*एक सवाल, क्या यह जायज है❓*

*सूरत लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गये और उन्हें निर्वाचन का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया, जबकि चुनाव परिणाम की तारीख 4 जून है।*
*अब कहेंगे कि निर्विरोध है तो प्रमाणपत्र जारी करने में क्या ग़लत है।
तो यह बताईए कि अरुणाचल प्रदेश की विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित पांच प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गये लेकिन उन्हें उस दिन प्रमाण पत्र नहीं दिया गया,
वहां पहले फेस के साथ ही संपूर्ण विधानसभा के चुनाव हो गये तब भी किसी निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवार को प्रमाणपत्र दिए जाने की जानकारी चुनाव आयोग की वेब साइट पर नहीं है।
ऐसा विरोधाभास क्यों ❓*
*देश के 543 सांसदों के प्रमाणपत्र में जारी करने की तारीख 4 जून होगी और सूरत के सांसद के प्रमाणपत्र में 22 अप्रैल रहेगी।
क्या ये परि-णाम पूर्व घोषित कार्यक्रम का उल्लघंन नहीं कहलाएगा⁉️*
