विजय शाह की अभद्र टिप्‍पणी पर बीजेपी हाईकमान कब लेगी एक्‍शन

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*विजय शाह की अभद्र टिप्‍पणी पर बीजेपी हाईकमान कब लेगी एक्‍शन?*

*देश की बेटी और सेना की शान पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह पर आखिर कब होगी कड़ी कार्रवाई?*

*पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी और स्कूल की बेटियों के साथ अभद्रता कर चुके मंत्री को क्या मोहन यादव मंत्रिमंडल से करेंगे बर्खास्त?*

*हाईकोर्ट का DGP को आदेश, मंत्री विजय शाह पर करें FIR*

*विजया पाठक, एडिटर, जगत विजन*
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने देश के गौरव के साथ अखण्डता और एकता पर वार किया है। उन्होंने ना सिर्फ बीजेपी को बल्कि भारतीय फौज को भी अपमानित किया है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भारतीय संस्कृति को मिट्टी में मिलाने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री पर कार्रवाई कर देश के सामने एक मिसाल पेश करे। अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने की कोशिश करने वाले प्रदेश के मोहन सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह की कर्नल सौफिया कुरैशी पर की गई अभद्र टिप्पणी ने पूरे महिला समाज को शर्मसार कर दिया है। शाह के इस बयान ने न सिर्फ समाज के महिला वर्ग की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस किया है बल्कि उन्होंने देश की सीमा पर तैनात रहने वाली उन लाखों महिलाओं और बेटियों पर अभद्र टिप्पणी की है। विजय शाह की इस टिप्पणी ने जहां भारतीय जनता पार्टी की महिला सम्मान की संस्कृति को तार-तार कर दिया है बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला सैनिकों के सम्मान और वीरता के लिए दिये गये उस सलाम को भी मिट्टी में मिला दिया है जो उन्होंने दो दिन पहले राष्ट्र के संबोधन के नाम पर दी थी। समझने वाली बात यह है कि भ्रष्टाचारी और दुराचारी मंत्री विजय शाह के दिमाग में गंदगी के अलावा क्या कुछ नहीं है। यह पहला अवसर नहीं है जब शाह ने इस तरह से गैर जिम्मेदाराना बयान दिया हो इससे पहले भी विजय शाह झूठी पब्लिसिटी पाने के लिए फालतू के बयान देते रहे हैं।

*देश और प्रदेश की बेटी पर उठाया सवाल*
विजय शाह ने इंदौर जिले के मानपुर क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा पहले तो पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, हर झोपड़ी और हर खोपड़ी में हलमा होना चाहिए, हलमा मतलब दूसरों के लिए जीना, समाज के लिए जीना। जैसे हमारे मोदी जी समाज के लिए जी रहे हैं, समाज के लिए जान लगा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि जिन्होंने हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़े थे, वह कटे-पिटे लोगों को, हमने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी ऐसी की तैसी करवाई। आतंकवादियों ने कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी-तैसी करने हमारे जहाज से उनके घर भेजा। मोदी जी कपड़े उतार नहीं सकते थे, इसलिए उनके समाज की बहन को भेजा, कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है तो तुम्हारी समाज की बहन आकर के पाले खोल के छोड़ेगी।

*डैमेज कंट्रोल की कोशिश न करे भाजपा बल्कि इस्तीफा ले*
देश की बेटियों पर इस तरह के अभद्र किस्म की टिप्पणी करने वाला यह नालायक मंत्री विजय शाह को मोहन सरकार को तत्काल प्रभाव से कैबिनेट से बाहर कर देना चाहिए। यही नहीं राष्ट्रीय महिला आयोग को एक्शन लेते हुए चुनाव आयोग को विजय शाह का विधायक पद समाप्त करने की सिफारिश करना चाहिए। कुल मिलाकर ड़ॉ. मोहन यादव से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक हर किसी को इस पूरे मामले पर संज्ञान लेना चाहिए और विजय शाह की राजनीतिक यात्रा पर तत्काल प्रभाव से ब्रेक लगाना चाहिए। क्योंकि यह समय डेमेज कंट्रोल का नहीं है बल्कि यह समय फैसला लेने का है अगर भाजपा, सत्ता और संगठन शाह के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई करते हैं तो निश्चित ही यह फैसला अन्य राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए एक बड़ा सबक होगा। क्योंकि जो नेता मां-बेटियों और बहनों की इज्जत नहीं करता उसे इस देश और प्रदेश में सत्ता पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।

*कुत्ते की पूछ की तरह है विजय शाह की चाल*
देखा जाये तो विजय शाह के विवादित बयान उस कुत्ते की पूछ की तरह है जिसे 12 साल पोंगली में रखे तो भी वह निकलने के बाद तिरछी ही निकलेगी। ऐसा ही है विजय शाह का चरित्र। इससे पहले शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान को लेकर विवादित बयान दिया था जिसके बाद चौहान ने तत्काल प्रभाव से शाह से इस्तीफा लेकर उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था। उसके बाद शाह ने स्कूल शिक्षा मंत्री रहते हुए एक समारोह में स्कूल की लड़कियों पर भद्दी टिप्पणी की थी जिसके बाद भी भाजपा और सत्ता, संगठन ने कोई कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। यही कारण है कि शाह को दोनों ओर से बराबर ढील मिलती चली गई और वह इस तरह की अभद्रता भरी बयानबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।

*विजय शाह को मिले ऐसी सजा, जो बने मिसाल*
एक महिला पत्रकार होने के नाते मैं यही चाहूंगी कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और गृहमंत्री अमित शाह तीनों मिलकर विजय शाह की इस अभद्रता पर कार्रवाई वोट की राजनीति से उठकर करें तो निश्चित तौर पर वह एक मिसाल बनेगी। अगर भारतीय जनता पार्टी ने ऐसा निर्णय लेकर शाह को बर्खास्त कर दिया तो यह फैसला आने वाले कई वर्षों तक लोगों की स्मृति में बना रहेगा और दोबारा कोई गंवार नेता इस तरह की अभद्रता भरे बयान नहीं देगा।

*कोर्ट का आदेश, शाह पर दर्ज करें एफआईआर*
मंत्री विजय शाह पर एफआईआर की जाएगी। हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया है। डीजीपी को मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से सुर्खियों में आईं कर्नल सोफिया को लेकर मंत्री ने टिप्पणी की थी। उन्हें आतंकियों का रिश्तेदार बता दिया था, जिसके बाद मंत्री के बयान के खिलाफ विरोध के स्वर उठे थे। आपत्तिजनक बयान पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। जबलपुर की खंडपीठ ने स्वप्रेरणा विजय शाह पर गंभीर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज करने के निर्देश दिये हैं।

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