रिटायरमेंट के दिन पशुपालन विभाग के संयुक्त संचालक का प्रमोशन

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मध्यप्रदेश के पशुपालन विभाग में छुट्‌टी के दिनों में जारी हुए दो आदेशों को लेकर बवाल मचा हुआ है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. आरके मेहिया (संचालक के प्रभार में थे) को रिटायरमेंट के अंतिम दिन प्रमोशन दे दिया गया। इस मामले को लेकर विभाग के ही अधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए शिकायत की है।

पशुपालन विभाग के डॉ. केएस तोमर ने तो इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। सपीक्स संगठन (सामान्य अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था) ने पशुपालन विभाग में संचालक और अन्य पदों पर पदोन्नति के मामले की मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव जीएडी और पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव से शिकायत की है।

डॉ आर के मेहिया का रिटायरमेंट 31 अगस्त को था इसी दिन विभाग ने उनका प्रमोशन ऑर्डर जारी किया।
डॉ आर के मेहिया का रिटायरमेंट 31 अगस्त को था इसी दिन विभाग ने उनका प्रमोशन ऑर्डर जारी किया।

ये है मामला
डॉ. आरके मेहिया पशुपालन विभाग के संचालक के प्रभार में थे। 31 अगस्त को डॉ. मेहिया का रिटायरमेंट था। रिटायरमेंट की तारीख को ही डॉ मेहिया को संयुक्त संचालक के पद से सीधे संचालक के पद पर पदोन्नत किया गया। इस मामले को लेकर विभाग के ही डॉक्टरों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नियमानुसार यदि सेवानिवृत्ति के दिन कोई सरकारी अवकाश रहता है, तो रिटायरमेंट के एक दिन पहले वर्किंग डे में माना जाता है। ऐसे में डॉ. मेहिया की सेवानिवृत्ति 30 अगस्त को मानी गई। लेकिन, पशुपालन विभाग ने 31 अगस्त को आदेश जारी कर डॉ. आरके मेहिया को संयुक्त संचालक से पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक पद पर पदोन्नत कर दिया।

सपीक्स संगठन (सामान्य अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था) के अध्यक्ष और पशुपालन विभाग में ही पदस्थ डॉ. केएस तोमर ने इस मामले की शिकायत की है। तोमर ने बताया, ‘मैंने कमेटी से शिकायत की है। सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति रखने का आदेश दिया था यानी इनको न तो उच्च पद पर प्रमोशन दिया जा सकता है और न ही मूल पद पर भेजा जा सकता है। जिस व्यक्ति को डिमोट होना चाहिए था उसे प्रमोट कर दिया गया। न्यायालय के आदेश को न मानते हुए पदोन्नति दी गई।’

उन्होंने कहा, ‘आज प्रधानमंत्री ओबीसी वर्ग के हैं, लेकिन सबसे ज्यादा ओबीसी का नुकसान हो रहा है। जो व्यक्ति दो पद नीचे डिमोट होना था, उसके सीनियर आज उसी मूल पद से रिटायर हो रहे हैं, जिस पद से वे भर्ती हुए थे। वहीं, एक व्यक्ति, जिसको गलत प्रमोशन देकर संयुक्त संचालक बनाया, रिटायरमेंट के बाद उसको एडिशनल डायरेक्टर न बनाकर सीधे डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत कर दिया। इस मामले की सीबीआई से जांच होना चाहिए।’

पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संयुक्त संचालक डॉ प्यार सिंह पटेल को प्रमोट करते हुए संचालक बनाया गया। रविवार को आदेश जारी होने पर सवाल उठ रहे हैं।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संयुक्त संचालक डॉ प्यार सिंह पटेल को प्रमोट करते हुए संचालक बनाया गया। रविवार को आदेश जारी होने पर सवाल उठ रहे हैं।

रविवार को जारी हुआ संचालक की पोस्टिंग का आदेश
डॉ. आरके मेहिया के रिटायरमेंट के बाद रविवार 1 सितंबर को पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक की पदस्थापना का आदेश जारी हुआ। पशुपालन विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. प्यार सिंह पटेल को संचालक के पद पर प्रमोट करने का आदेश जारी हुआ।

मेहिया बोले- भर्ती नियमों में संशोधन हो गया, शिकायत करने वालों को जानकारी नहीं
नियम विरुद्ध प्रमोशन देने के आरोपों को लेकर पशुपालन विभाग के निवर्तमान संचालक डॉ. आरके मेहिया का कहना है, ‘मेरा रिटायरमेंट 31 अगस्त को था। शासन ने पदोन्नत किया है, तो नियमों के मुताबिक ही किया होगा। जहां तक संयुक्त संचालक से सीधे संचालक पद पर प्रमोशन की बात है, तो शिकायत करने वालों को शायद जानकारी नहीं होगी कि भर्ती नियमों में संशोधन हो गया है।

कांग्रेस ने की जांच की मांग
पशुपालन विभाग में जारी हुए आदेशों को लेकर कांग्रेस ने जांच की मांग की है। कांग्रेस सोशल मीडिया डिपार्टमेंट के चेयरमैन और विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने X पर लिखा, ‘पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डॉ. आरके मेहिया को 31 अगस्त 2024 को रिटायर होना था, लेकिन 31 अगस्त को शासकीय अवकाश होने के चलते नियम अनुसार वे 30 अगस्त को रिटायर माने गए।

विभाग ने उनके रिटायरमेंट की तिथि के अगले दिन यानी रिटायर होने के बाद उन्हें डायरेक्टर पद पर प्रमोशन दिया, यह नियम अनुसार गलत है और मध्यप्रदेश का एक अनूठा मामला है। एक तरफ युवा नौकरी पाने के लिए परेशान हैं, दूसरी तरफ ऐसे आदेश देकर अपनों को उपकृत करने का प्रयास किया जा रहा है।’

अफसरों का तर्क; खाली हुए पद को भरने के लिए प्रमोशन दिया
रिटायरमेंट के दिन प्रमोशन देने के मामले में पशुपालन विभाग के एक सीनियर अफसर ने तर्क दिया कि डॉ आरके मेहिया के रिटायरमेंट के बाद नए संचालक को उस पद पर लाने के लिए ऐसा करना पड़ा। डॉ मेहिया को संयुक्त संचालक से संचालक के पद पर प्रमोशन देकर रिटायर करने के बाद संयुक्त संचालक को प्रमोट करते हुए डॉ प्यार सिंह पटेल को संचालक बनाया गया है। प्रमोशन को लेकर सभी नियमों का पालन किया गया है। विभागीय समितियों की अनुशंसाओं के बाद फैसले लिए गए हैं।

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