एमपी से गुजर रही टर्फ, आंधी-बारिश का दौर
मध्यप्रदेश में लगातार 20वें दिन मंगलवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 40 जिलों में तेज आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
इधर, रीवा के जवा तहसील के चटेह गांव में आज सुबह करीब 7 बजे बिजली की तार की चपेट में आने से 59 साल के किसान गोपीकृष्ण मिश्रा की मौत हो गई। हादसे में उनकी दो भैंसें भी मर गईं।
स्थानीय लोगों ने मुताबिक सोमवार को आए आंधी-तूफान में कई पेड़ों के साथ बिजली के पोल और लाइनें टूट गई थीं। इसमें चटेह गांव के पास से गुजर रही 11 केवी की विद्युत लाइन भी टूटकर जमीन पर गिर गई थी।
इससे पहले सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। इंदौर के महू और बड़वानी में तो घरों की टिन शेड भी उड़ गईं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है।

30 से 50Km/प्रतिघंटा रहेगी आंधी की रफ्तार मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी।
इंदौर के महू में घरों की टिन उड़ी, 15 जिलों में बारिश इससे पहले सोमवार को भी आंधी, बारिश का दौर जारी रहा। इंदौर के महू में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की टिन उड़ गईं। भोपाल में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। देवास, दमोह, गुना सागर, छिंदवाड़ा, रायसेन, बड़वानी, मऊगंज, रतलाम और बीना में भी पानी गिरा। सीधी में सवा इंच पानी गिर गया। शिवपुरी में आधा इंच बारिश हुई।
बड़वानी के सेंधवा ब्लॉक के बिजासन घाट क्षेत्र में आधे घंटे आंधी से कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं। मंदिर क्षेत्र में लगी गुमटियां भी उड़ गईं। एक मकान की दीवार भी गिर गई। दमोह में तेज हवा की वजह से बिजली गुल हो गई। महू में मध्य भारत अस्पताल में एक पेड़ शेड पर गिर गया। जिससे दो युवक घायल हो गए। सीधी जिले में एक नाबालिग बालक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में गंभीर रूप से झुलस गया।
खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री पहुंचा प्रदेश में सोमवार को तेज गर्मी, आंधी और बारिश का दौर रहा। छतरपुर जिले के खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीजन में पहली बार इतना पारा पहुंचा है। वहीं, नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री रहा।
इसी तरह सतना में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री, गुना में 42.7 डिग्री, सागर में 41.7 डिग्री, रीवा में 41.4 डिग्री, मंडला में 41 डिग्री, शाजापुर में 40.8 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, रतलाम में 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 40.2 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
एमपी में सोमवार को आंधी, बारिश की 6 तस्वीरें…






कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया, प्रदेश में अभी साइक्लोनिक सकुर्लेशन और टर्फ की एक्टिविटी है। इनकी वजह से अगले कुछ दिन तक बारिश और आंधी का असर बना रहेगा। कुछ जिलों में तेज बारिश भी हो सकती है।
एमपी में कितना तापमान, ग्राफिक्स से जानिए…


मई में बारिश-आंधी का दौर, दूसरे पखवाड़े में गर्मी का असर मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलती हे तो रातें भी गर्म रहती हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग रहा। लगातार 19 दिन तक बारिश हुई है। ऐसे में रविवार-सोमवार से गर्मी ने असर दिखाना शुरू किया। खासकर छतरपुर जिले के खजुराहो-नौगांव, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, उज्जैन, निवाड़ी, नीमच, मंदसौर में गर्मी का असर रहा। अगले कुछ दिन तक बारिश का दौर बना रहेगा। इसके बाद ही गर्मी का असर तेज होने की संभावना है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहेगी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने के आखिरी दिनों में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है।
अप्रैल में भी बारिश-गर्मी का असर रहा अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही।
दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा।
तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली।
वहीं, आखिरी सप्ताह में प्रदेश में ओले, बारिश का दौर शुरू हो गया। 25 अप्रैल के बाद से ऐसा मौसम रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के एक्टिव होने से ऐसा हुआ।
अब जानिए, 10 साल में कितना पारा…
भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड राजधानी में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो पिछले 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
पिछले साल 26 मई को पारा 45.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। यह 10 साल में छठवां 45 डिग्री से अधिक तापमान रहा। इस साल बारिश भी हुई थी। इस बार भी बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि, पारे में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई, लेकिन आखिरी सप्ताह में तेज गर्मी का असर रहने का अनुमान है।

इंदौर में 3 इंच गिर चुका पानी मई के महीने में इंदौर में भी पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। 2023 में पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। साल 2024 में भी तेज गर्मी रही थी। अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं, बारिश का दौर भी चला था।
इस साल मौसम का मिजाज मिला-जुला रहा। मई में ही यहां करीब 5 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, 121 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी भी चल चुकी है। जिससे पारे में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन आखिरी दिनों में गर्मी बढ़ सकती है।

ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में मई की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां एक बार 47 डिग्री और 3 बार पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 में 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था। पिछले साल की बात करें तो पारा 47.6 डिग्री दर्ज किया गया था। हालांकि, बारिश नहीं हुई थी।
इस बार आंधी-बारिश का दौर जारी है। वहीं, दिन का तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने मई के आखिरी सप्ताह में यहां भीषण गर्मी का असर रहने का अनुमान जताया है।

जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड, इस बार बारिश जबलपुर की बात करें, तो यहां मई में पारा 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है। 25 मई 1954 को इतना टेम्प्रेचर रिकॉर्ड किया गया था। पिछले 10 साल में 3 बार टेम्प्रेचर 45 डिग्री से अधिक रहा। मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है।
वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था। साल 2024 में भी तेज गर्मी, आंधी-बारिश वाला मौसम रहा था। दिन का पारा 44.5 डिग्री पहुंच गया था। वहीं, बारिश भी हुई थी। इस बार तेज गर्मी की बजाय बारिश का असर ज्यादा है। अगले कुछ दिन तक बारिश हो सकती है। वहीं, आखिरी दिनों में ही गर्मी का असर बढ़ने की संभावना है।

उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी मई महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री तापमान पहुंचा था। वहीं, 2015 से 2024 के बीच 3 बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका। साल 2015, 2016 और 2024 में इतनी गर्मी पड़ी थी। उज्जैन में पिछले साल भी तापमान 45 डिग्री रहा था।
इस बार भी बारिश का दौर जारी है। दूसरी ओर, दिन का तापमान भी बढ़ा है। यहां 42 डिग्री तक तापमान पहुंच चुका है।

