भोपाल में विजयवर्गीय ने दिलाई सदस्यता; नगर निगम में अब भाजपा के 27 पार्षद, कांग्रेस अल्पमत में

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर कमलनाथ के गढ़ में कांग्रेस को झटका लगा है। छिंदवाड़ा नगर निगम के सात पार्षदों ने मंगलवार को भोपाल में भाजपा जॉइन कर ली। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रात को अपने बंगले पर सभी को सदस्यता दिलाई।
इन पार्षदों का कहना है कि कांग्रेसनीत नगर निगम में विकास कार्य नहीं हो पा रहे थे, इसलिए मजबूरीवश भाजपा में शामिल हुए हैं।
छिंदवाड़ा नगर निगम में कुल 48 वार्ड हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस के 27, भाजपा के 20 जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली थी। निर्दलीय चुने गए पार्षद ने बाद में कांग्रेस जॉइन कर ली थी। अब सात पार्षदों के पाला बदलने के बाद बीजेपी समर्थक पार्षदों की संख्या 27 हो गई है। वहीं, कांग्रेस पार्षदों की संख्या घटकर 21 रह गई है। ऐसे में निगम में कांग्रेस अल्पमत में आ गई है।
इन पार्षदों ने जॉइन की बीजेपी
धनराज भूरा भावरकर -वार्ड 45, लीना तरगाम- वार्ड 9, संतोषी वाडिवा- वार्ड 16, दीपा माहोरे- वार्ड 20, जगदीश गोदरे- वार्ड 23, रोशनी सल्लाम- वार्ड 1 और चंद्रभान उर्फ चंदू ठाकरे- वार्ड 33।

पार्षद बोले- नहीं हो पा रहे थे विकास कार्य
पार्षद जगदीश गोदरे ने दैनिक भास्कर से कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यों से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। कई दिनों से छिंदवाड़ा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो पा रहे थे। डेढ़ साल से हमारे कई बार कहने पर भी काम नहीं हो रहे थे।
कांग्रेस के निगम अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में
जगदीश गोदरे का कहना है कि नगर निगम में कांग्रेस अल्पमत में आ गई है। अब कांग्रेस को अध्यक्ष पद से हटना पड़ेगा। निगम में बीजेपी का अध्यक्ष बैठेगा।

महापौर को नहीं पड़ेगा फर्क
नगरीय विकास विभाग के अफसरों के अनुसार, पार्षदों के बीजेपी जॉइन करने के बाद महापौर के पद पर फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे सीधे तौर पर जनता से निर्वाचित हैं। अध्यक्ष का पद जरूर प्रभावित हो सकता है। बीजेपी को बहुमत मिलने की स्थिति बनने से परिषद के कामों में पार्षदों को साधना कांग्रेस महापौर की जिम्मेदारी होगी।
वैसे भी महापौर परिषद के माध्यम से शासन ने महापौर को बड़े वित्तीय अधिकार दिए हैं, इसलिए ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। महापौर सिर्फ उस स्थिति में हट सकते हैं, जब उनका कार्यकाल दो साल का हो जाए। पार्षदों द्वारा उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया जाए। फिलहाल महापौर का कार्यकाल दो साल का नहीं हुआ है।

जिला अध्यक्ष बोले- राजनीति में लोग व्यवसायिक हुए
कांग्रेस के छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे ने कहा- राजनीति में लोग व्यवसायिक हो चुके हैं। राजनैतिक मूल्यों में गिरावट आ चुकी है। कई लोग व्यवसायिक राजनीति कर रहे हैं।
