बैतूल की भड़ंगा नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी

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बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अगस्त महीने के आखिरी दिनों में पूरा मध्यप्रदेश भीगेगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यहां 21 अगस्त से अति भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले भी बारिश का दौर चल रहा है। मंगलवार को 9 जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है। यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इसके बाद सिस्टम और स्ट्रॉन्ग होगा। 21 और 22 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी हिस्सा तरबतर हो जाएगा।

नदी में ट्रॉली पलटी, चट्टान में फंसे 3 युवक बैतूल के चोपना थाना क्षेत्र में भड़ंगा नदी में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे बटकीडोह-नारायणपुर के बीच भड़ंगा नदी के रपटे पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी के तेज बहाव में पलट गई। ट्रॉली पर सवार 5 युवकों में से 2 तैरकर बाहर निकल आए, जबकि 3 युवक नदी के बीच चट्टान पर फंस गए।

सूचना मिलते ही चोपना टीआई नरेंद्र सिंह परिहार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कराया। ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल कर नदी के बीच करीब 30 मीटर दूर चट्टान तक पहुंचकर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

देखिए रेस्क्यू की 2 तस्वीरें…

2 युवक तैरकर बाहर आ आए, जबकि 3 युवक नदी के बीच चट्टान पर फंस गए।
2 युवक तैरकर बाहर आ आए, जबकि 3 युवक नदी के बीच चट्टान पर फंस गए।
सुरक्षा उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल कर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सुरक्षा उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल कर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रदेश से गुजर रही मानसून टर्फ मौसम विभाग के अनुसार, अभी प्रदेश से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। इस वजह से इंदौर-उज्जैन संभाग में तेज बारिश हो रही है। वहीं, 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन, दो टर्फ और एक लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव है। 21-22 अगस्त को सिस्टम ज्यादा स्ट्रॉन्ग रहेगा।

इंदौर-उज्जैन में तेज बारिश, भोपाल समेत 22 जिलों में पानी गिरा प्रदेश में सोमवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इंदौर में 1 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, उज्जैन में करीब एक इंच और दमोह में आधा इंच बारिश हो गई। राजधानी भोपाल में दोपहर बाद कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश जारी रही।

शाजापुर, रतलाम, खरगोन, बड़वानी, धार, बैतूल, गुना, नर्मदापुरम, रायसेन, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सतना, उमरिया, देवास, सीहोर, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी भी हल्की बारिश हुई। रात में भी बारिश का दौर जारी रहा।

प्रदेश में सोमवार को हुई बारिश की तस्वीरें…

राजधानी भोपाल में दिनभर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा।
राजधानी भोपाल में दिनभर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा।
जबलपुर में एक लोडिंग ऑटो नदी में बह गया। ट्रैक्टर की मदद से उसे बाहर निकाला गया।
जबलपुर में एक लोडिंग ऑटो नदी में बह गया। ट्रैक्टर की मदद से उसे बाहर निकाला गया।
खरगोन के पीपलझोपा में सिरवेल मार्ग पर जलभराव की स्थिति बनी।
खरगोन के पीपलझोपा में सिरवेल मार्ग पर जलभराव की स्थिति बनी।
खरगोन के पीपलझोपा में सिरवेल मार्ग पर जलभराव की स्थिति बनी।
खरगोन के पीपलझोपा में सिरवेल मार्ग पर जलभराव की स्थिति बनी।

एमपी में अब तक 31.5 इंच बारिश बता दें कि प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 31.5 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 25.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 5.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यानी, अब तक 85 प्रतिशत पानी गिर चुका है।

अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम

ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई।

इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के 8 जिलों में से 7 में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं। दतिया में भी 92 प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुकी है।

15 में से दो भोपाल, एक जबलपुर, 7 ग्वालियर-चंबल, 3 सागर और 1 जिला रीवा संभाग का है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग में सिस्टम की एक्टिविटी कम देखने को मिलीं। इस वजह से दोनों संभाग के 15 में से 9 जिलों में कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई है।

मंडला-गुना में 47 इंच से ज्यादा पानी गिरा इस बार सबसे ज्यादा पानी मंडला और गुना में गिरा है। यहां आंकड़ा 47 इंच के पार पहुंच गया है। निवाड़ी में 47 इंच, टीकमगढ़ में 45.5 इंच और अशोकनगर में 44 इंच पानी गिर चुका है।

अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड…

भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं।

इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है।

जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी।

जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।

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