भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस की जनरेटर कार में धुआं
भोपाल रेलवे स्टेशन पर सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब भोपाल से जोधपुर जाने वाली भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस की जनरेटर कार से अचानक धुआं उठने लगा। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर हुई, लेकिन धुएं का असर इतना ज्यादा था कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 तक इसका गुबार पहुंच गया। इससे अन्य प्लेटफॉर्म पर बैठे यात्रियों को भी सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जनरेटर कार से अचानक तेज धुआं और हल्की आग की लपटें दिखाई दीं। देखते ही देखते पूरा स्टेशन धुआं-धुआं हो गया। हालांकि रेलवे स्टाफ और इंजीनियरिंग टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जनरेटर कार में हादसा भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता नवल अग्रवाल ने बताया कि ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने के दौरान पावर ऑन किया गया था, तभी जनरेटर कार में शॉर्ट सर्किट की वजह से धुआं निकलने लगा। प्रारंभिक जांच में तार जलने की बात सामने आई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इंजीनियरों की टीम जांच में जुटी हुई है।
यात्री नहीं थे मौजूद राहत की बात यह रही कि घटना के समय ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह लगी नहीं थी और उसमें यात्री मौजूद नहीं थे। यह ट्रेन शाम 4:50 बजे भोपाल से रवाना होती है। अधिकारियों के मुताबिक, वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रेन को समय पर रवाना करने की कोशिश की जा रही है।
करीब 20 मिनट बाद चला पता, तब तक फैल चुका था धुआं अधिकारियों की बातचीत में यह भी सामने आया कि शुरुआती कुछ मिनटों तक किसी को स्पष्ट रूप से आग या धुएं का अंदेशा नहीं हुआ। जनरेटर कार के अंदर तकनीकी गड़बड़ी धीरे-धीरे बढ़ती रही, लेकिन करीब 15-20 मिनट बाद जब धुआं तेजी से पूरे प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्र में फैल गया, तब कर्मचारियों और मौजूद लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। इसके बाद तुरंत फायर बूस्टर की मदद से आग पर काबू पाया गया।
अन्य प्लेटफॉर्म पर भी असर, यात्रियों को हुई परेशानी घटना के दौरान स्टेशन परिसर में धुएं का गुबार फैल गया, जिससे अन्य प्लेटफॉर्म पर बैठे यात्रियों को भी परेशानी हुई। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि स्थिति जल्द सामान्य कर ली गई।

फायर बूस्टर से बुझाई गई आग, बदला जाएगा इंजन अधिकारियों के मुताबिक, आग को फायर बूस्टर की मदद से तुरंत काबू में कर लिया गया। इसके बाद एहतियातन जनरेटर कार को अलग कर दिया गया और वैकल्पिक इंजन व पावर कार की व्यवस्था की जा रही है। बातचीत में यह भी सामने आया कि इंजन बदला जाएगा और तकनीकी जांच के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा।
आरकेएमपी यार्ड में ले जाई गई जनरेटर कार घटना के बाद क्षतिग्रस्त जनरेटर कार को हटाकर आरकेएमपी (रानी कमलापति स्टेशन) के पास खड़ा किया गया है, जहां इंजीनियरिंग टीम इसकी जांच कर रही है। सिग्नल क्लियर होने के बाद इसे यार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।

एलएचबी रैक में हाल ही में हुआ बदलाव बताया जा रहा है कि भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के रैक को करीब दस दिन पहले ही आईसीएफ से एलएचबी कोच में बदला गया है। इससे पहले यह ट्रेन पारंपरिक आईसीएफ कोच के साथ संचालित हो रही थी। एलएचबी कोच आधुनिक और ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं, हालांकि जनरेटर कार में हुई इस घटना की तकनीकी जांच अलग से की जा रही है।
तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद रवाना होगी ट्रेन रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन का निर्धारित समय शाम 4:50 बजे है। तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी होते ही ट्रेन को रवाना करने का प्रयास किया जाएगा, हालांकि इंजन और पावर कार बदलने की प्रक्रिया के चलते थोड़ी देरी संभव है।
रेलवे का दावा-देरी कम करने की कोशिश जारी
घटना के बाद तकनीकी जांच और इंजन व पावर कार बदलने की प्रक्रिया के चलते भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना होगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि प्रयास किए जा रहे हैं कि देरी को कम से कम रखा जाए, लेकिन फिलहाल ट्रेन के लेट होने की संभावना जताई जा रही है।
