उद्योग जगत मे मीडिया की बढ़ती भागीदारी.!
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इंदौर में महँगी इश्तिहारबाजी और धूम धड़ाके से आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन दोपहर भोज का फोटो दैनिक भास्कर ने छापा है.इसका शीर्षक है–पावरफुल लंच:सत्ता और आर्थिक क्षेत्र की बड़ी हस्तियाँ एक टेबल पर.हिंदुजा ब्रदर्स,बाबा रामदेव,रमेश अग्रवाल के अलावा टेबल पर जेटली,शिवराज और रविशंकर प्रसाद नजर आ रहे थे.अख़बार जगत से अकेले भास्कर के मालिक रमेशजी ही मौजूद थे.सब जानते हैं की वो अब सिर्फ अख़बार मालिक नहीं रहे बल्कि कामयाब उद्योगपति भी हैं.वो तेल उद्योग,एनर्जी सेक्टर,रियल स्टेट और नमक निर्माण के साथ सितारा स्कूल भी चला रहे हैं.तब भी उनका परिचय भास्कर समूह के चेयरमेन के नाते ही दिया गया.!
इसमें ज्यादा परेशान होने वाली बात नहीं है.जिस प्रकार अग्रवाल साहब ने हिंदी पत्रकारिता में कामयाब होने के बाद इसके दम पर बिजनेस में कामयाबी हासिल की उससे प्रेरित होकर बहुत से बिजनेसमेन पत्रकारिता में घुस गए है.उन्हें पत्रकारिता से लेना देना नहीं,बस इसके रुतबे का इस्तेमाल कारोबार फलने फूलने में करना है.इसलिए मध्यप्रदेश में पत्रकारिता लुप्त हो रही है.उसका स्थान मार्केट मीडिया लेता जा रहा है.जो आवास/वाहन मेला आयोजित करने,स्कूल/कॉलेज,अस्पताल/विश्वविद्यालय चलाने और गरबा-डांडिया नचाने में लगा है.
उनके संवाददाता इनके प्रवेशपत्र बांटने,गेट पर वीआईपी का स्वागत और पूजा पाठ तथा मिठाई के डिब्बे बांटने में लगा दिए जाते हैं.समिट मे भाषणा मे अग्रवाल साहब ने कहा की जब आप रिस्क नहीं उठा सकते तो काहे के आंत्रप्रेन्योर.? यह बात और है की खुद उन्होंने अख़बार के दम पर बिना रिस्क के सुरक्षित निवेश कर कारोबार बढ़ाया हैं.कुल मिला कर अब भूल जाइये की भारत की अखबारी दुनिया में कभी रामनाथ गोयनका जैसा कद्दावर मालिक भी हुआ करता था. वैसे थोड़ी बहुत पत्रकारिता खून पसीने से सींचे गए उनके इंडियन एक्सप्रेस में ही देखने को मिलती है.
