हे भगवान यह क्या हो रहा है, हमारे समाज में…….

0
Spread the love

हे भगवान यह क्या हो रहा है,
हमारे समाज में…….

कल राजा भोज क्लब अरेरा कॉलोनी ,भोपाल मे एक कार्यक्रम मे भोपाल शहर के लावारिश तथा अंतिम संस्कार मे असमर्थ लोगो के अंतिम संस्कार करवाने के लिये समर्पित संस्था “जनसंवेदना ट्रस्ट ” के संस्थापक अध्यश श्री राधेश्याम अग्रवाल जी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ

अस्सी वर्षीय श्री राधेश्याम अग्रवाल जी अब तक भोपाल शहर में लगभग दस हजार लावारिस लोगों का अंतिम संस्कार समर्पित भाव से करवा चुके हैं

श्री अग्रवाल जी ने बताया कि मैं पिछले 21 सालों से लावारिस तथा अंतिम संस्कार के लिए असमर्थ लोगों का अंतिम संस्कार निशुल्क करवा रहा हूं ,लेकिन अभी जो समाज में बदलाव आ रहा है उसे देखकर मै अचंभित हूं,बड़े-बड़े धनवान लोगों के विदेशो में रह रहे बच्चे फोन कर के कहते हैं दादाजी ,
हमारे पिताजी का भोपाल में निधन हो गया है ,आप उनका अंतिम संस्कार करवा दीजिएगा पैसे हम आपके अकाउंट में डाल देंगे ,
इन्ही इंजीनियर ,डॉक्टर , आईआईटीयन बच्चों के लिए उनके माता-पिता जी ने गर्व से समाज को बताया होगा कि हमारे बच्चे विदेश में रहते हैं और लाखो डालर कमाते है
भोपाल के प्रतिष्ठित कॉलोनी वैशाली नगर में सेवानिवृत एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी की पत्नी का निधन हो गया , उनके पास कोई नही था, न तो रिश्तेदार और आसपड़ोस के लोग ,स्थानिय थाने की पुलिस ने दादा को फोन करके उनकी धर्मपत्नी का अंतिम संस्कार का आग्रह किया, जनसंवेदना की टीम ने तत्काल जाकर उन्की धर्मपत्नी का अंतिम संस्कार करवाया
यही भोपाल की प्रतिष्ठित अरेरा कॉलोनी में रहने वाले अपने समय के रसूखवाले एक वरिष्ठ सेवा निवृत आईएएस अधिकारी ने स्वयं और अपने पत्नी के नाम से संस्था में धनराशि जमा करवाई है कि अगर हम लोग मर जाए तो हमारा अंतिम संस्कार कर दीजिएगा, क्योंकी हमे पता है हमारा अंतिम संस्कार कोई नहीं करेगा

यह बड़े बड़े वातावरणनुकूलित बंगलो मे रहने वाले बड़े-बड़े साहब लोग और धन्ना सेठ जब अपने उत्कर्ष पर होते हैं तो आम आदमी अपने पैरो की जुति और अपने परिवार के सदस्यों को कुछ नहीं समझते है, परिणाम सामने है ….?

कई बार जनसंवेदना केंद्र ट्रस्ट के कार्यालय में बुजुर्ग माता-पिता फोन करके बताते हैं कि हमारे बच्चे हमें पीट रहे हैं ,हमें बचाइये यह बात अब सामान्य हो गई है

अग्रवाल जी का कहना है कि पहले सालो मे एदाकदा ऐसे एक दो प्रकरण आते थे, जिसमे बच्चों द्वारा अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार के लिए मना कर दिया जाता था या इग्नोर कर दिया जाता था ,लेकिन अब तो इस तरह के प्रकरण आम हो गए

क्या हमारे युवा पीढ़ी इतनी निष्ठुर और क्रूर और असंवेदनशील , प्रोफेशनल हो गई है…….

आज समाज की स्थिति देखते हुए मैं अपने मित्रों से कहना चाहता हूं अगर आपके बच्चे आपका ख्याल रखते हैं और आपकी देखभाल करते हैं तो आप इस दुनिया के सबसे सुखी व्यक्ति है

अस्सी वर्षीय श्री राधे श्याम अग्रवाल जी जैसे लोग आज हमारे हमारे समाज के आधारस्तंभ और आदर्श है,
भगवान उन्हें सदैव स्वस्थ , और आनंदित रखें

हमेशा ऐसे व्यक्ति को संभाल के रखिए…
जिसने आपको ये तीन भेंट दी हो –
साथ….
समय
और समर्पण…..

जयदीप सिंह चौहान
भोपाल, मध्य प्रदेश
🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481