कांग्रेस छोड़ने वालों पर कमलनाथ बोले-वे हमारे दिल के टुकड़े:कहा- उन्हें हमने अपने खून से सींचा, यही दुआ करेंगे कि जहां रहें, खुश रहें

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पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा, मुझे छिंदवाड़ा के लोगों से इतना लगाव है कि उनके साथ रहना, उनके बीच जाना पसंद है। - Dainik Bhaskar

लोकसभा चुनाव के बीच मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा सबसे हॉट सीट बनी हुई है। पूर्व सीएम कमलनाथ के पुत्र और कांग्रेस के इकलौते सांसद नकुलनाथ यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पहले चरण में 19 अप्रैल को वोटिंग है, इसलिए कमलनाथ ने यहीं डेरा डाल रखा है।

इसके बावजूद कमलनाथ के कई करीबी वोटिंग से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। ऐसे में कमलनाथ की रणनीति क्या है और वह बाकी सीटों पर सक्रिय नहीं हैं। इन सभी मुद्दों पर उनसे बात की दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर सतीश सिंह ने। पेश हैं संपादित अंश…

सवाल- आप छिंदवाड़ा में ही सिमटकर क्यों रह गए? कांग्रेस दिग्गजों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नहीं गए?
जवाब- छिंदवाड़ा मेरा परिवार है। वहां से मेरा 45 साल पुराना रिश्ता है। मेरा पूरा जीवन वहां के विकास और जनता की सेवा के लिए समर्पित है। जनता से कह दिया है कि मैं अंतिम सांस तक सेवा करूंगा, इसीलिए मैं चुनाव तक छिंदवाड़ा से बाहर नहीं जा रहा, लेकिन भाजपा की तरफ देखिए। वहां खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और सैकड़ों दिग्गज यहीं जमे हुए हैं।

सवाल- लेकिन मोदी और अमित शाह तो आए ही नहीं?
जवाब- जी हां, क्योंकि उन्हें पता है कि बंटी-बबली यहां नहीं चलेंगे। यहां भाजपा चुनाव हार रही है।

सवाल- भाजपा का तो कहना है कि हम आसानी से जीत रहे हैं, इसलिए बड़े नेताओं को नहीं भेजा?
जवाब- तो उन्हीं से पूछिए कि जिन-जिन सीटों पर उनके बड़े नेता गए, क्या वहां वह हार रहे थे।

सवाल- चुनाव कौन लड़ रहा, आप या नकुलनाथ? आप एक दिन में 5-6 सभाएं कर रहे हैं?
जवाब- हर कांग्रेसी कार्यकर्ता, छिंदवाड़ा का हर वोटर ये चुनाव लड़ रहा है। मेरी बात है तो मुझे यहां के लोगों से इतना लगाव है कि मुझे उनके साथ रहना, उनके बीच जाना पसंद है।

सवाल- लेकिन आपके नेता तो खुद आपको छोड़ गए? कई तो आपके बहुत करीबी होते थे?
जवाब- वे सभी हमारे दिल के करीब थे। या कहें दिल के टुकड़े थे। उन्हें हमने अपने खून से सींचा था। यही दुआ करेंगे कि वे जहां रहें, खुश रहें।

सवाल- क्या यही छिंदवाड़ा मॉडल है?
जवाब- छिंदवाड़ा मॉडल देखना है तो आदिवासी भाइयों के बीच जाइए। उनका जीवन स्तर राज्य के अन्य हिस्सों के मुकाबले कई गुना सुधरा है। उनको बाकी देश से कनेक्ट किया। इससे उनका अनाज सामान सही दाम में बिक सके।

सवाल- लेकिन अब आपकी न राज्य में सरकार, न केंद्र में…विकास कैसे करवाएंगे?
जवाब- अभी तो केंद्र के लिए चुनाव हो रहे हैं। जिस तरह से एंटी भाजपा माहौल है, उसका रिजल्ट अप्रत्याशित होगा। जहां तक विकास की बात है तो छिंदवाड़ा के लोग जानते हैं कि सरकार किसी की रहे, कमलनाथ के रहते यहां का काम रोकने की दुस्साहस कोई नहीं करता।

सवाल- आरोप है कि आप पानी की तरह पैसे बहा रहे हैं?

जवाब- आरोप लगाने वाला कौन हैं? जो पूरी दुनिया में पैसे से नेताओं को खरीदने के बारे में कुख्यात हैं? हम तो जनता को प्यार से जीतते हैं। काम से उनका दिल जीतते हैं। खरीदने-बेचने का काम तो भाजपाई ही करते हैं।

कमलनाथ और दीपक सक्सेना की 45 साल पुरानी तस्वीर। जिसमें दीपक सक्सेना कमलनाथ के कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं।
कमलनाथ और दीपक सक्सेना की 45 साल पुरानी तस्वीर। जिसमें दीपक सक्सेना कमलनाथ के कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं।

कमलनाथ साथ रहूंगा, नकुल के साथ नहीं हूं: दीपक

2020 में कमलनाथ के लिए छिंदवाड़ा लोकसभा सीट छोड़ने वाले दीपक सक्सेना ने वोटिंग से पहले भाजपा जॉइन कर ली। वे कमलनाथ के सबसे करीबियों के गिने जाते थे। हालांकि, उनका साफ कहना है कि उनका कमलनाथ से कोई बैर नहीं है, लेकिन वे नकुलनाथ के साथ नहीं हैं। ऐसे में उनसे बात की दैनिक भास्कर के पीयूष बाजपेयी ने।

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