अहमदाबाद विमान हादसे में इकलौता बचा इंसान

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अहमदाबाद विमान हादसे में इकलौता बचा इंसान विश्वास इसलिए बच गया क्योंकि उसकी सीट विमान के मुख्य द्वार के पास थी,जिससे वह विमान टकराते ही निकल कर बाहर भाग गया और बच गया…..

अगर उसकी तरह बाकी यात्री भी अपने आस पास के इमरजेंसी निकास द्वार का उपयोग करते तो शायद कुछ जाने और बच जाती…….

विमान में “एक्जिट पॉइंट” या निकास द्वार, एक ऐसा स्थान होता है जहां यात्री विमान से बाहर निकल सकते हैं, खासकर आपातकालीन स्थिति में……

ये निकास द्वार विमान के आकार और प्रकार के अनुसार अलग-अलग जगह पर स्थित हो सकते हैं, जैसे कि विमान के आगे, मध्य या पीछे, या पंख पर भी,

विमान में तीन प्रकार के निकास द्वार होते हैं:
यात्री निकास
ये सामान्य निकास द्वार हैं जो यात्रियों को विमान में चढ़ने और उतरने की अनुमति देते हैं।

सेवा द्वार.
इन द्वारों का उपयोग विमान के उपकरणों, जैसे कि लगेज, सामान या अन्य सेवा सामग्री तक पहुंचने के लिए किया जाता है।

आपातकालीन निकास:
ये विशेष रूप से बनाएं गए निकास द्वार हैं जो आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकलने की अनुमति देते हैं।
इन निकास द्द्वारों की संख्या विमान के आकार और प्रकार के आधार पर निर्धारित होती है जो 2 से लेकर 12 तक हो सकती है

जो भी यात्री एग्जिट गेट के पास बैठा होता है उसके दाहिनी हिस्‍से में गेट के ठीक ऊपर की तरफ एक लाल रंग का हैंडल दिया होता है. जिस पर लिखा होता है “पुल टू ओपन”.
इसे पकड़कर अपनी तरफ खींचना होता है,
ऐसा करने पर वो गेट खुल जाता है
और इनके खोलने पर एक आपातकालीन स्लाइड निकलती जो जिससे यात्री आपातकाल में बाहर निकल सकता हैं…….

विपत्ति का क्या पता कब आ जाए पर अगर इंसान अपनी सुझबुझ और साहस से काम ले तो उसके बचने के आसार ज्यादा हो जाते हैं……

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