भारत जोड़ो न्याय यात्रा: राजा दिग्गी अपने गढ़ के फेविकोल (श्याम चोरसिया)
सीनियर ओर कांग्रेस के सर्वाधिक चर्चित,लोकप्रिय नेताओँ में से एक राजा दिग्गी अपने किले, कर्मभूमि राजगढ गुना में राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा सकुशल,ससम्मान, सम्पन्न कराने में कामयाब रहे। शाजापुर,देवास, उज्जैन की तरह गुना-राजगढ़ में कांग्रेस से पाला बदल बीजेपी के परचम थामने की होड़ नही लगी। स्तीफा देने वालो की झड़ी नही लगने से बीजेपी के मंसूबो पर पानी फिर गया।बीजेपी को यात्रा के पूर्व या दौरान कुछ नेताओँ के पाला बदलने की उम्मीद थी।
साफ जाहिर है। आज भी राजा के कद,प्रभाव की तूती राजगढ़ के पठारों में बोलती है। सेकड़ो विकास योजनाओ के बूते राजगढ़ तकदीर तस्वीर बदल चुकने के बाबजूद राजा के मुरीद कम नही हुए। इसका प्रमाण भारत जोड़ो न्याय यात्रा सम्पन्न करवाना है। बदलते समीकरणों में ये बड़ी उप्लब्द्धियो में गिनी जानी चाहिए।
वजह? यात्रा के के प्रवेश द्वार मुरैना,ग्वालियर,शिवपुरी,शाजापुर, देवास,उज्जैन,रतलाम,इन्दोर, धार,आगर में यात्रा के पूर्व ही सेकड़ो कांग्रेसी केशरिया हो गए थे। मगर राजगढ़,गुना अपवाद रहे। कमलनाथ के गढ़ छिन्दवाड़ा,बालाघाट तक मे पाला बदल का खेला हो चुका है। मगर राजगढ़,गुना ने राजा की नाक ऊंची ही रखी।
राहुल ने सिंधिया के गढ़ गुना में समय फूंकने की बजाय राजा की कर्मभूमि ब्यावरा में पीपल चौराहा पर इंजीनियर-व्यापारी युवक शैलेन्द्र नागर से रोचक सवाल जबाब किए। सवाल जबाब के दौरान प्रदेश चीफ जीतू पटवारी की बॉडी लेंग्वेज ओर फेस रीडिंग बहुत कुछ अलग बयान कर रही थी।बाजू में खड़े पटवारी थोड़ा पीछे खसक गए। बेतुके,अप्रसांगिक, असामयिक प्रश्नों का जमा भीड़ ने जम कर आनंद लिया।
खाट पंचायत में 02 सो खाटो में से 60 प्रतिशत खाटो पर गैर किसान जम गए।जिससे धार,इन्दोर,शाजापुर,आगर से बुलाए किसान खफा हो गए। हलाकि जमने वाले नेता भी किसान ही थे। लेकिन वे मेजवान थे। मेहमान टापते ही रह गए।
01 घण्टे चली खाट पंचायत में कांग्रेस के सत्ता में आने पर mnsp लागू करने का वायदा करने के अलावा किसानों के हितों के लिए लड़ी गयी गाथाओं का विस्तार से उल्लेख किया। अडानी अम्बानी के गठजोड़ को किसानों के हितों के खिलाफ बताया।
राहुल ने pm मोदी,बीजेपी, अडानी,अंबानी को आड़े हाथ लेने में कसर बाकी नही रखी।बीजेपी पर धर्म के नाम पर बांटने,नफरत फैलाने के गम्भीर आरोप जड़े।अपनी मोहब्बत की सजी दुकान के हर प्रोडक्ट की मार्केटिंग करके नफरत फैलाने वालों को जड़ से उखाड़ने,सबक सिखाने की अपील की।
ये बात अलग है। मोहब्बत की दुकान के इकलौते मालिक को शाजापुर औऱ उज्जैन में महाकाल दर्शन के दौरान मोदी के गगन भेदी जयकारों का सामना करना पड़ा।
यात्रा के राजस्थान प्रवेश तक मप्र,राजस्थान में बची खुची कांग्रेस इसी तरह से साबुत, जुड़ी रहेगी? ये समय के गर्भ में है।
