‘मछली’ परिवार की कोठी तोड़ने पहुंचे बुल्डोजर

0
Spread the love

भोपाल के ‘मछली’ परिवार की कोठी पर गुरुवार को जिला प्रशासन का बुल्डोजर चलेगा। एसडीएम विनोद सोनकिया समेत जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा है। 23 दिन पहले 6 अवैध निर्माण तोड़ जा चुके हैं। नियमों के चलते कोठी को सील किया था, जिसे आज तोड़ा जा रहा है।

ड्रग्स तस्करी के आरोप में यासीन और उसके चाचा शाहवर मछली के पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद अब इनके परिवार के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है। 30 जुलाई को बड़ी कार्रवाई की गई थी।

इसके बाद ऐसी और संपत्ति के बारे में पता लगाया गया, जो अवैध हो, सरकारी जमीन पर बनी हो या किसी से छिनी गई हो। हालांकि, अभी इस बारे में अफसर कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन कोठी को तोड़ने की कार्रवाई जरूर शुरू की जा रही है।

तीन मंजिला कोठी में सामान शिफ्टिंग के लिए दिया था समय 30 जुलाई को ही मछली परिवार की एक तीन मंजिला कोठी को प्रशासन ने सील किया था। कुछ सामान तो इसी दिन खाली करवा दिया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रशासन ने नियमानुसार रियासत दी। एसडीएम सोनकिया ने बताया कि अवधि खत्म होते ही कोठी तोड़ने की कार्रवाई कर रहे हैं।

30 जुलाई को की गई थी बड़ी कार्रवाई।
30 जुलाई को की गई थी बड़ी कार्रवाई।

50 एकड़ में किया था अवैध कब्जा बता दें कि 30 जुलाई को भारी भरकम पुलिस अमले के साथ जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मछली परिवार की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की थी। यहां करीब 50 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने फॉर्म हाउस, वेयर हाउस, फैक्ट्री और मकान को तोड़ा गया। हताईखेड़ा में अवैध ठिकानों को तोड़ने की कार्रवाई के दौरान एक कोठी को सील किया गया था। अवैध संपत्ति की कुल कीमत 100 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

पिछली बार की गई कार्रवाई के दौरान जंगल के अंदर एक बड़े फॉर्म हाउस को भी तोड़ दिया गया था। यहां झूलों से लेकर स्विमिंग पूल समेत शान-ओ-शौकत का महंगा सामान भी था। खास बात यह है कि जिस जगह फॉर्म हाउस, कोठी, फैक्ट्री, मदरसा थे, वहां चकाचक सड़क, बीचोंबीच पॉम के पेड़ भी लगे थे, जबकि हताईखेड़ा के अन्य इलाकों में सड़कें कीचड़ से सनी और कच्ची नजर आईं। अवैध निर्माण हताईखेड़ा डैम से 50-100 मीटर के दायरे में ही किया गया था। कॉलोनी की सड़क डैम के पानी को छू रही थी।

बता दें, भोपाल पुलिस ने कॉलेज छात्राओं से जुड़े रेप-ब्लैकमेलिंग केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद यासीन का चाचा शारिक मछली भी पुलिस की गिरफ्त में आया।

30 जुलाई को इतनी संपत्ति पर हुई थी कार्रवाई।
30 जुलाई को इतनी संपत्ति पर हुई थी कार्रवाई।

चाचा-भतीजा क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए दरअसल, रेप और ब्लैकमेलिंग केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी।

यासीन के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता दिख रहा है। मोबाइल में युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे। सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481