जबलपुर में 2 महीने में 700 एक्सीडेंट, 100 मौतें
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे अब चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। जनवरी से फरवरी के बीच महज दो महीनों के 59 दिनों में जिले में 700 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं हैं। इनमें 100 लोगों की मौत हो गई। 779 लोग घायल हुए हैं।
यानी हर दिन 11 हादसे हुए हैं। ये आंकड़े केवल वे हैं, जिनकी जानकारी पुलिस तक पहुंची है। कई छोटे हादसे ऐसे भी रहे, जिनमें लोग मामूली चोट लगने के कारण अस्पताल नहीं पहुंचे और मामले दर्ज ही नहीं हुए हैं।
तीन दिन पहले सिवनी के तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत हुई है। इसके बाद दैनिक भास्कर ने बढ़ते हादसों की जानकारी जुटाई। पड़ताल में सामने आया कि ट्रैफिक व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है। अधिकांश ट्रैफिक सिग्नल बंद पड़े हैं। हादसे रोकने के लिए जरूरी संकेतक, ब्लिंकर्स, रिफ्लेक्टर और प्री-फैब्रिकेटेड डिवाइडर भी कई जगहों पर नहीं हैं।

41 ब्लैक स्पॉट चिन्हित, सुधार की तैयारी
बढ़ते हादसों को देखते हुए प्रशासन ने जिले में 41 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए पुलिस और नगर निगम मिलकर रोड मैप तैयार कर रहे हैं, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
रानीताल चौराहा सबसे खतरनाक
शहर के सबसे खतरनाक चौराहों में रानीताल चौराहा शीर्ष पर है, जहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा बलदेवबाग और उखरी तिराहा भी दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के निर्देश तो दिए गए, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है।
ये हैं प्रमुख ब्लैक स्पॉट
जिले के प्रमुख दुर्घटना संभावित स्थानों में पौढ़ी, राजघाट, कटंगी, करौंदानाला, अधारताल, रिछाई तिराहा, बरेला, पाटन बाइपास, नुनसर पाटन, अमझर घाटी, बंजारी माता मोड़, कृषि उपज मंडी से दीनदयाल चौक, रद्दी चौकी, कुशनेर, अंधमूक बाइपास, सूपाताल (रामायण मंदिर के सामने) और कटंगा तिराहा से बंदरिया तिराहा तक के क्षेत्र शामिल हैं।

हादसे रोकने के लिए प्रशासन ने ये फैसले लिए
- सभी ब्लैक स्पॉट पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे।
- संकेतक, ब्लिंकर्स, रिफ्लेक्टर और डिवाइडर स्थापित किए जाएंगे।
- डिवाइडरों की रंगाई-पुताई और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था होगी।
- जरूरत के अनुसार सर्विस रोड बनाई जाएगी।
- अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
- अवैध पार्किंग पर सख्ती और भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाएंगे।
- आईएसबीटी क्षेत्र में बस खड़ी करने पर 10,000 रुपए जुर्माना लगाएंगे।
- सड़क पर खड़े दोपहिया वाहनों को हटाया जाएगा।
- ट्रांसपोर्ट नगर को बलदेवबाग से चंडालभाटा शिफ्ट किया जाएगा।

मेंटेनेंस की कमी से बंद हैं सिग्नल
एएसपी अंजना तिवारी ने माना कि हाल के दिनों में सड़क हादसों में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। हाल ही में बरगी में हुए हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तीन युवक लापरवाही से बाइक चलाते हुए खड़े ट्रक से टकरा गए थे, जिसमें उनकी मौत हो गई।

