3 घंटे में हटा लोहे का स्ट्रक्चर, 100 कर्मचारी जुटे

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भोपाल मेट्रो के 400 टन वजनी स्टील ब्रिज पर अब ट्रैक बिछेगा। ब्रिज के सपोर्ट के लिए रखा लोहे का स्ट्रक्चर मंगलवार को 3 घंटे में बड़ी क्रेन की मदद से हटा लिया गया। इसके लिए रेलवे से ब्लॉक लिया गया था। इसके बाद अब दूसरे कंपोजिट ब्रिज को रखने को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। सितंबर में ही इसे भी बड़ी मशीनों की मदद से रखा जाएगा।

RKMP (रानी कमलापति) रेलवे स्टेशन के पास हबीबगंज नाके से डीआरएम स्टेशन के बीच 2 स्टील ब्रिज से मेट्रो गुजरेगी। इसके लिए पिछले 8 महीने से काम चल रहा है। 4 सितंबर को 3 घंटे के अंदर रेलवे ट्रैक पर पिलर के ऊपर 65 मीटर लंबा और 400 टन वजनी ब्रिज का स्ट्रक्चर रख दिया गया। वहीं, ब्रिज और पिलर के बीच 3 गर्डर भी लॉन्च कर दी गई है। दूसरी ओर, ब्रिज के नीचे से लोहे का स्ट्रक्चर भी हटा दिया गया है। रेलवे से दोपहर 12 बजे जैसे ही ब्लॉक मिला, मेट्रो कॉरपोरेशन ने स्ट्रक्चर हटाने की शुरुआत कर दी। दोपहर 3 बजे तक स्ट्रक्चर पूरी तरह से हटा दिया गया।

हबीबगंज नाके पर स्टील ब्रिज और पिलर के बीच गर्डर की लॉन्चिंग की गई है।
हबीबगंज नाके पर स्टील ब्रिज और पिलर के बीच गर्डर की लॉन्चिंग की गई है।

सेफ्टी पर भी फोकस जिस समय हबीबगंज नाके से पास स्टील ब्रिज के नीचे से लोहे का स्ट्रक्चर हटाया जा रहा था, तब कोई हादसा न हो, इसलिए 20 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। वहीं, ट्रैक, क्रेन पर 80 से अधिक अफसर और कर्मचारी मौजूद रहे।

अब आगे यह काम भोपाल में मेट्रो के दो स्टील ब्रिज में से ट्रेन गुजरेगी। पहला रेलवे ओवरब्रिज और दूसरा कंपोजिट ब्रिज है। यह भी राजस्थान के अलवर से लाया गया। पहला ब्रिज रखने के बाद अब दूसरे ब्रिज को असेंबल किया जा रहा है। इसका वजन 200 टन और लंबाई 48 मीटर है। जैसे ही ब्रिज असेंबल होगा, ब्रिज रख दिया जाएगा।

RKMP (रानी कमलापति) रेलवे स्टेशन के पास हबीबगंज नाके पर रेलवे ट्रैक के ऊपर पहला स्टील ब्रिज रखा गया है।
RKMP (रानी कमलापति) रेलवे स्टेशन के पास हबीबगंज नाके पर रेलवे ट्रैक के ऊपर पहला स्टील ब्रिज रखा गया है।

अक्टूबर में पूरा होगा काम मेट्रो कॉर्पोरेशन के अफसरों की माने तो दूसरे ब्रिज को रखने, ट्रैक बिछाने, सड़क बनाने समेत अन्य कार्यों में करीब डेढ़ महीने का समय लग जाएगा। अक्टूबर के आखिरी या नवंबर के शुरुआती दिनों में सड़क से ट्रैफिक शुरू हो सकता है।

हबीबगंज नाके पर पिलर के ऊपर रखे गए गर्डर।
हबीबगंज नाके पर पिलर के ऊपर रखे गए गर्डर।

3 घंटे में पिलर पर रख दिया था पहला ब्रिज बता दें कि हबीबगंज नाका रेलवे ओवरब्रिज की लॉन्चिंग हाल ही में की गई है। तीन घंटे के अंदर ब्रिज रख दिया गया। 400 टन वजनी इस स्टील ब्रिज की लंबाई 65 मीटर, चौड़ाई 15 मीटर और ऊंचाई 14 मीटर है। जिसे बड़ी क्रेन और 75 हॉर्स पॉवर की मशीनों की मदद से खींचा और उठाया गया।

दूसरे स्टील ब्रिज को लेकर भी डीआरएम ऑफिस तिराहे पर तेजी से काम चल रहा है। सितंबर में ही यह ब्रिज भी बिछाया जाएगा।
दूसरे स्टील ब्रिज को लेकर भी डीआरएम ऑफिस तिराहे पर तेजी से काम चल रहा है। सितंबर में ही यह ब्रिज भी बिछाया जाएगा।

मार्च में काम की शुरुआत हुई इसी साल जनवरी-फरवरी में ब्रिज के पार्ट्स अलवर से भोपाल आ गए थे। जिन्हें मार्च में असेंबल करना शुरू किया गया। मार्च में काम की शुरुआत की गई। करीब छह महीने से रास्ता भी डायवर्ट किया गया है। दूसरी ओर, डीआरएम ऑफिस तिराहे की सड़क के ऊपर ब्रिज के पॉर्ट्स असेंबल किए गए। पहला ब्रिज रख दिया गया, जबकि दूसरा जल्द रखा जाएगा।

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