भ्रष्टाचारी, एसडीएम कार्यालय अभिलंब जांच, भ्रष्टाचार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं

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भ्रष्टाचारी, एसडीएम कार्यालय अभिलंब जांच, भ्रष्टाचार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं एसडीएम कार्यालय,
प्रधानमंत्री के आगमन के नाम पर एसडीएम साहब के कार्यालय में भोपाल की जनता का काम पर प्रतिबंध जो व्यक्ति टेबल के नीचे से लेनदेन कर रहा है उसका काम टाइम पर समय पर कोई चक्कर नहीं काटना पड़ता है ऐसे कर्मचारियों को एसडीएम कार्यालय में विट्ठल कर हमारी प्रशासनिक व्यवस्था को कलंकित करने वाले व्यक्तियों के प्रति अविलम कड़ी से कड़ी ईमानदारी के साथ
पारदर्शिता बहुत जरूरी है सीसीटीवी कैमरे पीछे बैठकर कमरे में महिलाओं से मुलाकात भी एक असुरक्षा का विषय
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे ओपन बैठक होनी चाहिए एसडीएम साहब की
जो बगैर गुटखा खा एसडीएम की आवश्यकता है भोपाल में
भोपाल, एसडीएम, कार्यालय ईमानदारी के नाम पर भ्रष्टाचारी चरम सीमा पर जिससे प्रशासन के 60% ईमानदार सरकारी वरिष्ठ अधिकारी अन्य संबंधित हमारे सभी आदर्श निष्पक्ष कार्य करने वाले कर्मचारी को बदनाम करने का कार्य चर्म सीमा पर चल रहा है,
कांग्रेस पूर्व मंत्री स्वर्गीय तन्वंत सिंह कीर के शिरीन मंजिल में कार्यालय अब स्थापित है
आवेलाम राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्षता और ईमानदार अधिकारी हाई कोर्ट के जजों की टीम बनाकर पारदर्शिता के साथ बगैर भेदभाव के जांच की आवश्यकता,
राष्ट्रीय हित में गरीबों के कल्याण के लिए चरम सीमा पर चढ़ने भ्रष्टाचार को अभिलंब रोकने के लिए पहला प्रथम स्टेप सीढ़ी, महिलाओं की सुरक्षा के लिए, अति आवश्यकता है
अनुविभागीय अधिकारी नजूल शहर वृत भोपाल,
पत्र क्रमांक 291/रा,नि/प्रेस-बी,121-2024-2025-भोपाल-दिनांक 30/05/255

तहसीलदार की गंभीरता और ईमानदारी लग्नशीलता लोगों को ईमानदारी से बगैर भेदभाव का न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय जैसा कार्य से एक बहुत बड़ी प्रदेश को प्रेरणा मिलती है इसके लिए वह धन्यवाद की पात्र, घोर अनदेखी लापरवाही गरीब वृद्धि मजदूर महिला बीमार परेशान दर दर की ठोकरे खा रहे हैं
संबंधित बाबू लोग लेट बाथरूम के नाम पर सीट पर उपलब्ध ही नहीं रहते हैं लेट आते हैं जल्दी चले जाते हैं और कलेक्टर ऑफिस के पास महिलाओं के साथ चाय की दुकान पर वकीलों का जहां बैठने की व्यवस्था है उससे लगे दुकान पर अपना टाइम पास करते हुए प्रशासन को बदनाम करने का काम बहुत सारे कर्मचारी नहीं करते हैं मगर हमारे संबंध एसडीएम साहब के बहुत ही खास बताए जाने वाले जो बगैर गुटका या अन्य चीज का सेवन खुद भी करते हैं और उनको लाकर भी देते हैं इन सब बात को एसडीएम साहब को भी सोचना चाहिए कि हम एक वरिष्ठ अधिकारी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल जिले के कार्यालय में प्रतिदिन लेते आना ठीक से अच्छे से आचरण नहीं करना हमारी गरीब जनता के साथ स्वयं भी देखा गया है यदि आपके कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा नहीं हो तो अभिलंब लगवा लें ताकि हमारी माता बहनों का शोषण होना रोक सके
उसी के साथ घनघोर खुलेआम तो नहीं कहेंगे मगर हां टेबलों के नीचे से जो लेनदेन चल रहा है खुशी के नाम पर जल्दी के नाम पर चाय पानी गुटखा के नाम पर दोबारा में चक्कर न लगने उसके नाम पर हमारे कार्यालय के संबंध कर्मचारी की गड़बड़ी के कारण हम सारे वरिष्ठ कर्मचारी अधिकारी शासकीय कर्मचारी को गलत नहीं कहेंगे मगर 24 मई 2025 से अपने डॉक्यूमेंट पर साइन दस्तक करवाना जो मुश्किल से मुश्किल एक दिन का काम भी नहीं था
उसे लेकर कार्यालय के चक्कर काटते काटते 26 तारीख को जैसे तैसे सुबह से दोपहर तक इंतजार करने के बाद एक मुंह में गुटखा खाते हुए व्यक्ति ने बताया कि प्रधानमंत्री साहब आ रहे हैं इसलिए हमें बहुत कम है वल्लभ भवन के मंत्रियों के यहां हम सब लोग वेसत हैं ऐसा बोलकर जनता के साथ घूम रहा करने वाले व्यक्ति ने हमारे डॉक्यूमेंट चेक करने के बाद जमा कर लिए कहा कि सब का तो हमारे यहां कोई ठिकाना नहीं रहता है 4:30 बजे तक आते हैं आपको रुकना हो तो रुक जाओ,
जॉकी ऐसा कुछ नहीं है ऐसी हमको वही के अन्य लोगों ने बताए हैं कि सब अपने-अपने ऑफिस के काम में ऑफिस में ही है कोई कुछ भी बोले उन पर ध्यान ना दे यदि कोई बोलता है तो यह सचमुच में जांच का विषय है जो हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी के आने से हमारे प्रदेश का जिले का राज्य का उत्थान और आम जनों का कल्याण होता है उसे हम सब लोगों के लिए फायदे की बात है मगर उनके नाम पर एसडीएम एवं उनके कर्मचारी जनता के साथ गुमराह कर भेदभाव पक्षपात और गुपचुप तरीके से लेनदेन कर कार्य करने वाले कर्मचारियों से प्रशासन और शासन कलंकित हो रहा है जिसके वजह से हमारे देश के प्रधानमंत्री की व्यवस्था को देखते हुए हमें इन कर्मचारियों की आविलम राष्ट्रीय स्तर पर ईमानदारी के साथ भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रदेश के विकास के लिए और ईमानदारी से कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारी को सब और सुरक्षित रखने के लिए हमें इन अधिकारियों की आविलम जांच हो जो प्रधानमंत्री की यात्रा के नाम पर भोपाल जिले की जनता का काम को पेंडिंग में रखना किस हद तक सही है और सरकारी गाड़ी का कौन दुरुपयोग कर रहा है हमें इसकी बिल्कुल भी जानकारी नहीं है जो बता रहे हैं कि 60% सरकारी काम गाड़ियों से होते हैं 40% कम यहां वहां अवैध तरीके से सरकारी गाड़ियां उसे हो रही है उसे पर भी बहुत गंभीरता से बारीकी से ध्यान देने की आवश्यकता है
आवेदक ने अपना आवेदन तैयार तो 24 तारीख को कर लिया था मगर शासन प्रशासन की अपनी एक व्यवस्था होती है जो 26 तारीख को ऐसा बताया गया है कि देश के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी की यात्रा के कारण जनता का कोई भी किसी भी प्रकार से काम अभी किसी भी हालत में कोई नहीं कर सकता कितना भी क्यों न अर्जेंट हो
आवेदक ने अपना आवेदन 30 तारीख को मुजीब अहमद नामक सम्मानित अधिकारी को सौंप दिया उन्होंने कहा था कि सब का कोई भरोसा नहीं होता है कब आते हैं कब जाते हैं कल मालूम कर लेना अभी तीन बज चुके हैं आप सुबह से परेशान हो रहे हैं आप चले जाइए
आप चले जाइए यहां का कोई ठिकाना नहीं होता है हमारे साहब का अलग हिसाब किताब है सब आएंगे तो मैं खुद आपके पत्रों को मैंने अच्छे से ठीक से चेक कर लिया है जांच लिया हूं सब से साइन भर करवाना है ऐसा बोलकर उन्होंने अपने हाथों से पेपर से 26 मैं 2025 लिखकर जाने के लिए कह दिया दूसरे दिन तो प्रार्थी नहीं आए 27 तारीख को 28 तारीख को सुबह से इंतजार करते-करते 3:00 बजे एसडीएम साहब अपने कार्यालय पहुंचे पीछे वाले कमरे में बैठकर बंद दरवाजे में मुलाकात चालू कर दी जिसमें कई हमारी माताएं बहने भी उनसे मिलने अंदर कमरे में गई जो एक सरकारी कार्यालय में पारदर्शिता होनी चाहिए वह बिल्कुल भी नहीं है हर उम्र की महिलाएं और सभी प्रकार के लोग आते हैं हमें सबकी मर्यादा और सबका आदर करना हम सब लोगों का कर्तव्य बनता है एसडीएम कार्यालय में ऐसा क्यों नहीं
कई लोगों से मिलने के बाद
आवेदक ने अनुमति लेकर अंदर पहुंच कर अपने दस्तावेज के बारे में जानकारी दी कि मैं 26 तारीख में पेपर जमा किए हैं उसमें आपकी साइन होना है तो सब का जवाब था कि प्रधानमंत्री जी आ रहे हैं आपको पता नहीं अभी किसी का काम कैसे भला मैं कर सकता हूं
वहीं पर कई अन्य लोग संबंधित बाबू से मिलकर रजामंदी से जुगलबंदी से डेविल के नीचे से लेनदेन कर अपना सारा काम करवा रहे थे बस सिर्फ इमानदार जरूरतमंद पढ़े लिखे और जो व्यक्ति नाजायज लेनदेन नहीं कर सकता था उनके भर कार्य नहीं हो पा रहे थे बाकी सब चल रहा था
उन्होंने आवेदक को तो मना कर दिया
आवेदक मुंह उतरे वहां से चले गए
अभी तक फिर और दफ्तर में चक्कर लगाते रहे
आवेदक का काम मैं 2025 को श्रीमान महोदय जी ने उसमें अपनी साइन कर 30,5, 2025 की डेट डाल दी
आवेदक 2 तारीख एवं 3 तारीख प्रतिदिन दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं संबंधित अधिकारियों का सीट से अता पता नहीं यह सारी चीज सीसीटीवी कैमरा बाटला सकते हैं आसपास के एग्जास्ट का बहुत बड़ा भारी विषय है
4 तारीख को सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 तक इंतजार करने के बाद में संबंधित अधिकारी महोदय गुटका खाकर आए उनको हमने अपने सारे कागज दिखाकर अपने कागज को प्राप्त करने की बात कही तो उन्होंने कहा कि अभी आप बैठ जाओ देते हैं आराम से और यहां वहां गपशदा के करने लगे अपनी टेबल कुर्सी छोड़कर वहां के लोगों ने बताया कि इनका अक्सर यही काम रहता है सीट पर जगह पर नहीं बैठते हैं और इसके उसके साथ मोटरसाइकिल में बाहर घूमता रहते हैं प्रशासन के कुछ लोग वरिष्ट ईमानदार कर्मचारी अधिकारियों को बदनाम करने का इस चीज को वरिष्ठ अधिकारी के संविधान में लाना बहुत जरूरी है क्योंकि दफ्तरों में और भी कर्मचारी लग्नशीलता और ईमानदारी से कार्य करने वाले हमने इस ऑफिस में 4 तारीख को तहसीलदार महोदय को गरीब जनता जरूरतमंद लोगों के हितों का कार्य कर रहे थे,
और हमारे संबंध व्यक्ति को जिसको हमने अपने डॉक्यूमेंट से दिए थे उन्होंने डॉक्यूमेंट देने में ही हमें सुबह से दोपहर कर दी मजबूरन में हमें कुछ बातें बोलनी पड़ी कि हमारी उम्र 57 साल है हम बीमार हैं और हम कोलार रोड स्वरधाम कॉलोनी से आते हैं हमारी अपनी मजबूरी है तो वह मजबूरी का फायदा उठाते हुए आराम आराम से ला रहे हैं दे रहे हैं आपको फोटो कॉपी करवरकर बाहर से लाकर देनी होगी आपने हमें दो सेट नहीं दिए इस प्रकार के अवैध छूट इल्जाम सामने वाले पर लगाकर तंग करने का मन बना लिया जब कहे सुनी हुई तो सम्मानित तहसीलदार के दफ्तर के बहुत ही सम्मानित युवा प्रार्थी आए उन्होंने उनसे कहा है कि उनके डॉक्यूमेंट यदि कंप्लीट हो गए हैं तैयार हो गए हो रेडी हो गए हो और साइन हो गए तो आप दे क्यों नहीं देते हैं ऐसा बोला उन्होंने तो फिर उसे बाबू ने तुरंत अंदर जाकर फोटोकॉपी किया और आधा घंटे में आवेदकता आवेदन पर साइन किया हुआ 4 जून 2025 को दे दिया एक दिन के काम के लिए उन्होंने 26 में से लटका कर रखे हैं और प्रधानमंत्री महोदय की यात्रा को बदनाम करने का इनका यह षड्यंत्र चलने नहीं दिया जाएगा इसको मैं भारत के राष्ट्रपति महोदय और भारत की एसएससी प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री श्रीमान अमित शाह से और मध्य प्रदेश के बहुत ही सम्माननीय हमारे एससी मुख्यमंत्री श्रीमान मोहन यादव जी और मुख्य सचिव महोदय और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासन के सभी आईएएस अधिकारी और पुलिस विभाग की जांच एजेंसियों से निवेदन करूंगा कि इस पर अविलम जांच करें इन्होंने 26 तारीख को जो आवेदक का आवेदन लिया था और 4 जून को उन्होंने साइन करके दिया इसमें क्या इतना वक्त लगना चाहिए था उनके बाबू ने कहा है कि 8 दिन का समय लगता है क्या यह हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के नियम है कि जनता को बार-बार प्रतिदिन दफ्तरों के चक्कर काटना पड़े बीमार व्यक्तियों को महिलाओं को जो काम एक दिन में हो सकता है अधिकारी उपस्थित है तो क्यों फिर जनता के साथ अन्याय हो रहा है मध्य प्रदेश के जिला भोपाल की राजधानी में इसकी जांच होनी चाहिए
4 जून को 4:15 बजे फिर हमने कलेक्टर ऑफिस के प्रांगण में बने वकीलों के बैठने की व्यवस्था के चेंबर से लगे हुए चाय की दुकान में इस बाबू को एक महिलाओं के साथ चाय पीते देखा गया है सब आप 3:00 बजे 4 जून 2025 को क्या आप इस छोड़कर इसी प्रकार बार-बार यूरिन के नाम पर कुर्सी छोड़कर घूमने की तनख्वाह ले रहे हैं सरकार को ऐसे लोगों को वहां बैठने की क्या मजबूरी है क्या व्यवस्था बना रखी है जिससे हमारे शासन प्रशासन को कलंकित किया जा रहा है जिसकी वजह से अच्छे लोग इमानदारी से काम करने वाले आज बदनाम हो रहे हैं मेरा इतना सा कहना है कि गड़बड़ लोग को जांच के बाद आविलम तत्काल हटाया जाए ताकि बीमार बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए हमें काम करने की आवश्यकता है ना की गुटका पान खाने वाले कि यहां बिल्कुल जरूरत नहीं है जिन्होंने एसडीएम कार्यालय को भ्रष्टाचारियों का अड्डा बनाकर रखा है जो टेबलों के नीचे से लेनदेन कर हमारे प्रशासन के ईमानदार कर्मचारी अधिकारियों को बदनाम करने वाले को विट्ठल के रखा है
धन्यवाद देता हूं इस कार्यालय के प्रांगण में बैठे थे सिद्धार्थ के सज्जन कर्मचारियों ने समझा इसके बाद प्रार्थी को आधा घंटे में जिस पर साइन होना था साइन होकर मिल गए देखो हमारे इस कार्यालय में बहुत ही सज्जन लग्नशीलता वाले प्रशासन और शासन की गरिमा बनाने वाले भी कर्मचारी अधिकारी अवेलेबल है उनका बार-बार मध्य प्रदेश की धरती पर बने जितने भी सासाकी कर्मचारी अधिकारी का बार-बार हृदय से धन्यवाद करता है एमपी प्रेस क्लब न्यू भोजराज टाइम्स वेब पोर्टल चैनल वेलफेयर एसोसिएशन वरिष्ठ समाज सेवी संगठनों की तरफ से प्रशासनिक वरिष्ठ और हमारे सम्मानित आदर्श कर्मचारियों का सम्मान करते हैं भ्रष्टाचारियों को छोड़कर और भ्रष्टाचारियों की जांच के लिए अभिलंब जांच हो यही विनती यही प्रार्थना है धन्यवाद थैंक यू वेरी मच मैं जिला कलेक्टर महोदय और संबंधित पुलिस वरिष्ठ अधिकारी महानिदेशक साहब से विनती करूंगा कि व्यवस्था को सुधारने के लिए अभिलंब ईमानदारी से बगैर पक्षपात के जकू किसी भी आवेदक को देरी के कारण बार-बार दफ्तर के चक्कर न काटना ना पड़े जिससे उनका एक्सीडेंट होने की संभावना रहती बीमार होते हैं हार्ट पेशेंट हो इसलिए मैं सॉरी बातें सरकार के और हमारे आदर्श अधिकारी कर्मचारियों के सघन में लाना चाहता हूं ताकि किसी को भी प्रधानमंत्री के आने के नाम पर लापरवाही कर शासन प्रशासन की बदनाम करने वाले के प्रति सख्त सख्त कठोर से कठोर कार्रवाई हो ऐसा एसडीएम साहब ने कहा है कि अभी प्रधानमंत्री का आगमन होने वाला है अभी काम होना संभव नहीं है किसी का भी मगर हां जो टेबल के नीचे से लेनदेन कर रहे थे उनका सब काम बढ़िया ठीक-ठाक चल रहा था यह है हमारी एसडीएम कार्यालय की व्यवस्था इसको रोकना पड़ेगा धन्यवाद मध्यप्रदेश सरकार भ्रष्टाचारियों के प्रति सत्य से सख्त अभिलंब कार्रवाई हो ईमानदारी से कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों का सम्मान हो सम्मान हो सम्मान हो जय हिंद जय भारत जय जय मध्यप्रदेश
हमारी जनता के लिए एसडीएम कार्यालय इंसाफ का मंदिर है इसे इन्होंने भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है
संबंधित बाबू बता रहे हैं कि एसडीएम साहब 1 तारीख से 10 तारीख तक के लिए छुट्टी पर है ऐसा करके भी डालना चाह रहे हैं आपको आपके कार्य में बाधा बन रहे हैं बाबू लोग जो प्रशासन को कलंकित करने में कहीं ना कहीं टेक्निकल मिस्टेक बताते हैं
3:15 के बाद कलेक्टर ऑफिस भोपाल में पहुंचे माननीय न्यायालय में धनराशि जमा को वापस लेने के लिए रूम नंबर 116 में जो डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं उसे आवक जावक में दिया जाए तो ज्यादा से सुरक्षित होते हैं वहां के बाबू लोग का कहना होता है की शपथ पत्र पर टिकट लगाकर लेकर आओ तब जाकर आपके डॉक्यूमेंट हम लेंगे आधे अधूरे नहीं लेंगे उन्होंने पूरे डॉक्यूमेंट चेक कर लिए जिसमें शपथ पत्र आयुक्त के सेल सिक्का लगने के बावजूद भी डॉक्यूमेंट भोपाल कलेक्टर ऑफिस में नहीं लिए गए हैं यह भी गंभीर जांच का विषय है और हमारे ईमानदार कर्मचारी लोग 116 नंबर के कंप्यूटर पर बैठे उन्होंने 4 जून 2025 को 3:30 बजे हमारे डॉक्यूमेंट बगैर किसी सिफारिश के ले लिया और कहा है कि 15 से 20 दिन आपके कार्य में लगा सकते हैं पूरी तैयारी कर हमने उन डॉक्यूमेंट को कलेक्टर ऑफिस के दफ्तर में जमा करके आ गए हैं अभी तक में उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया है और उन्होंने समय दिया है 15 से 20 दिन तक का सरकारी काम में इतना वक्त शायद लगता होगा कोई बात नहीं यह शिकायत नहीं यह धन्यवाद करते हैं जिन्होंने बहुत ही सम्मान के साथ अगर परेशान कि हमारे डॉक्यूमेंट को ले लिए रूम नंबर 116 कोर्ट में जमा की गई राशि को वापस लेने के लिए हमारे प्रदेश के एक बड़ी संख्या में ईमानदार लोग आज भी इस प्रदेश में है हमें अपने जिले पर गर्व है भोपाल जिला जिंदाबाद

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