आज 30 मयी पत्रकारिता दिवस पर सभी को बधाई
आज 30 मयी पत्रकारिता दिवस पर सभी को बधाई
ऐसी मान्यता है कि 30 मयी 1826 को ठीक 200 वर्ष पहले हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत हुई थी। हिंदी का पहला समाचार पत्र उदंत मार्तंड का प्रकाशन कोलकाता से शुरू हुआ था। जुगल किशोर शुक्ल इसके संपादक थे और उस समय अंग्रेजों के खिलाफ इस समाचार पत्र ने लंबी लड़ाई लड़ी थी। आज हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण हो गए। आजादी से पहले और आजादी के बाद पत्रकारिता में बहुत बदलाव देखने को मिला है। पिछले 40 , 45 वर्षों से मैं भी पत्रकारिता से जुड़ा रहा हूं। दैनिक स्वदेश, दैनिक देशबंधु दैनिक भास्कर दैनिक जागरण दैनिक राज एक्सप्रेस जैसे बड़े अखबारों में कार्य करने का मौका मिला कुछ अखबारों नगर प्रभारी के रूप में दायित्व निभाया खासकर दैनिक जागरण में लगभग 20 वर्षों तक सेवाएं दी इस दौरान मेरे अनेक सहयोगी रिपोर्टर जिनमें चंद्रहास शुक्ला, ऋषि पांडे, राजेश चतुर्वेदी दिनेश गुप्ता, स्वर्गीय राजेश दुबे प्रकाश भटनागर मनोज पाठक आरिफ मिर्जा और भी अन्य सहयोगी रहे सबको अपनी योग्यता और क्षमता के अनुसार विभागों का खबरों के लिए दायित्व सौंपा गया। सब अपना अपना कवरेज जिम्मेदारी से करने के साथ किसी विशेष खबर को खोजने में लगे रहते थे वह दौर खोजी खबरों का हुआ करता था तब इतने संसाधन भी नहीं थे और ना ही आधुनिक तकनीक। आरिफ मिर्जा को उनकी क्षमता अनुसार शहर में लगने वाली प्रदर्शनियों एवं कला व विशेष साक्षात्कार संबंधी खबरें देना होती थी। ऐसी खबरों को खोजने में वह माहिर थे अपनी कुटिल मुस्कान और कुटिल नजरों से वह खबरों को खोजते थे। उसे दौर में कई साथी ऐसे होते थे जिनकी निगाहें कहीं और तथा निशाना कहीं और होता था। अब दौर बदल गया है बड़े बैनर और बड़े अखबारों में काम करने वाले भी आजकल सोशल मीडिया और युट्यूबर बनकर रह गए हैं या फिर ऐसे छोटे अखबारों में काम कर रहे हैं जिनका नाम तक बहुत कम लोग जानते हैं यह उनकी भी मजबूरी है क्योंकि वह आज की पत्रकारिता और आधुनिक तकनीक के आगे अपने को बौना समझने की भूल कर रहे हैं।bhupendra nigam
