? कही सुनी / कीर्ति राणा ?
?प्रदेश अध्यक्ष को पहली बधाई इंदौर से !
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद हेमंत खंडेलवाल को बधाई का पहला होर्डिंग्ज इंदौर में लगा और वह भी वर्तमान नहीं, पूर्व नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे द्वारा । भाजपा में खलबली मचना स्वाभाविक थी कि नगर भाजपा तो ठीक प्रदेश भाजपा के नेताओं से पहले इस बधाई के बहाने रणदिवे और सावन सोनकर की जोड़ी क्या संदेश देना चाहती है।नगर भाजपा से जुड़े नेता इस खोजबीन में लग गए कि नव निर्वाचित अध्यक्ष खंडेलवाल से रणदिवे के रिश्ते कैसे और कितने पुराने हैं।रणदिवे ने अध्यक्ष को सबसे पहले बधाई देकर यह तो बता ही दिया कि प्रदेश अध्यक्ष संगठन का चेहरा होता है जो सामान्य कार्यकर्ता में भी जोश भरता है ऐसे में बधाई देने में शुभ लाभ का गणित तलाशने का औचित्य नहीं।
सर्वानुमति से अध्यक्ष बने खंडेलवाल के पहले भाषण की यह सलाह सामान्य कार्यकर्ताओं को तो पसंद आई है कि जो अच्छा काम करेगा, उसका सम्मान होगा और जो दाएं-बाएं करेगा उसे दिक्कत होगी। भाजपा मेरे रग-रग में है। कार्यकर्ताओं के सम्मान में कोई कमी नहीं होगी। हर कार्यकर्ता को उनकी क्षमता के अनुसार काम मिलेगा।
खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के बाद नरोत्तम मिश्रा सहित अन्य दावेदारों की हसरत पर भी पानी फिर गया है, जो यह सपना देख रहे थे कि सत्ता में पॉवरफुल नहीं बन सके तो संगठन अध्यक्ष का पद मिला तो अपना पॉवर दिखाएंगे।
?ये भैया तो टी शर्ट में घूमता
भाजपा महिला मोर्चा की ओर से भोपाल में आयोजित मॉक पार्लियामेंट में मुख्यमंत्री ने
छात्राओं से पूछ लिया पूरी पार्लियामेंट में भाई का या बहन का शुभ वस्त्र क्या है? एक छात्रा ने कहा- कुर्ता पजामा और साड़ी। अब सीएम के निशाने पर राहुल गांधी थे, बोले ये भैया तो टीशर्ट में ही घूमता रहता है। पता नहीं कहां की बुद्धि लेकर आए। क्या बोलते हैं खुद को ही मालूम नहीं। किसको बोलते हैं ये भी मालूम नहीं।
?वो लाल किताब जरूर पढ़ें
आपात्तकाल के 50 साल पर बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने हर सभा में लाल किताब लहराने वाले कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा है कि वो लाल किताब जरूर पढ़ें, संविधान की हत्या किसने की वो उस किताब में साफ लिखा है । उस समय न कोई वकील बचा था न अपील बची थी। न्याय व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। प्रचार व्यवस्था, मीडिया की व्यवस्था भी ध्वस्त थी। भाजपा के पहले के दल जनसंघ ने उस दौर की लड़ाई लड़ी। भाजपा ने ही बताया कि लोकतंत्र बचेगा, देश रहेगा तो हम रहेंगे। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए भाजपा ने व्यवस्था बनाई।
?सीएम से भी मिले, हुआ कुछ नहीं
जिला पंचायत सतना में सीईओ संजना जैन के खिलाफ भाजपा समर्थित 9 सदस्यों ने दो घंटे तक धरना दिया। प्रदर्शनकारी सदस्यों का आरोप है कि सीईओ मनमानी करती हैं, उनकी बात नहीं सुनतीं और जनहित योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर रहीं।प्रदर्शन के दौरान एसडीएम सिटी ने मध्यस्थता कर सभी सदस्यों को कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से मिलवाया। यह विवाद पिछले छह महीने से चल रहा है। भोपाल में मुख्यमंत्री से भी ये सदस्य मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं निकला।
?आखिरकार सरेंडर हो गए !
ग्वालियर में दुष्कर्म के आरोप में फरार चल रहे तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान ने आखिरकार जिला अदालत में सरेंडर कर दिया है। शत्रुघ्न सिंह पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। खुद को चौहान की चौथी पत्नी बताने वाली महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
ग्वालियर महिला थाने में दर्ज इस मामले के बाद से तहसीलदार फरार चल रहा था, जिसके चलते पुलिस ने इनाम घोषित किया था। साथ ही, पीड़िता ने भी आरोपी की सूचना देने पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
?अंधेरगर्दी देखने पहुंची रोशनी
धार में निजी स्कूलों और बुक स्टोर्स की सांठगांठ की लगातार शिकायतें मिलने के बाद एसडीएम रोशनी पाटीदार के नेतृत्व में जांच दल ने दो दिन ग्राहक बनकर बुक स्टोर्स और दुकानों पर पहुंचकर कार्रवाई की। जिसमें प्राइवेट स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं की मिलीभगत उजागर हुई है। एसडीएम ने प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को भेज दिया है।
?मंत्री निकले और सड़क धंसी
ग्वालियर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जैसे कद्दावर नेताओं का गृहनगर है। यह जानते हुए भी 18 करोड़ की लागत से बनी सड़क 15 दिन में ही धसकने लग जाए तो मान कर चलना चाहिए सड़क बनाने वाला ठेकेदार या तो इन नेताओं से बड़े वाला है या आशीर्वाद कैसे मिलता है यह जानता …
[7:54 am, 8/7/2025] Radhey Shyam Agrawal: बड़ी राहत! भोपाल के नरेला में बिजली विभाग की तत्परता से टला बड़ा खतरा
भोपाल के नरेला क्षेत्र में स्थित हाउसिंग बोर्ड गैस राहत कॉलोनी में बिजली के खंभों से करंट फैलने का गंभीर मामला सामने आया था, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी चिंता व्याप्त थी। बिजली के खंभों में इतना करंट दौड़ रहा था कि वह पानी और जमीन में भी फैल रहा था, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। हैरानी की बात यह थी कि बिजली विभाग के अधिकारी इस गंभीर खतरे को देखने के बाद भी अनदेखा कर रहे थे, मानो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रहे हों।
ATN News की पहल, अधिकारियों का त्वरित एक्शन
लेकिन, ATN News ने इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। खबर प्रसारित होने के बाद, बिजली विभाग के अधिकारियों ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। अधिकारियों की निष्ठा और ईमानदारी का प्रमाण तब मिला जब सुबह 10 बजे ही एक टीम उस स्थान पर पहुँच गई जहाँ करंट फैलने की समस्या थी। टीम ने बिना किसी देरी के तुरंत लाइन को काटकर आवश्यक कार्य शुरू किया और इस बड़े खतरे को टालते हुए लोगों की जान बचाई।
स्थानीय निवासियों की राहत और आगे की अपेक्षा
यह खबर स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से इस खतरे से जूझ रहे थे। अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें खंभों के चारों ओर कांटे तक रखने पड़ रहे थे, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि बिजली विभाग को उनकी परवाह नहीं है।
अब यह देखना होगा कि बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस लापरवाही के लिए क्या कार्रवाई करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों। फिलहाल, ATN News की सक्रियता और बिजली विभाग की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया है, जो निश्चित रूप से एक अच्छी खबर है।
