सीजीएसटी मामला:फर्म ने 60 हजार करोड़ रुपए की फर्जी आईटीसी जेनरेट की थी

सीजीएसटी द्वारा नई दिल्ली और प्रदेश की 20 फर्मों के बीच फर्जी आईटीसी के ट्रांसफर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की मास्टरमाइंड दिल्ली की ट्रेडिंग फर्म ने कुल 60 हजार करोड़ की फर्जी आईटीसी जेनरेट की थी। इसमें से कुल 3000 करोड़ की आईटीसी मप्र की 20 फर्मों को ट्रांसफर हुई थी।
शनिवार तक सेंट्रल जीएसटी की प्रिवेंटिव टीमों ने ग्वालियर की एक और टीकमगढ़ की 2 ट्रेडिंग फर्मों से 450 करोड़ की आईटीसी रिवर्स कराई थी। रविवार को बची 17 फर्मों का वेरिफिकेशन पूरा हो गया। इनमें से कोई भी बोगस फर्म नहीं मिली, सभी व्यापारिक रूप से एक्टिव हैं। पहले जांचकर्ताओं को शंका थी कि मप्र की कुछ फर्म्स बोगस हो सकती हैं।
जांच में सामने आया है कि नई दिल्ली कि जिस ट्रेडिंग फर्म ने मप्र की 20 फर्मों को 3000 करोड़ का फर्जी आईटीसी ट्रांसफर किया, उसका एक और जीएसटी रजिस्ट्रेशन है। हालांकि अभी ये साफ नहीं कि इस फर्म ने दूसरे रजिस्ट्रेशन से कोई फर्जी जीएसटी जेनरेट किया था या नहीं। मप्र में चल रही कार्यवाही अगले 2 दिनों में खत्म होने की उम्मीद है।
ग्वालियर की फर्म से 150 करोड़ रिवर्सल होगा
एक जांच अधिकारी ने बताया कि सोमवार तक ग्वालियर की एक और फर्म से 150 करोड़ की आईटीसी रिवर्स कराई जाएगी। अधिकारी ने ये भी कहा कि सभी 17 फर्मों में से कोई भी फर्म आईटीसी का उपयोग करने की तैयारी में नहीं मिली।
