श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर उत्तर प्रदेश के मथुरा से लेकर गुजरात के द्वारका तक मंदिरों में विशेष पूजा की जा रही है। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के कार्यक्रम मंगला आरती से शुरू हो चुके हैं।
भगवान कृष्ण, द्वापर युग में भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष में अष्टमी की रात प्रकट हुए थे। इस साल द्वापर युग की तरह ही नक्षत्रों का योग बन रहा है। श्रीकृष्ण रात में अवतरित हुए, इस वजह से जन्माष्टमी रात में मनाने की परंपरा है।
श्रीकृष्ण के लीला स्थान मथुरा-वृंदावन समेत देशभर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। मथुरा में जन्मभूमि मंदिर का गर्भगृह कारागार की तरह सजाया गया है। यहां जन्म के बाद रात 12 बजे भगवान का पंचामृत अभिषेक होगा।
वहीं, गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर के पट शाम 5 बजे तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। ये शाम 5 बजे दोबारा खोले जाएंगे। जन्माष्टमी पर श्रद्धालु द्वारकाधीश के दर्शन रात 2.30 बजे तक कर सकेंगे।
