सुभाष स्कूल में शिक्षक दिवस सम्मान समारोह
शिक्षक दिवस के मौके पर भोपाल के सुभाष स्कूल में गुरुवार को शिक्षकों के सम्मान समारोह कार्यक्रम का कार्यक्रम चल रहा था, यहां पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़े थे। इसी बीच एक छात्रा उनसे काफी देर से मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से बात करने की कोशिश में थी। जब राव उदय प्रताप सिंह मंच से नीचे आए तो उन्होंने बोला कि वह छात्रा कहां है तब छात्रा अंतिमा मिश्रा उनके सामने आई और अपनी समस्या को रखा, राव उदय प्रताप सिंह ने अंतिमा को कहा कि आप यह जानकारी हमें दीजिए हम इसकी जांच करवाएंगे।
कार्यक्रम के बाद जब दैनिक भास्कर ने अंतिमा से बात करने की कोशिश की तो उसने बताया कि मैंने मंत्री जो को एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात से अवगत कराया है। अंतिमा ने बताया कि मैं सीएम राइज स्कूल चितरंग, जिला सिंगरौली से हूं, जिस ब्लॉक से ब्लॉग करती हूं वहां का जो भी सेंटर आता है वहां सीसीटीवी नहीं लगे हैं, टीचर्स बच्चों को पास करने के लिए नकल करवाई जाती है। जितने भी स्कूल हैं वहां रिजल्ट हमेशा 100 प्रतिशत होता है। वहीं अनुरोध कर रही थी कि इसे रोका जाए, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। अंतिमा ने बताया कि वह एक्सीलेंस स्कूल की 11वीं की छात्रा हैं। उन्होनें बताया कि मैं दूखती हूं कि सरकार इसके लिए कुछ करती भी है या नहीं, या फिर मुझसे बुलाकर सिर्फ पूछा लिया है। वहीं जब इस बारे में राव उदय प्रताप सिंह ने इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
शिक्षक दिवस के मौके पर भोपाल के सुभाष स्कूल के 12 शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सम्मान समारोह शिक्षकों को शत प्रतिशत रिजल्ट के लिए किया गया। कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सिलेबस से जो ऊपर है वो गुरु है। शिक्षक भी गुरु हो सकता है, लेकिन गुरु होने के लिए शिक्षा का तरीका अलग होता है। शिक्षक सीमा में बात करता है व सिलेबस की बात करता है और जो सिलेबस से ऊपर पढ़ाए तो वह गुरु है।
हमने कुलपति का नाम कुलगुरु करने का प्रयास किया है। जो अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाना गुरु का काम है। राम, लक्ष्मण ने तुलसी दास से शिक्षा ली। लेकिन विश्वामित्र की संपर्क में राम नहीं आते तो बाद के रामायण का क्या होता। गुरु को दिव्य दृष्टि होती है। मैं सभी शिक्षकों को बधाई देता हूं।

शिक्षकों के लिए चुनौती का युग
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- हम सबके लिए प्रेरणा गौरव का विषय है कि मुख्यमंत्री ऐसे समय में हमारे साथ जुड़ रहे हैं। अंत्येष्टि के चार घंटे बाद उन्होंने सेवा करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने डॉक्टर राधा कृष्ण सर्व पल्ली के बारे में कहा कि यह बच्चों के लिए प्रेरणा है कि एक शिक्षक देश का राष्ट्रपति भी बन सकता है। माता-पिता के बाद अगर सबसे बड़ा कोई गुरु इस दुनिया में है तो वह शिक्षक है।
मुझे लगता है पूरे देश में हमारे बच्चों को अवसर मिलता है कि साल भर जो शिक्षक प्रेरित करने का काम करता है आपको शिक्षा दिशा देने का कार्य करता है, इस दिन उसका अभिनन्दन करने का मौका मिलता है। बच्चों से उन्होंने कहा कि आप लोग बहुत डिजिटल हो, आज हाईटेक युग में पढ़ रहे हो। हमारी डिपेंडेंसी गूगल पर नहीं होने चाहिए, हमें मानवीय संवाद के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मैं यह नहीं कहता है कि हमें गूगल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, मगर हमें हमारी मूल चीजों पर चलना चाहिए। हमारी पुरानी पद्धति और आज के युग का डिजिटल वर्ल्ड, यह सब चुनौती है, क्योंकि अगर आप डिजिटली जुड़ जाते हैं तो मूल चीज कई बार पीछे रह जाती है।
मुझे लगता है कि जब चुनौती मिलती है तो सर्वश्रेष्ठ निकलकर आता है। समझ आपकी समय से पहले आ सकती है मगर अनुभव उम्र के साथ आता है। इसलिए दोनों का समांजस्य बनाने की आवश्यकता है। यथा संभव अपने शिक्षकों की बात को आंख बंद करके मानना चाहिए।
मंत्री ने बुधवार को भोपाल के सरोजनी नायडू स्कूल में हुई घटना के बारे में कहा कि स्वाभाविक रूप से कभी भी कहीं भी कोई विसंगति होती है तो वह किसी कारण से होती है, हम उसकी तह में जाएंगी जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई करेंगे। बच्चों के साथ ऐसा क्यों हुआ यह हमारी चिंता का विषय है, हम इसकी जांच करवाएंगे।
स्कूल के इन शिक्षकों का हुआ सम्मान
- अमिता पांडेय :अर्थशास्त्र
- मंगलम् इत्यलम् :संस्कृत
- गुलाब सिंह: भौतिकी
- शर्मिष्ठा श्रीवास्तव: हिन्दी
- अजंना कपूरिया :अंग्रेजी
- अर्पणा नारोलिया: लेखाशास्त्र
- रश्मि श्रीवास्तव: राजनीति शास्त्र
- भारती द्विवेदी: जीवविज्ञान
- डॉ. दिव्या श्रीवास्तव: इतिहास
- सीमा माथुर: रसायन शास्त्र
- एकता पाठक: गणित
- राजेंद्र जसूजा: व्या. अध्ययन

शिक्षक समाज में अहम भूमिका निभाते हैं
राज्य शिक्षक केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने कह किसी भी समाज में शिक्षक अहम भूमिका निभाते हैं। सभी शिक्षक जानते हैं, आज के युग में बच्चों के पास अपनी क्लास है और गूगल और यूट्यूब भी है, टीचर्स के लिए एक बड़ी चुनौती है, यह चुनौती का समय है इससे ही शिक्षक निकल रहे हैं। राज्य शिक्षा केंद्र में प्राइमरी और मिडिल स्कूल का है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, विधायक संतोष बरकड़े, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह, लोक शिक्षक संचालनालय भोपाल संचालक डीएस कुशवाहा समेत अन्य मौजूद रहे।
