राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता की अहम भूमिका:राजेश बादल
पत्रकार समाज के सच्चे प्रहरी: डॉ.नवीन आनंद
“जंप की राज्यस्तरीय कार्यशाला और सम्मान समारोह संपन्न”
गुना/भोपाल। जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ़ मध्य प्रदेश (जंप) ने 29 दिसंबर को आरोन तहसील, गुना में राज्यस्तरीय कार्यशाला और पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस आयोजन ने प्रदेशभर के 400 से अधिक पत्रकारों ने भाग लिया और पत्रकारिता में राष्ट्रवाद जैसे महत्वपूर्ण विषय पर खुला संवाद किया ।कार्यशाला के विषय “भारतीय पत्रकारिता में राष्ट्रवाद” पर गहन चर्चा करते हुए राज्यसभा टीवी के संस्थापक निदेशक राजेश बादल ने कहा, “पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहयोग देना भी है।”
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सुधीर सक्सेना ने लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया।भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नवीन आनंद जोशी ने पत्रकारों के कौशल विकास और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को विशिष्ट दर्जा बनाए रखने के लिए नैतिकता और जिम्मेदारी अनिवार्य है.
आयोजन में प्रदेशभर के 400 से अधिक पत्रकारों को ट्रॉफी, शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जंप के प्रांतीय अध्यक्ष और साधना न्यूज के चैनल हेड डॉ. अरुण सक्सेना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
विशेष अतिथियों में वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल, डॉ. सुधीर सक्सेना, राष्ट्रीय सचिव डॉ. नवीन आनंद जोशी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
श्रीराम मैरिज गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ 11 बजे हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह यादव को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के आयोजन में प्रांतीय संगठन सचिव राहुल सक्सेना, गुना जिला अध्यक्ष अंसार खान, जिला महासचिव हेमराज जाटव, आरोन ब्लॉक अध्यक्ष राकेश जैन, और अन्य पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जंप के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने कहा, “यह आयोजन न केवल पत्रकारों के सम्मान के लिए है, बल्कि एकजुटता और संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास है। यह प्रदेशभर के पत्रकारों को एक परिवार के रूप में जोड़ने की पहल है।”
इस आयोजन ने न केवल पत्रकारिता के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की, बल्कि राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका को भी सशक्त किया। “भारतीय पत्रकारिता में राष्ट्रवाद” पर हुई चर्चा ने पत्रकारिता के स्तर को ऊंचा करने और इसे समाज के विकास के लिए उपयोगी बनाने का संदेश दिया।
