भोपाल मेट्रो का फेज-2 जून 2028 तक…2 स्टेशन अंडरग्राउंड
भोपाल में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो दौड़ने लगी है। हर रोज 17 ट्रिप हो रही है और 2 दिन में ही 10 हजार से ज्यादा लोग सफर कर चुके हैं।
हालांकि, ये सफर अभी 6.22 किलोमीटर (कुल ट्रैक 7Km) का है, जबकि आगे 9.74 किलोमीटर तक मेट्रो सुभाषनगर से करोंद के बीच भी दौड़ेगी। यह ऑरेंज लाइन का फेज-2 है। दूसरा रूट ब्लू लाइन का भदभदा से रत्नागिरी तक है। इस पर भी काम की शुरुआत हो चुकी है।
प्रायोरिटी कॉरिडोर में मेट्रो के कमर्शियल रन के बाद पूरा फोकस सेकेंड फेज पर है। इसका काम कहां से कहां तक होगा? क्या डेडलाइन है? कितना समय पूरा होने में लगेगा? मौजूदा काम की क्या स्थिति है? और शहरवासी करोंद से एम्स तक पूरे कुल 16.74Km रूट पर कब से सफर करना शुरू करेंगे? इन्हीं सभी सवालों के जवाब इस रिपोर्ट में पढ़िए…।
सबसे पहले, भोपाल में दो रूट कौन से? 20 दिसंबर को देश में मेट्रो चलाने वाला भोपाल देश में 26वां शहर बन गया। 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हुआ। पिछले 2 दिन में कुल 34 ट्रिप (प्रतिदिन 17 ट्रिप) मेट्रो सुभाषनगर से एम्स के बीच दौड़ चुकी हैं। भोपाल में मेट्रो के 2 रूट पर काम चल रहा है। पहला ऑरेंज लाइन, जो एम्स से करोंद के बीच है, जबकि दूसरा ब्लू लाइन, जो भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तक है। दोनों रूट की कुल लंबाई 30.9 किलोमीटर है।

अब सिलसिलेवार जानते हैं, ऑरेंज लाइन के दोनों फेज के बारे में
ऑरेंज लाइन फेस-1: एम्स से सुभाषनगर तक ऑरेंज लाइन के फेस-1 में एम्स से सुभाषनगर तक मेट्रो दौड़ने लगी है। यह प्रायोरिटी कॉरिडोर है। इस रूट पर कुल 8 स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस तिराहा, अलकापुरी और एम्स है।
20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने हरी झंडी दिखाकर मेट्रो का उद्घाटन किया। वहीं, 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। यानी, उद्घाटन के साथ ही भोपाल मेट्रो सिटी बन गया।

ऑरेंज लाइन फेस-2: सुभाषनगर से करोंद ऑरेंज लाइन के दूसरे फेस में सुभाषनगर से करोंद की कुल दूरी 9.74 किमी लंबा है, लेकिन 8.77 किमी में होगा। इसमें से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे, जिस पर 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस काम की शुरुआत हो चुकी है। पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा पर स्टेशन बनेंगे।
वहीं, बाकी 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इस रूट में आरा मशीनें समेत अतिक्रमण है। अधिकांश अड़चनें दूर कर ली गई हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन के बाद अंडरग्राउंड टर्निमल बनाने वाली मशीनें आएंगी। इसके लिए जमीन भी समतल किया जा चुका है।

अब भोपाल की ब्लू लाइन के बारे में जानिए भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच करीब 13 किमी लंबे मेट्रो ट्रैक पर चलने वाली ब्लू लाइन के लिए 550 स्थानों पर सॉयल टेस्टिंग हुई है। इसकी लागत करीब 1006 करोड़ रुपए आएगी। मिट्टी के परीक्षण से मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक के पिलर कहां बनेंगे और नींव कहां-कहां बनाई जाएगी, इसका पता चल गया है।
इस रूट पर कुल 14 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी प्रस्तावित है। ये स्टेशन राजभवन के ठीक सामने होगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जा रहा है, जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा।
यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है, इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी शुरू कर दिया गया है। यहां रास्ता डायवर्ट हो चुका है।
इस रूट पर भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, केटीसीसी, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी व रत्नागिरी तिराहा स्टेशन आएंगे।

