हिमंता बोले- कांग्रेस वाले मेरे दोस्त, राहुल की यात्रा से BJP के वोट बढ़ेंगे
सम के CM हिमंता बिस्वा सरमा, जितने पॉपुलर, विवादित बयानों की वजह से उतने ही चर्चित। 24 अप्रैल को नगांव में चुनावी रैली में बोले- ‘असम में हिंदू हो या मुसलमान, सबकी जुबान पर एक ही नारा है- अबकी बार 400 पार।’ जीत का दावा बेवजह नहीं है। असम में ही NDA को 14 में से 11 सीटें मिलती दिख रही हैं। इसकी वजह हिमंता की पॉपुलैरिटी है।
राज्य में 3 फेज में चुनाव हैं। 2 फेज हो चुके हैं, 7 मई को आखिरी फेज की वोटिंग होगी। हिमंता बिस्वा सरमा खुद 14 में से 13 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं। एक सीट क्यों हार रहे हैं, इसकी वजह भी बता रहे हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से लेकर कांग्रेस के मैनिफेस्टो और UCC पर दैनिक भास्कर ने उनसे बात की।
सवाल: असम में BJP कितनी सीटें जीत रही है?
जवाब: BJP 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। ये 11 सीटें तो हमारी पक्की हैं। हम 13 सीटें जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
सवाल: पूरी 14 सीटें क्यों नहीं जीतनी हैं?
जवाब: अभी संभव नहीं है। 5 पांच साल बाद आप मुझसे पूछोगे तो संभव होगा। मैं असंभव के पीछे क्यों जांऊ। वहां भी मैं प्रचार करूंगा। वहां भी लोग हमें प्यार-मोहब्बत देंगे, लेकिन इस वक्त हम वहां जीतने की सिचुएशन में नहीं है। अभी बेकार में कोई दावा क्यों करूं।

सवाल: असम में दूसरे फेज में जिन सीटों पर चुनाव हुआ, वहां 50% मुस्लिम वोटर हैं। क्या आपको उनके वोट मिलेंगे?
जवाब: वोट मिल भी सकते हैं और नहीं भी मिल सकते हैं। उनका मन है। अगर उन्हें लगता है कि हमने ठीक काम किया है, तो जरूर वोट करेंगे।
सवाल: हिंदी बेल्ट में आपकी सरकार की ऐसी इमेज है कि वो मुसलमानों पर अत्याचार करती है। हालांकि, ग्राउंड पर मुस्लिम कम्युनिटी के लोग आपकी तारीफ करते दिखे?
जवाब: नहीं, मुझसे नाराजगी क्यों होगी। असम बहुत शांत प्रदेश है। यहां क्राइम बहुत कम हो गया है। इसके अलावा लोगों में भाईचारा है, शांति का माहौल है। मुझे ये फीडबैक मिला है कि सभी धर्मों के लोग BJP को वोट करेंगे।
सवाल: कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहा था कि जब BJP की नाव डूबेगी तब आप सबसे पहले पार्टी छोड़ेंगे?
जवाब: ठीक है, नाव डूबने में कम से कम 100 साल लगेंगे। मुझे लगता है कि 500 साल भी लग सकते हैं और तब तक मैं दुनिया में नहीं रहूंगा।

सवाल: प्रधानमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस सत्ता में आई तो महिलाओं के मंगल सूत्र भी छीन लिए जाएंगे?
जवाब: प्रधानमंत्री का बयान एकदम ठीक है, क्योंकि कांग्रेस वाले खुद ही बोल रहे हैं कि वो फाइनेंशियल रीडिस्ट्रिब्यूशन करेंगे। मान लीजिए अगर मेरे पास कोई गहना है, फिर चाहे वो मंगलसूत्र हो या सोना हो। उसे मैं अपने बेटे या बेटी को देता हूं तो मुझे 50% टैक्स देना होगा। इसका मतलब है कि ये लोग पूरा तो नहीं छीनेंगे, लेकिन आधा छीनकर ले जाएंगे। ये कांग्रेस का ही बयान है।
सवाल: राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा असम से भी निकली थी। उसका कुछ फर्क पड़ेगा?
जवाब: बहुत फर्क पड़ेगा। हमारा वोटिंग परसेंटेज बढ़ेगा।

सवाल: कांग्रेस आरोप लगाती है कि बदरुद्दीन अजमल जिस हेलीकॉप्टर से कैंपेन कर रहे हैं, वो आपका दिया हुआ है। ये सच है क्या?
जवाब: अजमल साहब के हालात अगर इतने खराब हैं तो मैं उन्हें 2 हेलीकॉप्टर देने के लिए तैयार हूं। अगर सच में उनकी हालत इतनी खराब है तो वो चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। रही बात लोगों की तो वे ये भी कह रहे हैं कि कांग्रेस के पास भी मेरा हेलीकॉप्टर है।
सवाल: हमने बदरुद्दीन अजमल का इंटरव्यू किया है। वे आपकी तारीफ कर रहे थे। इसकी क्या वजह है?
जवाब: मेरी तारीफ तो सब करते हैं। कांग्रेस वाले तो रोज तारीफ करके BJP जॉइन कर रहे हैं। अभी मैं कांग्रेस के एक नेता के घर से ही आ रहा हूं। मेरे सबके साथ अच्छे रिलेशन हैं। मैं किसी के खिलाफ नहीं बोलता हूं।
सवाल: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री बदले गए क्योंकि वे पॉपुलर थे। आप भी पॉपुलर हैं। अगर BJP आपके साथ ऐसा करती है तो क्या करेंगे?
जवाब: बहुत बढ़िया हो जाएगा। अगर मोदी जी बोलते हैं कि तुम मुख्यमंत्री न बनो, कार्यकर्ता बनो। मोदी जी हमें जिस काबिल समझेंगे, हमें वही काम करना है।

सवाल: अगर PM मोदी चाहेंगे तो आप पद छोड़ देंगे?
जवाब: ये बोलने की भी जरूरत नहीं है। उससे पहले मैं छोड़ दूंगा।
सवाल: आपने कांग्रेस के मैनिफेस्टो को पाकिस्तान का मैनिफेस्टो बता दिया, ऐसा क्यों?
जवाब: वो तो है ही न। हमारे संविधान के डायरेक्टिव प्रिंसिपल में लिखा है कि सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि देश में यूनिफार्म सिविल कोड लाया जाए। कांग्रेस बोल रही है कि हमें नहीं लाना है। इसका क्या मतलब है, शरिया कानून चलेगा क्या। शरिया तो पाकिस्तान में चलता है, ये भारत में नहीं चलेगा।
सवाल: कांग्रेस आरोप लगा रही है कि संविधान बदल दिया जाएगा?
जवाब: संविधान बदलने की जरूरत नहीं है। UCC संविधान में ही है। गौ हत्या नहीं होनी चाहिए, ये भी संविधान में ही है। भारत के संविधान में वो सब कुछ है, जो BJP करना चाहती है। अंबेडकर जी देश के लिए सब करके गए हैं और BJP वही फॉलो कर रही है।

सवाल: UCC से ट्राइब्स को कोई खतरा है?
जवाब: ट्राइब्स तो इससे बाहर हैं। उत्तराखंड में भी UCC का बिल आया, लेकिन ये शेड्यूल्ड ट्राइब्स पर लागू नहीं होता। हमारे देश में ट्राइब्स की एक परंपरा है। वे अपनी परंपरा के हिसाब से चलें। हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम तो खुश होते हैं अगर वो अपनी परंपरा को साथ लेकर चलते हैं। हमने इसके लिए अलग डिपार्टमेंट खोल रखा है कि ट्राइब्स की परंपरा और संस्कृति बनी रहे। वो किसी और धर्म में न जाएं।
सवाल: असम में लोग बेरोजगारी से परेशान हैं। मिजोरम और अरुणाचल में भी असम के लोग काम करते मिल जाते हैं।
जवाब: देश के हर कोने में असम के लोगों को जाना चाहिए। मैं तो गर्व करता हूं कि असम के लोग कर्नाटक में भी मिलते हैं, आंध्रप्रदेश में भी मिलते हैं, क्योंकि ये हमारा देश है। बंगाल और कर्नाटक के लोगों को भी असम आना चाहिए।
ये देश मेरा है। मैं कर्नाटक में भी बोलता हूं और महाराष्ट्र जाकर भी बोलता हूं। असम के लोगों को बंगाल, बंगाल के लोगों को बिहार और बिहार के लोगों को राजस्थान जाना चाहिए। इसमें तो कोई बात ही नहीं आनी चाहिए। भारत माता की जय।

सवाल: लोकल मुद्दों पर ज्यादा वोट डाले जाएंगे या फिर प्राइम मिनिस्टर के चेहरे पर?
जवाब: ये चुनाव ही प्रधानमंत्री जी का है। लोकल मुद्दा केक होता है। केक में आइसिंग हो जाती है। कुछ-कुछ लोकल मुद्दे होंगे। सरकार ने रास्ता बना दिया। अस्पताल बना दिया। मेडिकल कॉलेज बना दिया। उसकी वजह से फील गुड फैक्टर होगा।
ये केक के ऊपर आइंसिंग जैसा है, लेकिन जो केक है, वो मोदी जी का है। पार्टी पूरा चुनाव मोदी जी के व्यक्तित्व, उनके नेतृत्व और विजन पर लड़ रही है।
सवाल: नॉर्थ ईस्ट में आप पार्टी को कितनी सीटें जीतते देख रहे हैं?
जवाब: मैं तो पहले से मान कर चल रहा हूं कि नॉर्थ-ईस्ट में NDA गठबंधन को 22 सीटें मिलनी चाहिए।
सवाल: कौन सी सीटें हार रहे हैं?
जवाब: ये मत पूछिए। लोग आहत हो जाएंगे कि एक मुख्यमंत्री बोल रहा है कि मैं नहीं जीतूंगा। लोगों को आहत करना मेरा काम नहीं है। आपने मुझसे असेसमेंट मांगा तो मैंने दिया।

सवाल: असम के बाहर आपकी एक भी रैली नहीं हुई है। क्या आप स्टेट के बाहर कैंपेन करेंगे?
जवाब: 7 मई को तीसरे फेज की वोटिंग के बाद असम के बाहर जाऊंगा। असम मेरी पहली जिम्मेदारी है, इसलिए एक बार असम का चुनाव हो जाए। इसके बाद ही बाहर जाने का टाइम मिलेगा।

