सेंधवा चेकपोस्ट पर वसूली का फूलप्रूफ सिस्टम
एमपी में 1 जुलाई से चेकपोस्ट बंद कर दिए गए हैं। सरकार ने इन्हें बंद करते हुए दावा किया था कि चेकपोस्ट पर गुजरात की तरह नई व्यवस्था लागू होगी, जिससे अवैध वसूली बंद हो जाएगी। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने मप्र-राजस्थान बॉर्डर पर नीमच के नयागांव के पुराने चेकपोस्ट पर स्टिंग किया तो यहां नई व्यवस्था तो दिखाई नहीं दी उल्टा ट्रकों से अब भी अवैध वसूली जारी है।
इसी तरह भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम ने एमपी-महाराष्ट्र बॉर्डर पर सेंधवा के पुराने चेकपोस्ट पर भी जाकर देखा तो यहां भी अवैध तरीके से वसूली हो रही है। डॉक्यूमेंट होने के बाद भी बिना रुपए लिए ट्रक को जाने नहीं दिया जाता। सेंधवा के पुराने चेकपोस्ट पर कंटेनर रखे हुए हैं। इन्हीं में से एक कंटेनर के बाहर आरटीओ की टीम खड़ी रहती है।
हालांकि, जिस समय भास्कर की टीम इस चेक पॉइंट पर पहुंची थी तब तक चेकपोस्ट से करोड़ों रुपए की कमाई करने वाले पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के यहां छापा पड़ चुका था, लिहाजा आरटीओ के कर्मचारी बेहद सतर्क हो चुके थे। इसके बाद भी पैसे लेते हुए कर्मचारी भास्कर के कैमरे में कैद हुए। पढ़िए रिपोर्ट…

जिस ट्रक में एक से ज्यादा लोग उन्हें नहीं रोका जाता तारीख- 22 दिसंबर, समय- सुबह 8 बजे भास्कर रिपोर्टर नीमच के नयागांव चेकपोस्ट से महाराष्ट्र जाने वाले ट्रक में 21 दिसंबर को क्लीनर बनकर बैठा। दूसरे दिन सुबह करीब आठ बजे ये ट्रक सेंधवा के पुराने चेक पोस्ट पर पहुंचा। सुबह का वक्त था। यहां ज्यादा चहल पहल नहीं थी। ये देखकर हैरानी जरूर हुई कि इतनी सुबह चेकपोस्ट के कंटेनर के पास आरटीओ की गाड़ी खड़ी थी।
जब हमारा ट्रक यहां से गुजरा तो उसे आरटीओ ने नहीं रोका। चेकपोस्ट क्रॉस करने के बाद भास्कर रिपोर्टर ट्रक से नीचे उतर गया। एक घंटे बाद वापस जाकर देखा तो समझ आया कि यहां उन्हीं गाड़ियों को रोका जाता है, जिसमें ड्राइवर अकेले सफर करता है।

गाड़ी दूर रुकवाकर ड्राइवर को अकेले बुलाते हैं सेंधवा के पुराने चेकपोस्ट बैरियर पर MP09DK9799 नंबर की आरटीओ की गाड़ी खड़ी रहती है। आरटीओ के कर्मचारी गाड़ी ड्राइवर को 200 मीटर दूर गाड़ी खड़ी करके ड्राइवर या खलासी में से किसी एक आदमी को आरटीओ चेकिंग प्वाइंट्स पर बुलाते हैं। जब ड्राइवर आता है तो उसे 5 या 10 हजार का चालान बनवाने के लिए धमकी दी जाती है।
ड्राइवर जब चालान बनाने के लिए राजी नहीं होता है तो उसे पूछा जाता है कि क्या करना है जल्दी बताओ? तब ड्राइवर बोलता है कि मैडम आप देख लीजिए। उस दौरान आरटीओ की महिला कर्मचारी कहती है कि 1 हजार दे दीजिए। जैसे ही ड्राइवर रुपए देता है तो उसे जाने दिया जाता है।
डायरी बनती है, हर आदमी पर होती है नजर इस अवैध वसूली की एक डायरी बनती है जिसमें गाड़ी नंबर और ली गई राशि को लिखा जाता है। इस दौरान तीन से चार लोग गाड़ी के आसपास खड़े रहते हैं। जो आसपास से गुजरने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखते हैं।इस दौरान आसपास किसी सिविलियन आदमी को नहीं फटकने देते हैं ताकि उनका कोई वीडियो रिकॉर्ड नहीं कर सकें।
राजस्थान के ट्रक ड्राइवर से एक हजार लिए भास्कर रिपोर्टर आरटीओ चेक पोस्ट से थोड़ी दूरी पर खड़ा था । उसी वक्त महाराष्ट्र की तरफ से आने वाले एक ट्रक RJ19 GJ2979 के ड्राइवर मंगलाराम को आरटीओ की टीम ने 500 मीटर दूर रोका। ड्राइवर जरूरी कागज लेकर पहुंचा। गाड़ी कर्नाटक से लुधियाना (पंजाब) की तरफ जा रही थी।
राजस्थान नंबर होने के कारण मंगलाराम को रोका गया। सारे कागज सही होने के बाद भी उससे 1 हजार रु. वसूल किए। मंगलाराम ने बताया कि मेरी गाड़ी की हाइट भी नहीं थी। मैंने उन्हें गाड़ी की हाइट नापने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और हजार रु. वसूल किए।

तमिलनाडु के ड्राइवर से वसूले एक हजार रुपए सुबह करीब 11:00 बजे महाराष्ट्र की तरफ से अशोक लीलैंड TN52 AC1841 ट्रक बॉर्डर को पार कर रहा था इस दौरान आरटीओ टीम ने उसे रोक लिया। ड्राइवर उतरकर महिला आरटीओ अधिकारी के पास पहुंचा उन्होंने अपने माल की बिल्टी, कांटे की वजन पर्ची और जरूरी कागजात दिखाएं।
महिला आरटीओ ने कहा कि आपका 5000 का चालान बनाया जाएगा । पहले ड्राइवर को डराया जाता है और उसके बाद उनसे रिश्वत की राशि लेकर जाने दिया जाता है । सेंथिल का ट्रक बराबर लोड में होने के बावजूद आरटीओ ने उनसे एक हजार रू. वसूल लिए।
ट्रक ड्राइवर सेंथिल कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश में चेक पोस्ट हटाने से कोई फायदा नहीं हुआ है ट्रक ड्राइवरों से चेकिंग पॉइंट पर अवैध वसूली लगातार हो रही है।

बात नहीं बनी तो हरियाणा के ट्रक को 12 घंटे खड़ा रखा इसी चेक पोस्ट पर भास्कर रिपोर्टर की मुलाकात महाराष्ट्र से गुड़गांव जा रहे ट्रक ड्राइवर रोशनलाल से हुई। रोशनलाल ने बताया कि वह पिछले 12 घंटे से इसी चेकपोस्टर पर खड़ा है। रोशनलाल के मुताबिक 22 दिसंबर की शाम को वह 7 बजे चेकपोस्ट पर पहुंचा था। यहां आरटीओ ने उसकी गाड़ी रोकी।
रोशनलाल की गाड़ी पर ट्रांसफॉर्मर लदा था, जिसकी हाइट ज्यादा थी। अधिकारी बोले ओवरलोडिंग का चालान बनेगा। रोशनलाल ने उन्हें कहा कि 30 नवंबर 2024 को रसीद क्रमांक 81001 पहले से ही बना हुआ है ऐसे में एक महीने तक छूट है। मगर, आरटीओ कर्मचारियों ने कहा 12 हजार रु. दो नहीं तो चालान कटवाओ।
कर्मचारियों ने गाड़ी के कागज अपने पास रख लिए। 12 घंटे तक ट्रक खड़ा रहा। रोशनलाल ने फैसला किया कि वह रिश्वत नहीं देगा, भले ही चालान कट जाए। उसने 30 हजार रु. का चालान कटवाया।

ट्रक एसोसिएशन बोला- केवल नाम बदला, काम वही इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएल मुकाती कहते हैं कि चेकपोस्ट का नाम बदलकर चेक पॉइंट कर दिया पर काम नहीं बदला है। पहले चेक पोस्ट पर जिस तरह से अवैध वसूली हो रही थी, वो अब फिर शुरू हो गई है।
जब सरकार ने चेक पोस्ट बंद किए थे तब ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन को आश्वासन दिया था कि मध्य प्रदेश में गुजरात मॉडल को लागू किया जाएगा। शासन ने अपने नोटिस में कहा था कि अभी 1 से 2 महीने तक हमारे पास संसाधनों की कमी है।
उसके बाद गुजरात मॉडल पूरी तरह से प्रदेश भर में लागू हो जाएगा। इसके बाद साफ सुथरी और कैशलेस व्यवस्था पूरे चेक पॉइंट पर रहेगी। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि 6 महीने पूरे होने के बावजूद धरातल पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।

सेंधवा चेक पॉइंट पर एक घंटे में 2 लाख की अवैध वसूली भास्कर रिपोर्टर एक घंटे सेंधवा चेक पॉइंट पर खड़े होकर समझा कि आरटीओ के कर्मचारी कितने ट्रकों से पैसा वसूल करते हैं। सेंधवा फोर लेन टोल नाके के रिकॉर्ड के मुताबिक इस रोड से हर घंटे 750 वाहन गुजरते हैं। इनमें से से 60 फीसदी ट्रक दूसरे राज्यों के रहते हैं।
आरटीओ कर्मचारी दूसरे राज्यों के हर उस दूसरे ट्रक को रोकते हैं जिसमें सिंगल ड्राइवर या क्लीनर होता है। इस तरह एक घंटे में 200 से ज्यादा ट्रकों से 2 लाख रुपए की वसूली की जाती है।
दूसरे दिन भी परिवहन मंत्री और आयुक्त से नहीं हुआ संपर्क भास्कर ने नयागांव के पुराने चेकपोस्ट पर हो रही अवैध वसूली को लेकर परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से 28 दिसंबर को फोन से संपर्क करने की कोशिश की थी। मगर उनसे संपर्क नहीं हुआ। सेंधवा के पुराने चेकपोस्ट पर हो रही वसूली को लेकर भी लगातार दूसरे दिन परिवहन मंत्री से संपर्क किया, मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
मंत्री के स्टाफ ने बताया कि मंत्री जी क्षेत्र के दौरे पर है। परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता से भी उनका पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। रिपोर्टर ने मंत्री,आयुक्त और सचिव को वॉट्सऐप के जरिए संपर्क किया, मगर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।

चेक पोस्ट और चेक पॉइंट में अंतर समझिए चेकपोस्ट: 1 जुलाई से पहले मप्र की सीमाओं पर 47 चेक पोस्ट थे। इन चेक पोस्ट से गुजरने वाले हर ट्रक को अपने कागज चेक कराने होते थे। साल 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद चेक पोस्ट की अहमियत खत्म हो गई। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने राज्यों को चेक पोस्ट हटाने के लिए कहा था।
चेक पॉइंट: 1 जुलाई के बाद मप्र में 45 चेक पॉइंट बनाए गए हैं। परिवहन विभाग के निर्देश के मुताबिक परिवहन अमले को मोबाइल यूनिट्स के जरिए राज्य में दाखिल होने वाले अवैध संचालित वाहनों की जांच करने। मोटर व्हीकल टैक्स और शमन शुल्क की वसूली का काम सौंपा गया है। अमले को हिदायत दी गई है कि वह वर्दी में ही चेक पॉइंट पर राज्य में दाखिल हो रहे अवैध वाहनों की जांच करें।

