मेरे शब्दों की आवाज अब दूर तक जाने लगी


मेरे शब्दों की आवाज अब दूर तक जाने लगी है… कल तक जो खामोशी थी, आज वही भीड़ में बदल रही है।
मेरे पाठकों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, पर ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं… ये भरोसा है, जो आप सब मुझ पर कर रहे हैं।
6 लाख से ज्यादा व्यूज़…और एक पोस्ट पर 95 हजार लोगों का ठहर जाना, ये साबित करता है कि सच आज भी पढ़ा जाता है…बस उसे कहने का हौसला होना चाहिए।
मैं लिखता रहूंगा कभी व्यंग्य में,
कभी दर्द में, कभी सवाल बनकर…क्योंकि अब ये सफर अकेला नहीं रहा, आप सब साथ हो…और यकीन मानिए अब कलम रुकेगी नहीं।
