इस बार टफ होगा पुलिस आरक्षक भर्ती का फिजिकल टेस्ट

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मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक भर्ती परीक्षा का फिजिकल टेस्ट 16 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। पिछली भर्ती परीक्षा से इस बार का फिजिकल टेस्ट अलग है। पहले कैंडिडेट को 800 मीटर दौड़ 2.45 मिनट में तय करनी होती थी। जितने कैंडिडेट तय समय में दौड़ पूरी करते थे, वह सिलेक्ट होते थे, बाकी रिजेक्ट हो जाते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। लिखित परीक्षा की तरह इस बार फिजिकल टेस्ट भी कुल 100 अंक का होगा। इसमें हर कॉम्पिटिशन के लिए कैंडिडेट को नंबर मिलेंगे। इन्हीं नंबरों के आधार पर मेरिट लिस्ट तय होगी।

फिजिकल टेस्ट में महिला और पुरुष कैंडिडेट के लिए तीन कॉम्पिटिशन रखे गए हैं। रनिंग के लिए 40 अंक, लंबी कूद पर 30 अंक और गोला फेंकने वालों को 30 अंक मिलेंगे। खास बात ये है कि इसकी न्यूनतम सीमा भी तय की गई है। इस सीमा से कमतर प्रदर्शन करने वाले कैंडिडेट को कोई नंबर नहीं दिए जाएंगे।

भास्कर ने एक्सपर्ट से बात कर समझा कि आखिर नए क्राइटेरिया से कैंडिडेट को कितना फायदा होगा और वह कैसे इसमें स्कोर कर सकते हैं। पढ़िए रिपोर्ट…

ओबीसी के 13 प्रतिशत पद होल्ड रखे जाएंगे पुलिस आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में 58 हजार 730 कैंडिडेट सिलेक्ट हुए हैं। ये कुल 7411 पदों का 7 गुना है। आरक्षक जनरल ड्यूटी (जीडी) के लिए 7090 पद हैं। आरक्षक जीडी के पदों के लिए कर्मचारी चयन मंडल ने दो लिस्ट तैयार की हैं।

पहली लिस्ट में 87 फीसदी यानी 6167 पद रखे गए हैं। दूसरी लिस्ट 13 फीसदी यानी 923 पदों की है। इसमें भी 7-7 गुना ओबीसी और अनारक्षित वर्ग के कैंडिडेट को शॉर्ट लिस्ट किया है। ओबीसी आरक्षण का मामला कोर्ट में लंबित है इसलिए इन 13 फीसदी पदों पर भर्ती कोर्ट के फैसले के बाद होगी।

अब जानिए, फिजिकल टेस्ट में कैसे मिलेंगे अंक

आरएफआईडी का रिंग पहनकर दौड़ेंगे आवेदक इस बार कैंडिडेट के पैरों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (RFID) की रिंग लगाई जाएगी। कैंडिडेट को ग्रुप में बांटा जाएगा। हर एक ग्रुप को तीन फिजिकल टेस्ट देना होंगे।

  • पहला- 800 मीटर की दौड़
  • दूसरा- गोला फेंक
  • तीसरा- लंबी कूद

इन तीनों के लिए महिला और पुरुष कैंडिडेट के लिए मिनिमम और मैक्सिमम लिमिट तय की गई है। 800 मीटर की दौड़ 2.04 मिनट में पूरी करने वाले पुरुष कैंडिडेट को 40 अंक मिलेंगे। महिला कैंडिडेट को ये दूरी 2.56 मिनट में तय करनी पड़ेगी।

कैंडिडेट दौड़ पूरी करने में जो जितना समय लेगा, उसी हिसाब से अंक दिए जाएंगे। ऐसे कैंडिडेट जो 3.30 मिनट से ज्यादा समय में दौड़ पूरी करेंगे, उन्हें शून्य नंबर मिलेगा। RFID से हर आवेदक का सटीक डेटा मिलेगा।

लॉन्ग जंप और गोला फेंक के लिए मिलेंगे 3-3 मौके दौड़ में क्वालिफाइड करने के बाद 10 से 15 मिनट का रेस्ट मिलेगा। इसके बाद इसी तरह ग्रुप में लंबी कूद का कॉम्पिटिशन होगा। पुरुषों के लिए 18.27 फीट लंबी कूद पर पूरे 30 अंक मिलेंगे। 9.51 फीट से कम लंबी कूद पर शून्य नंबर मिलेगा। महिला कैंडिडेट्स को 14 फीट लंबी कूद पर ही 30 अंक मिलेंगे।

पुरुषों को 7.260 किग्रा वजन का गोला 28.74 फीट दूर फेंकने पर 30 अंक मिलेंगे। 12.56 फीट से कम दूरी तक गोला फेंकने पर जीरो अंक मिलेंगे। महिलाओं को यहां भी थोड़ी राहत दी गई है। उन्हें 4 किलो का गोला 23 फीट दूरी तक फेंकना होगा। तब उन्हें पूरे 30 नंबर मिलेंगे। लंबी कूद और गोला फेंक में सभी आवेदकों को तीन-तीन मौके मिलेंगे।

फिजिकल टेस्ट के दौरान ओरिजिनल डॉक्यूमेंट ले जाने होंगे मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों के नाम के अनुसार शारीरिक परीक्षा की अलग-अलग तारीख जारी की जा चुकी है। तय तारीख पर आवेदकों को अपना एडमिट कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, फॉर्म में बताए गए शैक्षणिक योग्यता से संबंधित ओरिजिनल डॉक्यूमेंट लेकर जाना होगा।

सुबह 6 बजे आवेदकों को ग्राउंड में प्रवेश कराया जाएगा। उसके बाद 10-10 या 15-15 आवेदकों का ग्रुप तैयार किया जाएगा। दो आरक्षकों के पास एक ग्रुप की जिम्मेदारी होगी। वे सबसे पहले डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन करेंगे।

बड़े अधिकारी सारे ओरिजिनल डॉक्यूमेंट चेक करेंगे। इसके बाद मौके पर ही आवेदक का फिंगर प्रिंट और साइन लिए जाएंगे और एक फाइल तैयार होगी।

महिलाओं के लिए सिर्फ 155 सेमी की ऊंचाई ही अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता वाले सारे डॉक्यूमेंट की जांच के बाद आवेदकों का शारीरिक नाप लिया जाएगा। सामान्य, ओबीसी और एससी पुरुषों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी और एसटी पुरुषों के लिए 160 सेमी निर्धारित है। सीने का माप सामान्य अवस्था में 81 सेमी और फैलाव के साथ 86 सेमी होना चाहिए।

एसटी कैटेगरी के पुरुष कैंडिडेट के लिए सामान्य अवस्था में 76 सेमी और फैलाव के साथ 81 सेमी होना चाहिए। महिलाओं के लिए सिर्फ 155 सेमी न्यूनतम ऊंचाई ही निर्धारित हैं। सभी आवेदकों की शारीरिक माप होने के बाद उन्हें एक नंबर दिया जाता है, ग्राउंड पर ये नंबर आवेदक की पहचान होती है।

शारीरिक परीक्षा और लिखित परीक्षा में मिले अंकों को जोड़कर मेरिट लिस्ट तैयार होगी। इसके आधार पर आवेदकों का आखिरी में मेडिकल होगा। इसकी तारीख बाद में घोषित की जाएगी। मेडिकल में फिट मिलने वालों को फिर अलग-अलग जिलों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

जो लिखित में अच्छा नहीं कर सके, उनके लिए मौका भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में पुलिस भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी करा रहे कोच अरशद कहते हैं कि लिखित परीक्षा में सिलेक्ट हो चुके बच्चों के लिए इस बार का फिजिकल टेस्ट ज्यादा अहम है। वे कहते हैं कि हर कैंडिडेट की अपनी क्षमता होती है। कोई लिखित परीक्षा में बेहतर करता है तो कोई फिजिकल में अच्छा होता है।

पुराने पैटर्न पर होने वाले फिजिकल टेस्ट का उदाहरण देते हुए वे कहते हैं कि यदि कोई कैंडिडेट लिखित परीक्षा में ज्यादा स्कोर करता था और फिजिकल में पिछड़ जाता था तो उसका सिलेक्शन नहीं होता था। ऐसे ही कोई फिजिकल में बेहतर करता था और लिखित में पिछड़ता था तो भी वह बाहर हो जाता था।

अब आपकी योग्यता के मुताबिक नंबर मिलेंगे। इसमें उन कैंडिडेट के पास मौका है, जो लिखित परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। जिन्होंने लिखित में भी अच्छा किया है तो उनके पास मेरिट में आने का डबल चांस है।

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