भोपाल का लगभग 200 साल का प्रशासनिक इतिहास

भोपाल रियासत की सियासत का मुख्य केंद्र जिसने भोपाल का लगभग 200 साल का प्रशासनिक इतिहास देखा है , इस ऐतिहासिक “सदर मंजिल” में कई सालों तक नगर निगम का मुख्यालय रहा,मेने 1981 में अपनी नौकरी की आमद बतौर सिविल इंजीनियर इसी सदर मंजिल में दी थी को हेरिटेज होटल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया तो इतनी शानदार राजस्थानी एवं मुस्लिम आर्किटेक्चर से निर्मित मेहराबों की शाही ईमारत सदर मंजिल को भोपाल स्मार्ट सिटी के द्वारा एक निजी होटल ग्रुप को लीज पर दे दिया है। इस होटल की विशेष बात है कि पुराने निर्माण में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और यहां मैनेजर से लेकर वेटर तक महिलाएं मुस्तैदी से पूर्ण विनम्रता से आवाभगत के लिए तैयार हैं,हमने सदर मंजिल के कोने-कोने को देखा,वो जगह देखी जहां पर बैठकर मैंने अपनी नोकरी की थी।सुश्री अमृता सिंह जो वहां मैनेजर हैं उन्होंने बताया कि यहां का शाकाहारी भोजन यहां की विशेषता है,हमने वहां पर शाही स्वादिष्ट डिनर का आनंद लिया और एहसास किया उस शाही अंदाज का और शाही महल का और शानदार नक्काशी का खूबसूरती का।
आप भी कभी तशरीफ़ लाइए सदर मंजिल में।
