ट्रैक्टर से घसीटा; भोपाल में 70 एकड़ जमीन के विवाद में डबल मर्डर, गांव में पुलिस तैनात

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5 बेटों में यशवंत सबसे अधिक चहेता था। हर समय मेरे साथ खड़ा रहता था। मैं 10 साल सरपंच रहा। हर काम वही देखता था। खेती किसानी से लेकर दूध तक का कारोबार भी उसी के जिम्मे था। गैंगरीन की वजह से मेरा एक पैर काटना पड़ा लेकिन, उसने मुझे लाचार महसूस नहीं होने दिया। सोचा नहीं था, पड़ोसी मेरे उसी सहारे को मुझसे छीन लेंगे। वे मेरे बेटे पर कुल्हाड़ी-तलवार लेकर टूट पड़े। उन वहशियों का इतने से मन नहीं भरा। उसकी मौत के बाद भी वे बेटे को ट्रैक्टर से घसीटते रहे।

यह दर्द गणपत सिंह गुर्जर (72) बयां करते हुए रोने लगते हैं। उनके सबसे बड़े बेटे यशवंत और परिवार के ही रंगलाल गुर्जर की शनिवार को हत्या कर दी गई। जॉइंट फैमिली में रहने वाले गणपत सिंह के जिस घर में एक दिन पहले तक खुशियां थीं। अब वहां मातम पसरा है। हर तरफ से रोने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। जो बच्चे घर के आंगन में खेलते कूदते और मस्ती करते थे, वे अब रोते बिलखते दिखाई दे रहे हैं।

जमीन विवाद में हुए डबल मर्डर के बाद ​​​​​​दैनिक भास्कर की टीम भोपाल के ​नजीराबाद स्थित शुक्ला गांव पहुंची। पड़ताल में पता चला कि विवाद 70 एकड़ सरकारी जमीन को कब्जाने से जुड़ा है। जिस पर पूर्व सरपंच और वर्तमान सरपंच अपने-अपने दावे पेश करते आ रहे हैं। शनिवार को हुआ विवाद पहली बार नहीं था। इससे पहले भी दोनों परिवार में विवाद होते रहे हैं।

बेटे की हत्या के बाद बिलख-बिलख कर रोते रहे गणपत सिंह गुर्जर।
बेटे की हत्या के बाद बिलख-बिलख कर रोते रहे गणपत सिंह गुर्जर।

23 दिन पहले हुई थी रंगलाल के बेटे की शादी

विवाद में ग्रामीण रंगलाल की भी हत्या कर दी गई। उनके छोटे बेटे शिवराज की शादी 18 अप्रैल को हुई थी। शादी का मंडप भी नहीं हटाया गया था। परिवार में मेहमानों का लगातार आना-जाना बना था। परिजनों का कहना है कि रंगलाल घर में अकसर खेती किसानी दोनों बेटों के सुपुर्द कर आराम करने की बात किया करते थे। किसी को नहीं पता था कि शादी के महज 23 दिन बाद खुशियां मातम में तब्दील हो जाएंगी।

बड़े बेटे जसवंत गुर्जर ने बताया कि मैं भोपाल एम्स में जॉब करता हूं। भोपाल में ही रहता हूं। शनिवार सुबह ऑफिस जाने की तैयारी कर रहा था, तभी घर से कॉल आया। बताया- पिता का कुछ लोगों ने कत्ल कर दिया है। मैं तत्काल गांव के लिए रवाना हुआ। रास्ते में पता चला कि पिता को बैरसिया अस्पताल में पहुंचाया गया है। वहां उनको जिस हालत में देखा वह मंजर कभी नहीं भूल सकता।

घर में घुसकर भी हमला किया

शुक्ला गांव में रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि किसी को अनुमान भी नहीं था कि सरपंच का परिवार अचानक इतना आक्रामक हो जाएगा। खेत में हुए विवाद के बाद एक दर्जन हमलावर सुबह करीब 9:45 बजे रंगलाल के घर में घुस गए। उनके घर में ट्रैक्टर से तोड़फोड़ की। यह कहते हुए लौट गए कि जमीन पर कोई भी आया तो जिंदा नहीं बचेगा।।

दिव्यांग दादा गणपत सिंह गुर्जर के पास में बैठकर पिता को याद कर बिलखता हुआ मृतक यशवंत का इकलौता बेटा अभिराज।
दिव्यांग दादा गणपत सिंह गुर्जर के पास में बैठकर पिता को याद कर बिलखता हुआ मृतक यशवंत का इकलौता बेटा अभिराज।

कुल्हाड़ी, डंडों, तलवार और फरसों से हमला

परिजनों ने बताया कि उस दिन पता चला कि पड़ोसी साइलो की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इसके बाद रंगलाल अपने भतीजे यशवंत गुर्जर और अन्य रिश्तेदारों के साथ जमीन पर पहुंचे। वहां देखा कि आरोपी पक्ष ट्रैक्टर से साइलो की जमीन पर कल्टीवेटर चला रहे थे। जमीन पर रंगलाल और यशवंत सहित अन्य रिश्तेदारों के पहुंचते ही पड़ोसियों ने पथराव कर दिया। इसके बाद कुल्हाड़ी, डंडों, तलवार और फरसों से हमला कर दिया। रंगलाल लड़ने के इरादे से नहीं गए थे। आरोपियों ने निहत्थे लोगों पर बेरहमी से हमला किया। पीट-पीटकर रंगलाल और यशवंत की जान ले ली।

गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। आरोपी पक्ष के लोग घर में ताला लगाकर फरार हैं।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। आरोपी पक्ष के लोग घर में ताला लगाकर फरार हैं।

पुलिस बल के बीच अंतिम संस्कार

रंगलाल और यशवंत गुर्जर के अंतिम संस्कार अलग-अलग हुए। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव में तनाव के हालात अब भी बने हैं। आरोपी अपने घरों में ताला लगातार भाग चुके हैं, लेकिन उनके घरों के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। गांव में भी भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार इलाके में दौरा कर रहे हैं।

साइलो की जिस जमीन के टुकड़े को लेकर दो पक्षों में जहां खूनी संघर्ष हुआ, वहां जगह-जगह खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। विवाद के दौरान जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे लोगों के खून से सने जूते वहां पड़े हैं। फावड़ा और डंडे भी पड़े दिखे।

जमीन विवाद में रंगलाल और यशवंत गुर्जर की हत्या कर दी गई।
जमीन विवाद में रंगलाल और यशवंत गुर्जर की हत्या कर दी गई।

मलबे में तब्दील हुआ साइलो

सरकारी जमीन पर बना साइलो अब मलबे में तब्दील हो चुका है। उसमें मौजूद सामान को लगातार शिफ्ट किया जा रहा है। इसमें काम कर रहे लोग दहशत में हैं। घटना के संबंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। घटना के चश्मदीद यशवंत का भाई घटनाक्रम भूला नहीं पा रहा है। वह गंभीर रूप से घायल है।

मलबे में तब्दील हो चुका साइलो। इसी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था।
मलबे में तब्दील हो चुका साइलो। इसी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था।

सरपंच सहित 17 लोगों पर हत्या का केस दर्ज

नजीराबाद पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के मामले में गांव की वर्तमान सरपंच भूरी बाई गुर्जर, रूप सिंह, हेमराज, भगवान सिंह, मांगीलाल गुर्जर, विश्राम सिंह गुर्जर, राधेश्याम गुर्जर, संजू, भारत, दयाल, रामनारायण, सूरज, आराम सिंह, प्रताप सिंह, नारायण, रामबाबू, बलराम व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी के खिलाफ हत्या, धारदार हथियार से हमला, मारपीट, बलवा और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में FIR दर्ज की गई है।

रंगलाल के घर के बाहर तैनात पुलिस बल। गांव में अब भी तनाव के हालात हैं।
रंगलाल के घर के बाहर तैनात पुलिस बल। गांव में अब भी तनाव के हालात हैं।

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