धाेखाधड़ी का प्रकरण दर्ज हाेना चाहिए

वास्तव में थानाें में शिकायताें काे ही न लेने, लेने पर रिसीट न देने, एफआईआर/कार्रवाई न करने, डाक से आने वाली जनशिकायताें काे लेने से मना करने, मजबूरन आयाेगाें काे की जाने वाली शिकायताें/लाेक सूचना अधिकार की जानकारी न देने/गाेलमाेल/फर्जी/झूठी जानकारी देने, आराेपियाें काे संरक्षण की प्रवृत्ति, फरियादियाें काे ही झकाने का माइंडसेट, चैक से दी गई राशि वापसी हेतु बंद खाते के चैक आदतन देने वालाें, जिस पर स्पष्टत: धाेखाधड़ी का प्रकरण दर्ज हाेना चाहिए, काे षड्यंत्रपूर्वक बचाने के कुत्सित प्रयास और जिसकी अनेक स्तराें पर की गई शिकायताें काे दबा दिया जाना असल समस्या है …..
