जया,मीसा,मिथुन और डिंपल जैसों की सांसदी के मायने..?

लोकसभा मे कार्यकाल पांच बरस का तो राज्यसभा सदस्य छह बरस का होता है.यहाँ की सदस्यता बीच में खतम होने का खतरा नहीं क्योंकि राज्यसभा कभी भंग नहीं होती.सबसे बड़ा सुख जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं क्योंकि उन्हें विधायक चुनते हैं.इसी राज्यसभा के लिए जया बच्चन मुलायम यादव की पार्टी से लगातार पांचवी बार चुन ली गईं है.बतौर सांसद लम्बे कार्यकाल में ऐसा कुछ नजर नहीं आता है जो उन्हें पांचवी बार इस सदन का पात्र बनाता है. जया का एक ही बयान याद आ रहा है.भाजपा सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन ने जब फिल्म इंडस्ट्री की आलोचना की तब जया ने उन्हें जिस थाली में खाते हैं उसमे ही छेद करने वाला बताया.इस पर रवि ने पलट कर जवाब दिया था की जिस थाली में छेद ही छेद हों उसमे छेद करने की भला क्या जरूरत.?
जया जहाँ मुलायम की पार्टी से हैं वहीँ अमिताभ बच्चन मोदी के समय से गुजरात के ब्रांड एम्बेसडर हैं.?इस हफ्ते इंडिया टुडे में गुजरात टूरिज्म के विज्ञापनों में वो मौजूद हैं.!तीन लोकसभा चुनाव हार चुकीं मुलायमसिंह की बहू डिंपल को कांग्रेस के राज बब्बर ने जब हराया तो मुलायमसिंह ने अगली बार उन्हें निर्विरोध जितवा कर सबको चकित कर दिया.? याने ना कांग्रेस,ना भाजपा,और ना ही बसपा का प्रत्याशी मैदान में था.? कन्नौज से हारने के बाद वो मुलायमसिंह के निधन से रिक्त मैनपुरी से फिर लोकसभा में हैं.लालू यादव के कोई एक दर्जन बच्चों में सबसे बड़ी मीसा भारती लोकसभा के दो चुनाव हारने के बाद साल-16 से राज्यसभा की शोभा बढ़ा रही हैं.
मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सलवादी थे पर फिल्मी चकाचौंध में वामपंथी दर्शन बिसरा दिया.पता नहीं क्यों ममता दीदी ने उन्हें राज्यसभा में भेज दिया.? मिथुन दो साल मे केवल तीन बार सदन में तशरीफ़ लाए और सदस्यों की नाराजगी के बाद इस्तीफा देना पड़ा.अब वो भाजपा में हैं.कुख्यात विजय माल्या पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौडा और कांग्रेस की मदद से दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और देश से भागे तब भी सदस्य थे.मध्यप्रदेश के अखबार मालिक पब्लिक इश्यू को लेकर पुलिस और अदालत के शिकंजे मे आ गए तब कांग्र॓स ने उन्हें उबारते हुए राज्यसभा का टिकट याने सांसद रूपी कवच दे दिया था.!
सबसे ज्यादा लीपापोती राज्यसभा में कला,संस्कृति,सिनेमा आदि की जानीमानी हस्तियों के मनोनयन में हुई.इनमें सुविधाजनक मोहरों को मनोनीत किया जाता है.तभी आध्यात्मिक संस्था गायत्री परिवार के मुखिया प्रणव पंड्या राज्यसभा का मनोनयन ठुकरा चुके हैं.मोदी ने महाभारत सीरियल की द्रौपदी रूपा गांगुली को मनोनीत किया जबकि वो बतौर भाजपा प्रत्याशी बंगाल विधानसभा चुनाव में त्रृणमूल से पराजित हो चुकी हैं.मशहूर अभिनेत्री रेखा का कांग्र॓स राज मे मनोनयन भी इस मखौल था.कभी कभी लगता है की जया बच्चन को असहज बनाने के लिए तो यह शरारत नहीं की गई थी.? इन सब उदाहरणों से तो ऐसा लगता है की सभी राजनैतिक दलों ने इस सदन की सदस्यता को अपना खजाना भरने का जरिया बना लिया है.(इंडियन एक्सप्रेस/दैनिक भास्कर की खबरें) श्री प्रकाश दीक्षित द्वारा
