विज्ञान मेले में बेस्ट नवाचार के लिए मिले अवॉर्ड
भोपाल के जंबूरी मैदान में चल रहे विज्ञान मेले का सोमवार को समापन हो गया। समापन कार्यक्रम में चार दिन तक मेले में प्रदर्शित किए गए इनोवेटिव मॉडल्स में से बेस्ट मॉडल को पुरस्कृत किया गया। इसमें शॉकर बूट, हैकिंग से बचाने वाला सिस्टम, होम ऑटोमेशन सिस्टम, इंडस्ट्रियल वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और स्मार्ट कार जैसे कई इनोवेशन को पुरस्कृत किया गया।
स्कूल और कॉलेजों के मॉडल्स में पहला पुरस्कार जीतने वालों को 5100 रुपए और दूसरा पुरस्कार जीतने वालों को 3100 रुपए की प्राइस मनी भी दी गई। कई विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार मिले। इसके अलावा सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट और किताब- ‘भारत की उज्जवल परंपरा’ भी दी गई।
हैकिंग से बचाने वाले सिस्टम को पहला पुरस्कार

आदर्श कुमार को मिला पहला पुरस्कार
विज्ञान मेले में कॉलेजों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल के कम्प्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के आदर्श कुमार को मिला है। उन्होंने और उनकी टीम ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे हैकर यूजर के वाई-फाई को हैक न कर सके।
वाई-फाई को हैक करके हैकर यूजर का पासवर्ड जान लेते हैं। इसके बाद आपके नेटवर्क का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते हैं। अगर आपके नेटवर्क का इस्तेमाल किसी आपराधिक काम के लिए हो तो इससे आपके लिए समस्या आ सकती है। साथ ही आपकी संवेदनशील जानकारियां भी हैकर के हाथों में पहुंच जाती है। इससे बचने के लिए एक शील्ड सिस्टम बनाया है। यह सिस्टम हैकर को वाई-फाई पर कोई भी अटैक करने से रोकेगा। साथ ही यूजर को अटैक की जानकारी भी देगा।
इसी श्रेणी में दूसरा पुरस्कार दूसरा सत्य साईं कॉलेज, सीहोर के गौरव पांडे, राजेंद्र, उत्सव और विपिन दुबे को ई-कार डिजाइन करने के लिए दिया गया है। तीसरा पुरस्कार कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के हेमराज, सूर्य कुमार सिंह, विजय कुमार और मोहम्मद साहिल को इंडस्ट्रियल वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए दिया है।
स्कूली बच्चों के मॉडल में शॉकर बूट बेस्ट
स्कूली बच्चों में 9वीं और 10वीं की श्रेणी में IES पब्लिक स्कूल के सूर्यांश, अक्षत गोयल, अखंड सिंह और उनकी टीम को महिला सुरक्षा के लिए बनाए शॉकर बूट के लिए पहला पुरस्कार मिला है। इस बूट में ऐसा सिस्टम है कि अगर कोई लड़कियों को परेशान करे या छेड़छाड़ करे तो अपने बचाव में वे उस व्यक्ति को जूते से करेंट का शॉक दे सकती हैं।
इसके लिए जूते के अंदर एक जनरेटर लगाया है। जनरेटर का एक वायर ग्राउंड और दूसरा जूता पहनने वाले के शरीर से कनेक्टेड होगा। जूते में एक स्विच भी है। इस स्विच के चालू होने पर जब भी कोई व्यक्ति जूता पहने व्यक्ति को छुएगा तो उसे बिजली का झटका लगेगा।

देवराज ने की स्मार्ट कार डिजाइन, मिला पहला पुरस्कार
11वीं-12वीं की श्रेणी में गवर्नमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, उदयपुरा- सीएम राइस के देवराज रघुवंशी को स्मार्ट कार डिजाइन करने के लिए पहला पुरस्कार मिला है।
6वीं-8वीं की श्रेणी में IES स्कूल के हर्षित तिवारी, सैयद अली, अंश पाटीदार और संतोष सोलंकी को होम ऑटोमेशन सिस्टम बनाने के लिए पहला पुरस्कार मिला।
मानव संग्रहालय को भी मिला पुरस्कार

जिलों से आई संस्थाओं ने भी प्रदर्शनी लगाई
विज्ञान मेले में स्कूल और कॉलेज के छात्रों के नवाचार मॉडल के अलावा भोपाल और अन्य जिलों से आई संस्थाओं ने भी प्रदर्शनी लगाई थी। इसमें भोपाल श्रेणी में पहला पुरस्कार नगरीय प्रशासन की टीम, दूसरा पुरस्कार वर्धमान इंडस्ट्री और तीसरा पुरस्कार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय को दिया गया।
ग्रामीण तकनीक में नवाचार के मॉडलों को भी पुरस्कृत किया गया। पहला पुरस्कार पत्र-पत्रिकाओं के क्षेत्र में काम करने वाले एकलव्य फाउंडेशन, भोपाल को मिला। दूसरा पुरस्कार डॉ. अजय चौबे और तीसरा पुरस्कार पुरणलाल कुशवाह को ऊर्जा बचत मॉडल के लिए मिला।
