उपयोग हो चुके स्टाम्प को कूटरचित कर दोबारा बेचते थे
एमपी नगर थाना पुलिस ने फर्जी और उपयोग किए जा चुके स्टाम्प बेचकर शासन को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। बुधवार को पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सात आरोपी अभी फरार हैं। गिरोह कई वर्षों से फर्जी स्टाम्प, कोरे स्टाम्प पेपर्स और नोटरी की जाली सील का दुरुपयोग कर अवैध कमाई कर रहा था। बता दें कि दैनिक भास्कर ने एक दिन पहले ही नकली स्टाम्प घोटाले का खुलासा किया था जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
बोर्ड ऑफिस और पुरानी विधानसभा क्षेत्र में चल रहा था धंधा

पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के निर्देशों पर सहायक पुलिस आयुक्त मनीष भारद्वाज के मार्गदर्शन में एमपी नगर पुलिस ने 18 नवंबर को बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित सारनाथ कॉम्प्लेक्स और पुरानी विधानसभा के सामने स्थित ए.एम. इंटरप्राइजेस पर छापे मारे। यहां से उपयोग हो चुके चिपकाने वाले स्टाम्प, कोरे स्टाम्प पेपर, नोटरी एडवोकेट्स हेमेन्द्र तिवारी और पवन प्रकाश शर्मा के हस्ताक्षर व सील लगे पेपर, स्टाम्प रजिस्टर और फोटो कॉपी किए गए दस्तावेज बड़ी मात्रा में मिले।
गिरफ्तार प्रीतम ने खोला गिरोह का पूरा जाल सारनाथ कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार किए गए प्रीतम प्रजापति ने पुलिस को बताया कि ए.एम. इंटरप्राइजेस के मालिक आकाश और विकास साहू उपयोग हो चुके स्टाम्प खरीदकर उन्हें कूटरचित (टेंपरिंग) कर दोबारा बेचते थे। दुकान पर स्टाम्प वेंडर सुषमा साहू के नाम से कोरे स्टाम्प पेपर रखे रहते थे, जिन पर नोटरी एडवोकेट्स के पहले से हस्ताक्षर और सील लगा दी जाती थी।

‘मामा चेम्बर्स’ में भी चल रहा था गोरखधंधा पुलिस जब मामा चेम्बर्स पहुंची तो दुकान बंद मिली। बाहर मिले नरेश शहरिया ने स्वीकार किया कि दुकान मालिक मामा उर्फ गणेश लोंगरे, उसका बेटा रोहित और वह तीनों मिलकर उपयोग हो चुके स्टाम्प दोबारा बेचते थे। बिना सरकारी राजस्व दिए इन स्टाम्प की बिक्री से गिरोह भारी कमाई कर रहा था।
तीस साल से घर से स्टाम्प बेच रहा था आरिफ अफजल अली गिरोह की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरिफ अफजल अली के 10 नंबर स्थित घर पहुंची। बड़ी मात्रा में फर्जी स्टाम्प, उपयोग किए जा चुके स्टाम्प और फोटो कॉपी किए दस्तावेज मिले। आरिफ ने कबूला कि वह 30 साल से घर से स्टाम्प बेच रहा है और उपयोग किए जा चुके स्टाम्प की फोटो कॉपी कर उन्हें असली बताकर बेचता है। बड़ी मात्रा में उपयोग हो चुके चिपकाने वाले स्टाम्प, कोरे स्टाम्प पेपर्स, नोटरी सील और हस्ताक्षर लगे हरे व सफेद पेपर, स्टाम्प रजिस्टर, फर्जी स्टाम्प की फोटो कॉपी जब्त किए गए हैं।

पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार
- प्रीतम प्रजापति
- नरेश शहरिया
- जतिन साहू
- आरिफ अफजल अली
फरार आरोपी आकाश साहू, विकास साहू, स्टाम्प वेंडर सुषमा साहू, नोटरी एडवोकेट हेमेन्द्र तिवारी, पवन प्रकाश शर्मा, मामा उर्फ गणेश लोंगरे और रोहित लोंगरे।
फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस सभी फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी स्टाम्प का इस्तेमाल किन निजी और सरकारी कामों में किया गया। प्रारंभिक जांच में करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
