16 वोट से जीतीं पूर्व सरपंच की पत्नी सविता जाट

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भोपाल की ग्राम पंचायत रतुआ रतनपुर की नई सरपंच सविता जाट होंगी। रविवार सुबह हुई वोटों की गिनती में वे 16 वोटों से जीत गईं। उन्होंने दूसरे कैंडिडेट उधम सिंह को हराया। सविता पूर्व सरपंच जय सिंह जाट की पत्नी हैं। बीमारी के चलते जय सिंह की मौत हो गई थी। इसके चलते यहां सरपंच पद के लिए उप चुनाव हुए थे।

11 सितंबर को सरपंच पद के लिए वोटिंग हुई थी। कुल 2056 मतदाताओं में से 76.15% ने वोट डाले थे। इस पंचायत के 3 में से 1 बूथ पर पहली बार पेपरलेस वोटिंग हुई। रिटर्निंग अधिकारी और बैरसिया तहसीलदार लाखन सिंह चौधरी ने बताया, दो कैंडिडेट सविता जाट और उधम सिंह थे। रविवार को बैरसिया में जनपद स्तर पर काउंटिंग और परिणाम की घोषणा की गई। सविता जाट को 780 और उधम सिंह को 764 वोट मिलें। इस तरह सविता 16 वोट से विजय हो गई। नोटा यानी, ‘इनमें से कोई नहीं’ को 18 वोट मिले।

11 सितंबर को रतुआ रतनपुर में सरपंच पद के लिए वोटिंग हुई थी।
11 सितंबर को रतुआ रतनपुर में सरपंच पद के लिए वोटिंग हुई थी।

पहली बार पेपरलेस वोटिंग, एक बूथ को चुना देश में पहली बार पेपरलेस वोटिंग की शुरुआत भोपाल जिले की बैरसिया तहसील की रतुआ रतनपुर पंचायत से हुई। राज्य निर्वाचन आयोग ने रतनपुर पंचायत के एक बूथ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना था। इसके तहत कुल 26 फॉर्मेट में से 2 फॉर्मेट को ऑनलाइन किया गया। बूथ एजेंट्स को दिए जाने वाले मतपत्र लेखा को अब ऑनलाइन किया गया। रिटर्निंग अधिकारी चौधरी ने बताया कि पेपरलेस वोटिंग प्रक्रिया के लिए बूथ पर सभी संसाधन मौजूद रहे। टीवी स्क्रीन, ई-सिग्नेचर की व्यवस्था की गई थी।

यह फायदा इस तकनीक से मतदाता की पहचान और कितने लोगों ने वोट डाला, इसकी जानकारी अब तकनीक से एक क्लिक पर मिल सकती है। पहले पोलिंग पार्टियों को अपनी रिपोर्ट मैनुअली देनी होती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया भी ऑनलाइन हो गई। भविष्य में केवल एक टैबलेट और पेन ड्राइव या हार्ड डिस्क दी जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को एरर लेस और पेपर लेस करने के लिए देश में पहली बार ये प्रयोग किया गया।

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