झोला छाप ख़बरी -गजब का जनसम्पर्क विभाग और गजब के मंत्री यो के एपीआरओ,पीआरओ
जनसंपर्क विभाग में ने हाल ही में मंत्रियों के यहाँ विभाग के एपीआरओ (सहायक जनसंपर्क अधिकारी) पीआरओ(सहायक संचालक) एवम उपसंचालक को सरकार की योजना एवं मंत्रियों के प्रचार प्रसार का काम सौप इन सभी का पद अनुसार दायित्व है कि ये मीडिया से समन्वय बनकर चले ..?
लेक़िन ढीली सरकार के उतरे हुए ढोल किसी काम के नज़र नही आते वैसे इन का एक महत्वपूर्ण दायित्व ये भी है कि मीडिया से संपर्क कर मंत्री महोदय से रु बरु करवाकर योजनों की जानकारी का प्रचार करें साथ ही जिस प्रकार मुख्यमंत्री से समय लेने कमिश्नर जनसम्पर्क से संपर्क करना होता है ठीक वैसे ही मंत्री से संपर्क करने इन एपीआरओ,पीआईओ,से संपर्क करना होता है लेकिन ये सिर्फ जनसंपर्क की वेबसाइट पर खबर लिख कर भेजने के अलावा किसी काम के नही है ।
यही नही हाल ही में सरकार के प्रचार प्रसार को सोशल मीडिया के माध्यम से जन जन तक पहुचाने उत्तरप्रदेश,बिहार के पढ़े लिखे डिग्री धारियों को बेसिल के माध्यम से रखा गया और लाखों रुपये सेलरी दी जा रही है वो भी जनसम्पर्क को सिगरेट के धुएं में उड़ा रहे है ….?
