोका.. हाथ जोड़कर कहा दीदी मुझे बिलकुल नहीं पता ऐसा हुआ.. आपके हेलीपेड में मेरा हेलीकाप्टर उतरवा दिया.. इस घटना के बाद चुनावी तनातनी और बढ़ गयी..
वोटिंग के दिन बिहार -बंगाल से हालात बन गए.. सुबह से ही बूथ कैप्चरिंग और झड़प की खबरें आने लगीं. देशभर के मीडिया चैनल ने बड़ा मलहरा में डेरा डाल रखा था.. उमा भारती खुद लफड़े वाले बूथों पर पहुँच रही थी.. मीडिया की ओवी वैन भी उनके पीछे दौड़ रहीं थीं. अंदेशा था कुछ गड़बड़ हो सकता है और वही हुआ.. शाम को खबर आयी कि सेरौरा गांव में भाजपाइयों ने बूथ मे कब्जा कर लिया है.. उमा भारती लाव -लष्कर के साथ पहुंची लेकिन इससे पहले ही तहसीलदार तृप्ति पटेरिया (शायद यही नाम था )पहुँच चुकी थीं . उन्होंने दो लोगों को बूथ के अंदर बैठा लिया था… उमा भारती ज़ब पहुंची तो उन्होंने कार्रवाई की जानकारी दी… उमा भारती ज़ब गांव से रवाना होने लगीं तो गांव के दबंग शंकर सिंह हल्के राजा ने उनका रास्ता रोक लिया.. कहा तहसीलदार ने जिन्हें पकड़ा है वो मेरे आदमी हैँ वो उन्हें छोड़वा दें तभी जांय.. उमा भारती ने हल्केराजा को हल्के से डांट दिया कि गुंडों की पैरोकारी न करो.. वो नहीं छूटेंगे… तहसीलदार ने ठीक किया..हल्केराजा ने भी ऊंची आवाज़ में बात की तो उमा भारती के बगल में खडे.. प्रीतम लोधी ने हल्केराजा को दो-तीन -तमाचे जड दिए.. बोले भाग BSDK… बताना भूल गए प्रीतम लोधी उमा भारती की भाभी के भाई हैँ .. खैर हल्के राजा गांव के राजा थे. राजा के गाल पर तमाचे की गूँज गांव तक पहुंची तो ठाकुर बाहुल्य गांव के लोग टूट पड़े.. उमा भारती के साथ खडे प्रीतम लोधी को तो बूथ पर मौजूद पुलिसकर्मियों, उमा भारती के सुरक्षाकर्मियों ने बचा लिया लेकिन गांव के लोगों ने अंधाधुंध पथराव कर उमा भारती के काफिले की गाड़ियां तहस -नहस कर दीं.. सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गयी.. सब प्रीतम लोधी को जान से मारने पर आमादा थे.. बाहर से भी लोग आने लगे.. लोग उमा भारती के करीब तक पहुँचने लगे.. गनीमत ये रही कि मीडिया की टीमें ओबी वैन के साथ उमा भारती के साथ थी.. साथ ही बाबरी विधवंस की आरोपी होने के चलते उमा को मिला कमांडो घेरा भी था….. उमा भारती इस घेरे में सुरक्षित तो रहीं लेकिन उनकी लानत -मलानत कर दी गयी.. उन्हें गन्दी -गन्दी गालियां बकी गयी.. उमा को अपने साथ हो रहे षड्यंत्र का भी अंदाजा नहीं था.. उन्हें अपमानित करने की ये सुनियोजित साजिश थी.. ये यहाँ न होता तो कहीं और होता…बार -बार सूचना दिए जाने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं आयी.. रात हो गयी.. सैकड़ों लोग उमा भारती को घेरे गलियां बकते रहे.. जिस गांव की ये घटना थी वो ठाकुर बाहुल्य था लेकिन इलाका लोधियों.का था…. लोधी भी भड़क गए और उन्होंने ढूंढ -ढूंढ कर बीजेपी नेताओं की पिटाई शुरू कर दीं.. बड़े -बड़े पिट गए.. उमा भारती के हनुमान प्रहलाद पटेल सैकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर उमा को मुक्त कराने बढ़े तो रास्ते मे जो मिला उसे कूटवाते गए.. गाड़ियां तहस -नहस कर दी गयी.. ज़ब बड़ी घटना की आशंका हुई तब कलेक्टर अजातसत्रु, एसपी चंचल शेखर डीआईजी कटियार मौके पर पहुंचे लेकिन उमा भारती रणचंडी का रूप अख्तियार कर चुकी थी.. अपनी हत्या की साजिश का आरोप लगाते हुए उन्होंने अफसरों को जमकर फटकार लगाई.. उन्होंने कहा वो तभी हटेगी ज़ब उनके साथ अभद्रता करने वाले हल्केराजा के घर बुलडोजर चले.. कलेक्टर, एसपी, डीआईजी के भारी फ़ोर्स कर साथ आने के बाद गांव वाले तो भाग गए लेकिन अब उमा भारती के समर्थक भारी तादाद में जुट रहे थे.. रात ढ़ाई बजे तक प्रशासन ने उमा भारती को मनाने की कोशिश की और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.. उन्हें बड़ा मलहरा थाने लाया गया लेकिन उन्होंने जमानत लेने से इंकार कर दिया.. थाने में धरना देने लगीं. अगले दिन थाने में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.. नेशनल चैनल्स को लाइव इंटरव्यू दिए… बाद में अधिकरियों के गिड़गिड़ाने पर उन्होंने जमानत ले ली… बाद में एक मजेदार खबर एक चैनल पर आयी.. बुंदेलखंड से ही ताल्लुक रखने वाले शिवराज के एक मंत्री ने एक चैनल के लाइव इंटरव्यू में कहा.. आपको पता भी है प्रहलाद पटेल के आदमियों ने हमारे कार्यकर्ताओं के साथ क्या -क्या किया… हमारे कार्यकर्ताओं को पकड़ कर मारा पीटा गया…जंगल में ले जाकर उनके साथ 377 तक किया गया… इस मामले में आज तक कि भी खूब भद पिटी… उसने उमा भारती की क्लिप ‘शूट देट मैन’ को बार -बार दिखाकर कहा कि उमा ने अपने बॉडीगॉर्ड से हल्के राजा को गोली मारने के लिए कहा.. बाद में उमा भारती ने चैनल के लाइव शो में कहा कि उन्होंने ये आज तक के कैमरामैन से ये कहा था..आज तक के संवाददाता रविंद्र व्यास भी ज़ब इसकी पुष्टि करने लगे तो अपना प्रॉपगेंडा फेल होते देख आज तक ने उन्हें ही स्क्रीन आउट कर दिया..
