शिवराज से बोले सिंधिया- आपके सामने हम फीके हैं
जब मिल बैठे शिवराज, सिंधिया और कैलाश भोपाल में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के बेटे के सगाई समारोह में राजनीतिक हस्तियों का जमावड़ा लगा। इस दौरान सियासत के तीन धुरंधर- शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकात खास रही। तीनों नेताओं ने एक-दूसरे की जमकर तारीफ की और माहौल ठहाकों से गूंज उठा।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समारोह में पहुंचते ही सभी से गर्मजोशी से मिले। उन्होंने शिवराज सिंह को गले लगाया और उनकी जैकेट की तारीफ करते हुए कहा- आपका जैकेट बहुत जंच रहा है। इस पर पास में खड़े मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- आप आ रहे थे, इसलिए आपके अनुरूप पहना है। आपकी शान के मुताबिक पहना है।
सिंधिया ने कैलाश विजयवर्गीय की ड्रेस की भी तारीफ की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- एक तरफ आपका स्ट्राइप है, तो दूसरी ओर शिवराज सिंह का शानदार जैकेट। सिंधिया यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा- आपके सामने तो हम फीके पड़ जाते हैं।
वैसे, यह एक सौजन्य मुलाकात की तस्वीर है, लेकिन हर कोई इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहा है। सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा है।

महापौर ने नगर निगम कर्मचारी को धमकाया रीवा में गंदे पानी की शिकायत पर मौके का जायजा लेने पहुंचे महापौर अजय मिश्रा ने नगर निगम के एक कर्मचारी को फोन पर जमकर फटकार लगाई। इस दौरान उन्होंने तैश में आकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। घटना का वीडियो सामने आया है।
दरअसल, महापौर ने मौके पर देखा कि नाली के ठीक पास बोरवेल बनाया गया है, जिसके कारण दूषित पानी की समस्या उत्पन्न हो गई। इसे लेकर उन्होंने संबंधित कर्मचारी को फोन लगाया और नाराजगी जताते हुए कहा- यहां आ जाओ, तुम्हें इसी नाली में घुसेड़ दूंगा।
नगर निगम में विपक्ष की भूमिका निभा रही भाजपा ने इस मामले को लेकर महापौर पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा ने कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुरूप नहीं है और यह अहंकार को दर्शाती है। उन्होंने इसे अनुसूचित जाति समाज का अपमान भी बताया।
अब शहर में लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि यदि महापौर इसी तरह नियमित रूप से मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लें, तो शायद उन्हें इस तरह नाराज होने की नौबत ही न आए।

भाजपा विधायक ने संभाली ट्रैफिक की व्यवस्था सागर में भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ट्रैफिक पुलिस की भूमिका में नजर आए। दरअसल, शहर के एक इलाके में लंबा जाम लग गया था। बताया जा रहा है कि विधायक भी उसी जाम में फंस गए। फिर क्या था, वे खुद सड़क पर उतर आए और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने लगे।
उन्होंने वाहन चालकों को अपनी-अपनी लेन में चलने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की हिदायत दी। कुछ देर तक विधायक ने खुद मोर्चा संभालकर यातायात को सुचारु कराया।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस इलाके में जाम लगा, वहां लगभग हर रोज ऐसी ही स्थिति बनती है। अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि विधायक के एक दिन सड़क पर उतरने से क्या होगा। अगर इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाए, तभी बात बनेगी।

जलसंसाधन विभाग के दफ्तर पर कुर्की की कार्रवाई मंत्री तुलसी सिलावट के जल संसाधन विभाग की हालत ऐसी हो गई कि गुना में विभाग के कार्यालय पर कुर्की की कार्रवाई करनी पड़ी। कोर्ट की टीम दफ्तर से पंखे, कूलर, कंप्यूटर, टेबल-कुर्सियां और अन्य सामान जब्त कर अपने साथ ले गई।
दरअसल, एक किसान के खेत में बिना मुआवजा दिए नहर का निर्माण कर दिया गया था। अदालत के आदेश के बावजूद विभाग ने मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
खास बात यह है कि मामला करीब 20 साल पुराना है। विभाग किसान को महज 1 लाख 475 रुपए का मुआवजा तक नहीं दे पाया, जिसके चलते आखिरकार कोर्ट को सख्त कदम उठाना पड़ा।

इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), अभिलाष मिश्रा (रीवा), जितेंद्र तिवारी (सागर), आशीष रघुवंशी (गुना)
