बीजेपी नेता के घर बज रहा था-नशे में झूम लें
‘झूम ले, झूम ले, मजे में झूम ले’…। भोपाल में डीजे पर तेज आवाज में बज रहे इस गाने के दौरान एसडीएम अर्चना शर्मा मौके पर पहुंच गईं और डीजे जब्त कर लिया। नेहरू नगर पहाड़ी क्षेत्र में एक महिला बीजेपी नेता के यहां मेहंदी रस्म में ये गाना बज रहा था। मामला शुक्रवार देर रात का है।
एसडीएम अर्चना शर्मा को तेज आवाज में डीजे बजने की शिकायत मिली थी। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है। मौके पर पहुंचीं एसडीएम ने कहा कि कलेक्टर साहब के निर्देश हैं। तेज आवाज में डीजे क्यों बजा रहे हैं?
इस पर एक महिला सामने आई और बोलीं- मैं आशा वाल्मिकी। विधायक भगवानदास सबनानी की कार्यकर्ता हूं। मंडल महामंत्री भी हूं। इस पर एसडीएम ने कहा, जब आपको पता था कि 10 बजे के बाद नहीं बजना चाहिए तो क्यों बजाया? दोनों के बीच बातचीत के बाद डीजे जब्त कर लिया गया। मामले में केस भी दर्ज कराया जाएगा।

मंत्री बोले- कार्रवाई करो, कलेक्टर ने फौरन भेजा प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने भोपाल में डीजे और लाउडस्पीकर पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। शुक्रवार को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) को लेकर हुई मीटिंग में उन्होंने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम टीमें लेकर मैदान में उतर गए और देर रात तक कार्रवाई की।
शनिवार को भी टीमें कार्रवाई कर रही हैं। गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव, बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा, एमपी नगर एसडीएम एलके खरे, कोलार एसडीएम रविशंकर राय, हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया और टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा ने टीमें भी बनाई हैं।

वसंत पंचमी पर अलर्ट मोड पर रहेंगी टीमें वसंत पंचमी 3 फरवरी को है। इस दिन भोपाल जिले में सैकड़ों विवाह होंगे। इसे लेकर टीमें अलर्ट मोड पर हैं। इससे पहले मेहंदी समेत अन्य रस्में की जा रही हैं। जिसमें तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं। इसलिए जिला प्रशासन कार्रवाई करने मैदान में उतर गया है।
बोर्ड परीक्षाएं भी हैं, इसलिए आदेश दिए बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने हाल ही में लाउडस्पीकर और डीजे को लेकर आदेश जारी किए थे। इसके बाद फ्लाइंग स्क्वॉड बनाकर सभी एसडीएम कार्रवाई के लिए मैदान में उतरे। अब तक 90 से अधिक लाउडस्पीकर उतारे जा चुके हैं। प्रभारी मंत्री काश्यप ने और कड़ी कार्रवाई करने को कहा, इसलिए टीमें फिर से एक्टिव हो गई हैं।
कलेक्टर सिंह के आदेश के मुताबिक, रात 10 से सुबह 6 बजे तक किसी भी तरह का साउंड सिस्टम बंद रहेगा। वहीं, डीजे यूनिट पर सिर्फ एक साउंड सिस्टम ही लगा सकेंगे। कलेक्टर ने ये प्रतिबंधात्मक आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी किए हैं।
इसमें जिले के सभी धार्मिक स्थलों, औद्योगिक, कॉमर्शियल, रहवासी इलाकों में लाउडस्पीकर, डीजे के बेकाबू और नियमों के खिलाफ प्रयोग पर रोक लगाने की बात कही गई है।

कलेक्टर के आदेश में 3 पॉइंट
- सार्वजनिक आपात स्थिति को छोड़कर रात 10 से सुबह 6 बजे तक पूरे जिले में सभी तरह के ध्वनि विस्तारक यंत्र और तेज संगीत नहीं बजाए जा सकेंगे।
- सभी डीजे संचालक, होटल, रेस्टोरेंट और बार को डीजे यूनिट के संचालन का नियमानुसार लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
- किसी भी डीजे यूनिट पर अधिकतम एक साउंड सिस्टम (जिनकी ध्वनि तय मापदंडों के अनुसार या उससे कम हो) का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

ADM से परमिशन, 2 घंटे से ज्यादा नहीं लाउड स्पीकर का इस्तेमाल सुबह 6 से रात 10 बजे तक एडीएम, पुलिस उपायुक्त की अनुमति से किया जा सकेगा, लेकिन यह अनुमति 2 घंटे से अधिक की नहीं होगी। इनके उपयोग की अनुमति कार्यक्रम परिसर में ही दी जाएगी। इसके लिए दी गई अनुमति में भारत सरकार के तय नियमों का जिक्र किया जाए।
अगर कोी इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 15-16 के तहत पेनल्टी और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
