गैस रिफिलिंग-कालाबाजारी करने वालों पर FIR होगी
भोपाल में गैस सिलेंडर की रिफिलिंग और कालाबाजारी के अलग-अलग मामलों में एफआईआर की तैयारी है। खाद्य विभाग ने विभिन्न थानों में केस दर्ज करने के लिए आवेदन दिए हैं। वहीं, एक गैस एजेंसी को सस्पेंड कर दिया गया।
फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि अप्रैल में टीमों ने निरीक्षण किया था। इस दौरान राजू मेवाड़ा निवासी बैरागढ़ चीचली को अवैध रूप से घरेलू गैस का भंडारण और रिफलिंग करते पाया गया था। सलमान खान निवासी जहांगीराबाद पर घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने पर कार्रवाई की गई थी। श्याम सिंह को घरेलू गैस का अवैध परिवहन किए जाने के कारण अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों का उल्लंघन होना पाया था। इस तीनों मामलों में थाने में केस दर्ज कराई जा रही है।
गैस की रिफिलिंग करते हुए पकड़ा था थाना कोलार क्षेत्र में नितेश पराड़कर, सनी उर्फ गोपाल प्रजापति एवं ऋषिराज कुशवाहा निवासी कोलार अवैध रूप से घरेलू गैस की रिफलिंग करते पकड़े गए थे। इसके अलावा 14 घरेलू गैस से संबंधित दर्ज प्रकरण में संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही विभाग ने मेसर्स सिद्वार्थ गैस एजेंसी से संबंधित दर्ज प्रकरण में एजेंसी को ऑयल कंपनी द्वारा निलंबित किया जाकर मेसर्स रघु इंडेन गैस एजेंसी से संलग्न किया गया है।

गैस सिलेंडर- होम डिलीवरी का चार्ज वसूलने पर नाराज लोग गोविंदपुरा स्थित जोहर गैस एजेंसी पर डिलीवरी चार्ज वसूले जाने पर हंगामा हो गया। यहां सिलेंडर लेने पहुंचे ग्राहकों ने एजेंसी कर्मचारियों को होम डिलीवरी का चार्ज देने से मना कर दिया, लेकिन कर्मचारी दवाब बनाने लगे। इस वजह से कुछ देर तक हंगामा हुआ। खाद्य विभाग को भी इसकी शिकायत की गई है।
ग्राहकों का कहना है कि होम डिलीवरी हो ही नहीं रही है तो फिर चार्ज कैसे दें। एजेंसी पर पहुंचकर होम डिलीवरी चार्ज के रूप में 34 रुपए देने से मना कर दिया था, लेकिन कर्मचारी दवाब बना रहे थे। इसलिए खाद्य विभाग को शिकायत की गई।
इससे पहले एयरपोर्ट रोड स्थित जानवी इंडेन गैस एजेंसी पर गुरुवार को फिर से हंगामा हो गया। रसोई गैस की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश सामने आया। करीब 200 लोग दिनभर सिलेंडर के इंतजार में एजेंसी के बाहर जुटे रहे और बाद में हंगामा हुआ। इस दौरान उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

उपभोक्ताओं का कहना है कि कई लोगों ने हफ्तों पहले, यहां तक कि एक महीने पहले सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई। गुरुवार को भी लोग संत आशाराम चौराहे के पास एजेंसी के ट्रक का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम 4 बजे तक सप्लाई नहीं पहुंची, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
मामले की सूचना मिलते ही जिला आपूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद ऑयल कंपनी ने लंबित सिलेंडरों का लॉट जारी किया और देर शाम वितरण शुरू कराया गया।
होम डिलीवरी बंद, ट्रक से वितरण पर सवाल उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब डिलीवरी चार्ज लिया जा रहा है, तो होम डिलीवरी क्यों नहीं की जा रही। लोगों को एजेंसी या ट्रक से ही सिलेंडर लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
कई एजेंसियों में यही हाल बताया जा रहा है कि शहर की आधा दर्जन से अधिक गैस एजेंसियों पर इसी तरह की समस्या बनी हुई है। उपभोक्ताओं के अनुसार, 920 रुपये तक भुगतान करने के बावजूद उन्हें घर तक सिलेंडर नहीं मिल रहा। टीला जमालपुरा निवासी कुलदीप ने बताया कि 8 दिन पहले बुकिंग कराने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। वहीं सुभाष सेन का कहना है कि वे पिछले 6 दिनों से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा।

अधिकारियों और संचालक का पक्ष गैस एजेंसी संचालक शुभम बांधेवाल के अनुसार, लॉट देर से मिलने के कारण यह स्थिति बनी थी, लेकिन अब सिलेंडरों का वितरण शुरू कर दिया गया है और बाकी उपभोक्ताओं को जल्द होम डिलीवरी दी जाएगी। वहीं, जिला आपूर्ति अधिकारी चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि शिकायत मिलने पर टीम भेजी गई थी और अब स्थिति सामान्य की जा रही है।
