भोपाल में तेज बारिश, डैम ओवरफ्लो
सितंबर के महीने में भोपाल में करीब 7 इंच बारिश होने का ट्रेंड है। हालांकि, पिछले 10 में से 5 साल ऐसे रहे, जब इससे ज्यादा पानी गिरा है। 65 साल पहले वर्ष 1961 में पूरे महीने 30.2 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है। अबकी बार भी सितंबर की शुरुआत तेज बारिश से हुई है। मौसम विभाग ने सितंबर में अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है। रविवार को केरवा डैम के 8 में से 3 गेट खुल गए। सोमवार को भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट खुले हुए हैं।
भोपाल में पिछले 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश हो गई। सोमवार सुबह तेज धूप निकलने के बाद दोपहर 1 बजे से मौसम फिर बदला और रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश शुरू हो गई। इससे शहर के कई इलाके तरबतर हो गए हैं। बता दें कि इस मानसून भोपाल में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। भोपाल की सामान्य बारिश 37.6 इंच है, जबकि इस बार 41 इंच से ज्यादा पानी गिर गया है। यानी, 109% बारिश हो चुकी है। जून के बाद जुलाई और अगस्त में रिकॉर्ड बारिश हुई। यही कारण है कि बारिश का आंकड़ा बढ़ता गया। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। सोमवार सुबह से कभी तेज धूप खिल रही है तो कभी बादल छा रहे हैं। इससे उमस का असर बढ़ गया है।

10 साल में 2 बार 12 इंच के पार आंकड़ा
सितंबर में बारिश के आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2014 से 2023 में 2 बार ऐसा हुआ, जब पूरे महीने 12 इंच से ज्यादा पानी गिरा। 10 साल में सबसे ज्यादा बारिश 2019 में 22.2 इंच हुई थी। पिछले साल 12.8 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

रविवार को भी गिरा पानी
सितंबर के पहले दिन रविवार को भी भोपाल में बारिश हुई। कोलार, तुलसीनगर, एमपी नगर, न्यू मार्केट समेत पूरे शहर में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने करीब एक इंच वर्षा दर्ज की।
एकसाथ खुले तीनों डैम के गेट
इस बार अगस्त में ही भोपाल के सभी डैम के गेट खुल चुके हैं। बड़ा तालाब के फुल टैंक तक भरने के बाद सबसे पहले भदभदा और फिर कलियासोत डैम के गेट खोले गए। केरवा डैम के गेट भी खुल चुके हैं। रविवार को बारिश होने के बाद केरवा डैम के गेट ऑटोमैटिक खुल गए। रात में भदभदा और कलियासोत डैम का गेट भी खुला। सोमवार को पहली बार तीनों डैम के गेट खुले हुए हैं। भोपाल के पास कोलार डैम के गेट जुलाई में ही खुल चुके हैं।
सितंबर के मौसम के बारे में ये भी जानें
- जून में मानसून एक्टिव होता है, जबकि सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में विदाई होने लगती है।
- इस महीने भारी बारिश की स्थिति तब पैदा होती है, जब बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया का क्षेत्र ओड़िसा तट को पार करते हुए पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा की ओर बढ़कर प्रदेश में एक्टिव होता है।
- सितंबर में बारिश के साथ तेज आंधी चलती है। वहीं, तीखी धूप भी खिलती है। इस वजह से पारा 37 डिग्री के पार पहुंच सकता है।
- सामान्य: सितंबर में अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री के आसपास रहता है।
- अगस्त के मुकाबले सितंबर में दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक रहती है।

