पति के अवैध संबंधों से परेशान थी हनीफा

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मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-वन में आपने पढ़ा कि शाजापुर जिले के जंगल में एक महिला की अधजली लाश मिलती है। पुलिस जांच में पता चलता है कि ये नर्स वंदना सोनी की लाश है, जो आष्टा के सिविल अस्पताल में काम करती थी।

वंदना की बहन सुनंदा शर्मा ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। पुलिस को जांच में पता चला कि मंडीदीप से आष्टा आने-जाने के दौरान वंदना की कंडक्टर अंसार से जान-पहचान हुई थी। अंसार और वंदना के बीच प्रेम संबंध बन गए।

अंसार ने उसे अपने घर में किराए से रहने के लिए कमरा तक दे दिया था। बाद में वंदना रूम खाली कर दूसरी जगह रहने चली गई थी।

पुलिस की पूछताछ में अंसार ने वंदना के साथ अवैध संबंध और हत्या की बात कबूल की, लेकिन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस को उस पर संदेह हुआ। पता चला कि वो झूठ बोल रहा है, उसने वंदना की हत्या नहीं की है। आखिर वंदना का हत्यारा कौन है? पार्ट-2 में जानिए, सवालों के जवाब…

अंसार के कबूलनामे के बाद भी नर्स वंदना सोनी की हत्या की गुत्थी नहीं सुलझी थी।
अंसार के कबूलनामे के बाद भी नर्स वंदना सोनी की हत्या की गुत्थी नहीं सुलझी थी।

कॉल डिटेल से मिला हत्यारे का सुराग पुलिस की गिरफ्त से अब भी नर्स वंदना सोनी का हत्यारा दूर था। पुलिस प्रेमी अंसार से पूछताछ कर चुकी थी, लेकिन रिक्रिएशन में खुलासा हो गया कि हत्या उसने नहीं की है। वो झूठ बोल रहा है।

अंसार की पत्नी हनीफा को वंदना और पति के प्रेम संबंध के बारे में पता है या नहीं, ये जानने के लिए पुलिस अब हनीफा से पूछताछ करने वाली थी। इस बीच पुलिस ने सभी की कॉल डिटेल की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड में पुलिस लगभग असली कातिल तक पहुंच गई। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज दिखाने के लिए पुलिस ने वंदना की बहन सुनंदा को बुलाया ताकि पता चल सके कि आखिरी बार जिस महिला और वंदना के बीच मुलाकात हुई, वो कौन है?

वंदना-अंसार के बीच 1 महीने में 489 बार बातचीत पुलिस ने वंदना, अंसार, हनीफा और रामचरण उर्फ गुड्‌डू के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली। पता चला कि 1 जनवरी 2019 से 7 फरवरी 2019 के बीच वंदना और अंसार शाह की लगभग 489 बार मोबाइल कॉल और मैसेज के जरिए बात हुई।

इसी तरह 1 जनवरी 2019 से 3 फरवरी 2019 के बीच अंसार की पत्नी हनीफा और नर्स वंदना के बीच 10 बार मैसेज और बातचीत के जरिए बात हुई। वहीं, रामचरण उर्फ गुड्‌डू और हनीफा के बीच 1 जनवरी 2019 से 7 फरवरी 2019 के बीच 236 बार बातचीत हुई।

बुर्का पहने महिला सीसीटीवी में हुई कैद पुलिस आष्टा सिविल अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुकी थी। उसमें आखिरी बार वंदना नजर आई थी। इसके बाद सीधे उसकी लाश मिली। फुटेज में एक महिला एक बच्ची के साथ आती हुई दिखी। महिला ने बुर्का पहन रखा था।

पुलिस ने नर्स वंदना की बहन सुनंदा को फुटेज दिखाए तो उसने कहा- बुर्का पहनी हुई महिला हनीफा है, जो अंसार की पत्नी है। साथ में जो बच्ची नजर आ रही है, वो हनीफा की बेटी है। बाद में वीडियो में हनीफा, उसकी बेटी और वंदना तीनों लोग जाते हुए दिखाए दिए।

वंदना-हनीफा के बीच कई बार झगड़े हुए सुनंदा ने पुलिस को बताया कि वंदना और हनीफा के बीच कई बार आपस में झगड़े हुए। हनीफा कई बार उसकी बहन से माफी मांग लेती थी और वापस बातचीत करने लगती थी। झगड़ों के कारण ही अंसार ने वंदना से मकान खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए कहा था। वहां भी अंसार का वंदना के यहां आना-जाना था। वंदना का भी अंसार के घर आना-जाना था।

इस तरह दिया गया हत्या को अंजाम 31 जनवरी की दोपहर 12.30 बजे हनीफा आष्टा अस्पताल पहुंची। वंदना को अपने साथ अपने घर लाई। यहां दोपहर 1.30 बजे घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में दोनों के बीच अंसार के साथ वंदना के संबंधों को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान हनीफा ने पास में रहने वाले तांत्रिक गुड्डू को भी बुला लिया।

तांत्रिक ने शव ठिकाने लगाने की प्लानिंग की शव को ठिकाने लगाने की पूरी प्लानिंग हनीफा के साथी तांत्रिक रामचरण उर्फ गुड्डू ने की। पहले हनीफा और गुड्डू ने वंदना के शव को प्लास्टिक के ड्रम में रख दिया। इसके बाद गुड्डू ने किराए पर एक कार ली। ड्राइवर की मदद से गुड्डू ने ड्रम को उठाकर कार में रखा और शव अपने ससुराल घुंसी गांव ले गया।

गुड्‌डू शाम करीब 6 बजे घुंसी के पास पहुंचा। यहां गांव के पास जंगल में ड्रम उतारा और कार वापस भेज दी। ड्रम को झाड़ियों में छुपाकर वह अपने ससुराल चला गया। यहां उसने अपने और वंदना सोनी के मोबाइल, लैपटॉप एक कोठी में छुपा दिए।

तांत्रिक रामचरण उर्फ गुड्‌डू अपने दोस्त देवेंद्र सिंह ठाकुर के घर गया। देवेंद्र ने गुड्‌डू की छिपने में मदद की जबकि वो जानता था कि गुड्‌डू वंदना सोनी की लाश को जलाकर आया है।

हत्या में इस्तेमाल टामी छत पर, कपड़े अलमारी में छिपाए हनीफा ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की टामी (रॉड) उसने घर की छत पर छिपाकर रखी है। कपड़े अलमारी में छिपाए हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इन्हें जब्त कर लिया। टामी के आगे के हिस्से में खून लगा था।

वंदना का बड़ा मोबाइल हनीफा ने अपने पास रख लिया था जबकि छोटा मोबाइल गुड्‌डू ने रख लिया। पूछताछ में रामचरण उर्फ गुड्‌डू ने पुलिस को बताया कि उसने वंदना का मोबाइल अपने ससुर के घर में रखा है जबकि सिम तोड़कर फेंक दी है।

आरोपियों ने कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज को चैलेंज किया पुलिस ने अपनी जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश कर दिया। हनीफा और रामचरण उर्फ गुड्‌डू को धारा 302, 120बी, 201 और देवेंद्र सिंह को धारा 212 का आरोपी बनाया गया था।

बेटी के हत्यारों को सजा से पहले मां की मौत लाश लापता नर्स वंदना सोनी की है, ये कन्फर्म होने के बाद पुलिस ने वंदना की मां राधा बाई जो मंडीदीप में नर्स थीं, उनके ब्लड सैंपल भी लिए थे। डीएनए जांच रिपोर्ट में पुष्टि हो गई कि वंदना राधा बाई की बेटी है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान मां राधा बाई के बयान नहीं हो सके। 25 अप्रैल 2021 को यानी घटना के करीब 2 साल बाद उनकी मौत हो गई। मां बेटी के हत्यारों को सजा होते हुए नहीं देख पाई।

कोर्ट में पलटा गवाह, तीसरा आरोपी बरी पुलिस ने केस में तीन लोगों को आरोपी बनाया था। पहली हनीफा, दूसरा रामचरण उर्फ गुड्‌डू और तीसरा देवेंद्र, जिसने शव जलाने वाले रामचरण को छिपने में मदद की थी।

पुलिस ने आरोपी तांत्रिक रामचरण उर्फ गुड्‌डू की गिरफ्तारी के संबंध में ब्रजसिंह को भी गवाह बनाया था।

हत्या के चार साल बाद दो दोषियों को उम्रकैद ब्रजसिंह ने इस बात से भी मना किया कि आरोपी देवेंद्र उसके पास रामचरण उर्फ गुड्‌डू को लेकर आया था और कहा था कि उसके यहां जगह नहीं है, इसलिए गुड्‌डू को अपने खेत में बने कमरे में रुकवा दो। ब्रजसिंह ने इस बात से भी इनकार किया कि बेरछा पुलिस उसके यहां आई थी। इस बात से भी मना किया कि उसने देवेंद्र के कहने पर गुड्‌डू को अपने खेत में बने कमरे में रुकवाया।

पुलिस ने आरोपी तांत्रिक रामचरण गुड्‌डू और देवेंद्र की कॉल डिटेल भी कोर्ट में पेश की थी, जिसमें पाया था कि दोनों के बीच 31 जनवरी को 7 बार बातचीत हुई है। 1 फरवरी 2019 के बाद भी दोनों के बीच गिरफ्तारी के पहले तक बातचीत होती रही।

लेकिन कोर्ट में ये साबित नहीं हो सका कि आरोपी देवेंद्र ने गुड्‌डू को छिपने में मदद की है। आखिरकार, घटना के 4 साल बाद 21 दिसंबर 2023 को शाजापुर जिला कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने आरोपी हनीफा और रामचरण को उम्र कैद की सजा सुनाई जबकि देवेंद्र सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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