कोख में बेटी है तो एमपी में 7000 में गर्भपात

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मध्यप्रदेश का चंबल इलाका। यहां डिलीवरी से पहले गर्भ में लड़का या लड़की की चोरी-छिपे जांच और फिर गर्भपात के लिए एक पूरा रैकेट काम कर रहा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि इसमें आशा कार्यकर्ता, गली मोहल्ले में क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप डॉक्टर, प्राइवेट अस्पतालों के कर्मचारी और नर्सेस शामिल हैं।

इस पूरे गिरोह को एक्सपोज करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने एक महीने तक पड़ताल की। इस दौरान आशा कार्यकर्ता, झोलाछाप डॉक्टर, दलाल और नर्स समेत 19 लोगों से बातचीत हुई। इनमें एक आशा कार्यकर्ता, एक महिला दलाल और 3 झोलाछाप डॉक्टर गर्भपात और लिंग परीक्षण की डील करते हुए कैमरे में कैद हुए।

इनसे बात करने पर पता चला कि लिंग परीक्षण का रेट साढ़े पांच हजार से 15 हजार रुपए के बीच है। वहीं, गर्भ में लड़की की पुष्टि होने पर अवैध तरीके से गर्भपात कराने का रेट 5-7 हजार रुपए है।

6 पॉइंट्स में जानिए, कैसे काम कर रहा है ये रैकेट…

  • एजेंट यानी आशा कार्यकर्ता, नर्स और प्राइवेट अस्पताल का स्टाफ गर्भ परीक्षण की इच्छुक महिलाओं की तलाश करता है, फिर इनसे डील की जाती है।
  • एजेंट उसी व्यक्ति से बात करते हैं, जो पहले से ग्राहक रहा हो या उनके संपर्क में रहा हो। या फिर उनके संपर्क वाले किसी व्यक्ति द्वारा लाया गया हो।
  • फोन पर बातचीत के दौरान एजेंट उन्हीं लोगों से बात करते हैं, जो ‘एक काम कराना है’ या ‘झांसी वाला काम कराना है’ जैसे वाक्य इस्तेमाल करते हैं।
  • लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात की बात फोन पर हो जाती है। फिर एजेंट एक पता देते हैं, जहां आपको गर्भवती महिला को लेकर पहुंचना होता है।
  • दूसरे चरण में पैथोलॉजी लैब और निजी अस्पताल से संपर्क करते हैं, जो लिंग परीक्षण का काम करते हैं। इसके एवज में ये एजेंट्स को कमीशन देते हैं।
  • यदि गर्भ में लड़की हुई तो एजेंट नर्सिंग होम्स में काम करने वाली नर्सों से अवैध तरीके से गर्भपात कराते हैं। इसके लिए ‘सफाई’ शब्द का इस्तेमाल होता है।

जांच के 7 हजार और सफाई के 5300 लगेंगे: आशा कार्यकर्ता

भास्कर रिपोर्टर को आशा कार्यकर्ता मीरा के बारे में पता चला कि वह इस रैकेट में शामिल है। मीरा ने भास्कर रिपोर्टर को मुलाकात के लिए मुरैना में एसपी बंगले के ठीक सामने बुलाया। मीरा से लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या को लेकर डील की…

मीरा: समय पूरा हो गया?

रिपोर्टर: तीन महीने और पहला हफ्ता चल रहा है।

मीरा: चार-छह दिन और हो जाने दो। ग्वालियर से जाओगे या यहीं से जाओगे?

रिपोर्टर: यहीं से।

मीरा: नौ हजार रुपए लगेंगे।

रिपोर्टर: पहले तो कम लिए थे, साढ़े छह हजार। डेढ़-दो साल पहले भैया, भाभी और मैं गए थे आपके साथ।

मीरा: अब बढ़ा दिए हैं। थोड़े-बहुत कम हो जाएंगे बस। साढ़े आठ हो जाएंगे।

रिपोर्टर: पिछली बार वाले ही ले लेना। मोड़ा (लड़का) हो तो 500 ज्यादा ले लेना।

(मीरा को यहां रिकॉर्डिंग का शक हो जाता है और वह हमसे फोन को लेकर सवाल करने लगती है)

मीरा: सात हजार से कम नहीं लगेंगे। फोन लगाकर यहीं आ जाना, यहीं से स्टेशन से चलेंगे।

रिपोर्टर: अगर जांच में लड़की निकली तो क्या करेंगे?

मीरा: निकली तो उसका भी कुछ कराएंगे।

रिपोर्टर: सफाई (गर्भपात) करने में कितना खर्चा आएगा?

मीरा: पांच हजार तीन सौ रुपए। वैसे तो साढ़े छह हजार लगते हैं लेकिन कम से कम करके 5300 ले लेंगे।

रिपोर्टर: सफाई मुरैना में ही हो जाएगी?

मीरा: हां, यहीं हो जाएगी।

रिपोर्टर: उसमें कोई दिक्कत तो नहीं आएगी।

मीरा: कुछ दिक्कत नहीं आएगी।

रिपोर्टर: सफाई (गर्भपात) में कितना समय लगेगा ?

मीरा: कुछ समय नहीं लगेगा। कहो तो चार घंटे में फ्री हो जाओगे या फिर 8 से 12 घंटे भी लग सकते हैं। एक गोली दे देंगे, जब वो असर दिखाएगी, उसके बाद।

मेरी गारंटी है, मैं हजारों जांचें करवा चुकी हूं: महिला एजेंट

एसपी बंगले से थोड़ी ही दूरी पर मुरैना जिला अस्पताल है, जिसके पास महादेवी नामक एक एजेंट से बात हुई। महादेवी को हमने यह कहकर मिलने बुलाया कि हम साल भर पहले उनके माध्यम से लिंग परीक्षण करा चुके हैं और अब फिर कराना चाहते हैं।

रिपोर्टर: कहां जांच कराओगी और कितने पैसे लगेंगे?

महादेवी: सात हजार लगेंगे और झांसी में जांच होगी।

रिपोर्टर: पहले हमारे भैया ने कराई थी, तब तो पांच लगे थे। साढ़े पांच ले लेना।

महादेवी: छह दे देना।

महादेवी: 9 बजे यहीं मिल जाना। कितने महीने हो गए गर्भ को।

रिपोर्टर: साढ़े तीन महीने।

महादेवी: कल चलो।

रिपोर्टर: कल रविवार है।

महादेवी: खुली रहती है रविवार को भी।

रिपोर्टर: अगर लड़की हुई तो सफाई-वफाई।

महादेवी: वो भी देखेंगे।

रिपोर्टर: वो कहां होगी?

महादेवी: यहीं हो जाएगी मुरैना में?

रिपोर्टर: उसमें खर्चा क्या आएगा?

महादेवी: 6000…

रिपोर्टर: सफाई कहां कराओगी, सरकारी अस्पताल में या प्राइवेट में?

महादेवी: चोरी-छिपे होता है। जैसे ये काम छिपकर होता है, वैसे ही ये होता है।

रिपोर्टर: देखो, सच बताऊं कि डर भी लगता है कि एक ने मुरैना में कराई तो उसे इन्फेक्शन हो गया।

महादेवी: कोई सीखनोत (सीखने वाली) ने करी होगी, कई डोल रही हैं यहां।

रिपोर्टर: सफाई (गर्भपात) में कितना समय लगता है? क्या भर्ती होना पड़ेगा?

महादेवी: देख भैया। सुबह 8 बजे दवाई खिलाई, तो कोई को 2 घंटा बाद ही हो जाए, कोई को चार घंटा तो कोई को 6 घंटा लग जाए।

नर्स के घर में करवा देंगे ‘सफाई’: निजी नर्सिंग होम का कर्मचारी

मुरैना जिला अस्पताल से पास ही पार्वती नर्सिंग होम है। सुरेंद्र निगम यहां सहायक स्टाफ और अटेंडर के तौर पर काम करते हैं। उनका काम नाइट शिफ्ट में मरीजों की देख-रेख करना, उन्हें दवा देना, स्टाफ को नियंत्रित करने का है। वह शहर में एक क्लीनिक भी चलाते हैं।

दैनिक भास्कर ने जब निगम से संपर्क किया तो उन्होंने हमें पार्वती नर्सिंग होम मिलने बुलाया, जहां झांसी में लिंग परीक्षण कराने और लड़की होने पर भ्रूण हत्या का सौदा उनसे किया। उनसे जब मुरैना में ही लिंग परीक्षण कराने पर जोर दिया तो उन्होंने पंकज तिवारी नाम के एक झोलाछाप डॉक्टर का जिक्र करते हुए बताया कि मुरैना में वही जांच करता है।

निगम ने कहा- पंकज तिवारी के क्लीनिक पर ग्वालियर में 5 साल पहले छापेमारी हुई थी। भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़ा गया था। तब से वह पुलिस रिकॉर्ड में फरार था, लेकिन मुरैना और आसपास के जिलों में लगातार वह चोरी-छिपे यह काम करता रहा। दो ही दिन पहले उसकी गिरफ्तारी हुई है।

निगम ने भी गर्भ में लड़की होने पर ‘सफाई’ मुरैना में ही कराने की बात कही, जो किसी अस्पताल में नहीं, बल्कि सफाई करने वाली नर्स के घर में होगी।

आप डरो मत, आपके लिए कोई परेशानी नहीं होगी: क्लीनिक संचालक

मुरैना की गलियों में जगह-जगह झोलाछाप डॉक्टरों के ऐसे क्लीनिक खुले हैं, जो भ्रूण लिंग परीक्षण कराते हैं। हम संजय कॉलोनी स्थित ‘फैमिली केयर’ नाम के एक ऐसे ही क्लीनिक पर 23 मार्च को मरीज बनकर पहुंचे। पहले डॉक्टर आरपी सिंह से दवा ली और फिर उनसे पत्नी के भ्रूण का लिंग परीक्षण कराने का पूछा। उन्होंने अपना कार्ड देते हुए शाम को आने के लिए कहा। जब शाम को हम पहुंचे तो उन्होंने 1 अप्रैल के बाद जांच का बोला।

आरपी सिंह: क्या अभी अल्ट्रासाउंड कराया है?

रिपोर्टर: मम्मी ने करा लिया होगा अल्ट्रासाउंड तो।

आरपी सिंह: कितना समय हो गया?

रिपोर्टर: तीन महीना, यहीं कराएंगे या बाहर जाएंगे?

आरपी सिंह: धौलपुर या झांसी।

रिपोर्टर: पैसे कितने लगेंगे?

आरपी सिंह: दस से प्लस लगेंगे। कम से कम 10 मान लो।

रिपोर्टर: आप साथ चलोगे?

आरपी सिंह: मैं फोन लगा दूंगा। चले जाना।

रिपोर्टर: सफाई का काम हो जाएगा?

आरपी सिंह: हो जाएगा।

रिपोर्टर: उसमें क्या खर्चा आएगा?

आरपी सिंह: 5-7 हजार।

रिपोर्टर: अस्पताल में ही या वैसे ही बाहर?

आरपी सिंह: तुम्हारी जहां इच्छा हो, वहां करा देंगे।

महिलाओं को वैन लेने आती है और जांच के बाद छोड़ जाती है मुरैना जिले से ही लगे राजस्थान के धौलपुर में भी रैकेट काम कर रहा है। धौलपुर के दलाल नेतराम से हमने साढ़े पांच हजार रुपए में फोन नंबर 8094794482 पर सौदा तय किया। वह झांसी ले जाकर लिंग परीक्षण कराने वाला था। उससे फरवरी के शुरुआत में हमारी बात हुई, उसके बाद वह लगातार हमें कॉल करता रहा।

नेतराम ने बताया कि पहले वह यह काम धौलपुर और मुरैना में ही पंकज तिवारी से करा लेता था। लेकिन वह ज्यादा पैसे लेता है और पिछले कुछ समय से अखबार की सुर्खियों में है।

पंकज के एक रिश्तेदार अरविंद तिवारी उर्फ कल्लन से हमारी फोन नंबर 9752295096 पर बात हुई। वह मिलने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसने बताया कि अभी माहौल थोड़ा गर्म है इसलिए ज्यादा पैसे लगेंगे। हमारा सौदा आठ हजार रुपए में तय हुआ और उसने हमें गर्भवती महिला के साथ धौलपुर की सिकरौदा नहर पर आने के लिए कहा।

उसने बताया कि वहां एक वैन आएगी और महिला को अपने साथ ले जाएगी। जांच के बाद लाकर वहीं छोड़ जाएगी। यह सारी बातचीत कल्लन ने वॉट्सऐप कॉल पर की ताकि इसे रिकॉर्ड न किया जा सके। जांच कौन करेगा और कहां होगी, यह बताने से कल्लन ने इनकार कर दिया।

कल्लन की तरह ही मुरैना की आशा कार्यकर्ता सुनीता भी मिलने तैयार नहीं हुई। उसने भी वॉट्सऐप पर ही बात करने की शर्त रखी। सुनीता के साथ भी सौदा आठ हजार में तय हुआ और जांच मुरैना के पास ही कराने की बात उन्होंने कही। उन्होंने भी कहा कि एसपी बंगले के पास एक वैन आएगी, जिसमें 10-12 महिलाएं और होंगी।

उसी वैन में आपकी पत्नी को ले जाएंगे और जांच कराने के बाद उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा। वह गर्भपात कराने के लिए भी तैयार हो गईं।

अब जानिए, दलाल कहां करवाते हैं लिंग परीक्षण

मुरैना-धौलपुर से महिलाओं को लेकर झांसी जाते हैं भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर 2 के सामने वाली गली में ऐसे निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब हैं, जहां लिंग परीक्षण का काम महज 1500 रुपए में होता है। मुरैना और यूपी के आगरा में यही काम करीब पांच हजार रुपए में होता है।

मुरैना के दलाल लिंग परीक्षण के इच्छुक अपने ग्राहकों को ट्रेन से झांसी लेकर जाते हैं। कन्या पूजन के लिए जानी जाने वाली नवरात्रि के दौरान 31 मार्च को भास्कर रिपोर्टर ने झांसी में लिंग परीक्षण का सौदा तय किया। अगले दिन 1 अप्रैल को भास्कर की टीम मुरैना रेलवे स्टेशन पहुंची और मंगला एक्सप्रेस की जनरल बोगी में दलालों के बीच बैठकर झांसी तक का सफर तय किया।

इस दौरान स्टेशन से लेकर लिंग परीक्षण केंद्र तक का सफर खुफिया तरीके से कैमरे में कैद किया। मुरैना और धौलपुर के बीच की दूरी 20-25 किलोमीटर है इसलिए दलाल अपने ग्राहकों को मुरैना रेलवे स्टेशन ही बुलाते हैं। मुरैना के ये दलाल रास्ते में पड़ने वाले ग्वालियर रेलवे स्टेशन से भी अपने ग्राहक उठाते हैं।

पीला दुपट्टा ओढ़े सुजाता आशा कार्यकर्ता है, जो गर्भवती महिलाओं को ट्रेन से हर रोज झांसी ले जाती है।
पीला दुपट्टा ओढ़े सुजाता आशा कार्यकर्ता है, जो गर्भवती महिलाओं को ट्रेन से हर रोज झांसी ले जाती है।

झांसी में मेडिकल स्टोर पर दो युवकों से भ्रूण लिंग परीक्षण की डील इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि प्रतिदिन मुरैना, धौलपुर और ग्वालियर से करीब दर्जन भर महिलाएं दलालों के साथ लिंग परीक्षण कराने के लिए झांसी जाती हैं। झांसी रेलवे स्टेशन से हम टैम्पो में बैठकर झांसी मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर दो पर उतरे और मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने स्थित उस गली तक पहुंचे, जहां अंदर जाते ही भ्रूण लिंग परीक्षण कराने वाले केंद्र मौजूद हैं।

भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए ग्राहकों को लाने वाले दलाल अक्सर केवल गर्भवती महिला को ही केंद्र तक लेकर जाते हैं। उसके साथ आए पुरुष परिजन को गली के बाहर छोड़ जाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अवैध गतिविधि चला रहे ये केंद्र कम से कम लोगों की निगाह में आएं। 10-15 मिनट के भीतर गर्भवती महिला को उसके परिजन के पास छोड़ दिया जाता है।

भास्कर टीम लिंग परीक्षण कराने वाले केंद्रों के झांसी स्थित दलालों के एक ठिकाने तक पहुंची। एक दुकान में संचालित ‘हिमांशी मेडिकल एजेंसी एवं मेडिकल स्टोर’ के भीतर दो युवकों से भ्रूण लिंग परीक्षण कराने को लेकर हमारी बात हुई। हमने उन्हें बताया कि उसी इलाके में स्थित ‘राम राजा पैथोलॉजी’ से हम भ्रूण लिंग परीक्षण करा चुके हैं, लेकिन नतीजों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और दोबारा कहीं और कराना चाहते हैं।

हिमांशी मेडिकल एजेंसी लिंग परीक्षण केंद्रों के लिए दलाली का काम करती है।
हिमांशी मेडिकल एजेंसी लिंग परीक्षण केंद्रों के लिए दलाली का काम करती है।

गर्भवती महिला को ले गया और 10 मिनट में जांच करा दी, बोला- लड़का है हिमांशी मेडिकल एजेंसी पर बैठे दो युवकों ने हमें एक फोन नंबर देते हुए गर्भवती महिला के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचकर फोन लगाने के लिए कहा। कुछ देर बाद हमने उस नंबर पर फोन लगाया और 5 मिनट के अंदर ही ‘जुबैर’ नाम का एक युवक बाइक लेकर हमारे पास आया। युवक हमें लेकर हिमांशी मेडिकल एजेंसी पहुंचा।

यहां भास्कर रिपोर्टर को छोड़कर जुबैर युवती को अपने साथ जांच कराने के लिए लेकर चला गया। भास्कर रिपोर्टर ने हिमांशी मेडिकल के अंदर बैठे दोनों युवकों से पूछा कि आखिर ये जांच कहां होगी, तो उन्होंने पास ही स्थित ‘एमके हॉस्पिटल’ का नाम लिया। दस मिनट के अंदर ही युवक महिला को लेकर वापस आ गया। वो बोला...

ये जुबैर है, जिसने गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए झांसी के एमके अस्पताल ले जाने की बात कबूली।
ये जुबैर है, जिसने गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए झांसी के एमके अस्पताल ले जाने की बात कबूली।

सीएमएचओ बोले- यदि ऐसा हो रहा है तो जनहित में मामला सामने आना चाहिए भास्कर ने जब इस मामले में मुरैना जिले के एडीएम और सीएमएचओ से बात की, तो दोनों ने कहा कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। एडीएम सीबी प्रसाद बोले, ‘मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी।’

वहीं, सीएमएचओ डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने कहा, ‘आशा कार्यकर्ता और झोलाछाप डॉक्टर अगर ऐसा कुछ कर रहे हैं तो जनहित में यह मामला सबके सामने आना चाहिए।’

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