– वोट 5% बढ़ा तो 344 तक पहुंचेगी BJP:5% फिसला तो घट सकती हैं 41 सीटें; नतीजों में वोट शेयर का कितना असर
2019 लोकसभा चुनाव में BJP ने अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। तब पार्टी को 37.7% वोट शेयर और 303 सीटें मिली थीं। 2014 के मुकाबले BJP का वोट शेयर करीब 6% और 21 सीटों का इजाफा हुआ था। आज 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं।
2024 के चुनाव में वोटर शेयर बदलने से BJP को कितनी सीटों का फायदा या नुकसान हो सकता है। आसान बनाने के लिए हमने इसे 4 सिनैरियो में बांटा है…
सिनैरियो-1: BJP का वोट शेयर 5% बढ़ा तो 41 सीटें बढ़ सकती हैं
2019 लोकसभा चुनाव में BJP 41 सीटों पर 10% या उससे कम मार्जिन से हारी थी। इन सभी सीटों पर जीतने वाली पार्टी से BJP की सीधी टक्कर थी, यानी अगर यहां BJP 5% वोट शेयर अपने पाले में कर लेती है तो वह वोट विपक्षी पार्टी के हिस्से से कटेगा। इस तरह BJP 5% वोट शेयर बढ़ाकर 303 की टैली में 41 सीटें जोड़ लेगी और उसकी सीटें 344 तक पहुंच सकती हैं। BJP को सबसे ज्यादा फायदा पश्चिम बंगाल, UP और ओडिशा में हो सकता है।

सिनैरियो-2: BJP का वोट शेयर 3% बढ़ा तो 23 सीटें बढ़ सकती हैं
2019 लोकसभा चुनाव में BJP 23 सीटों पर 6% या उससे कम मार्जिन से चुनाव हारी थी। इन सभी सीटों पर जीतने वाली पार्टी से BJP की सीधी टक्कर थी, यानी अगर यहां BJP 3% वोट शेयर अपने पाले में कर लेती है तो वह 3% वोट विपक्षी पार्टी के हिस्से से कटेगा। इस तरह BJP 3% वोट शेयर बढ़ाकर 303 की टैली में 23 सीटें जोड़ लेगी और उसकी सीटें 326 तक पहुंच सकती हैं। BJP को सबसे ज्यादा फायदा पश्चिम बंगाल, UP और ओडिशा में हो सकता है।

सिनैरियो-3: वोट शेयर 3% घटा तो BJP की 18 सीटें खिसक सकती हैं
2019 में BJP की 55 सीटों पर जीत का मार्जिन 6% या उससे कम था। इन 55 सीटों में से 18 सीटों पर बाइपोलर मुकाबला यानी दो पार्टियों के बीच आमने-सामने की टक्कर थी। इन 18 सीटों पर यदि BJP का 3% वोट घटकर दूसरे नंबर के प्रत्याशी की ओर जाता है तो BJP ये सीटें हार सकती है। यानी BJP की टैली 303 से घटकर 285 हो सकती है। ऐसी सिचुएशन में BJP को सबसे ज्यादा सीटों का नुकसान UP, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में होगा।

सिनैरियो-4: वोट शेयर 5% घटा तो BJP की 41 सीटें खिसक सकती हैं
2019 में BJP की 86 सीटों पर जीत का मार्जिन 10% या उससे कम था। इन 86 सीटों में से 41 सीटों पर बाइपोलर मुकाबला यानी दो पार्टियों के बीच आमने-सामने की टक्कर थी। इन 41 सीटों पर अगर BJP का 5% वोट घटकर दूसरे नंबर के प्रत्याशी की ओर जाता है तो BJP ये सीटें हार सकती है। यानी BJP की टैली 303 से घटकर 262 हो सकती है। ऐसी सिचुएशन में BJP को सबसे ज्यादा सीटों का नुकसान UP, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में होगा।

राजनीतिक विश्लेषक अमिताभ तिवारी के मुताबिक ऐसा नहीं हो सकता कि सिर्फ BJP ही कम मार्जिन से सीटें जीते और बाकी पार्टियां बड़े मार्जिन से सीटें जीत जाएं। आप कोई भी चुनाव ले लें, क्लोज कॉन्टेस्ट वाली सीटों का डिस्ट्रिब्यूशन जनरली ओवरऑल सीट के प्रपोर्शन में होता है। उसी थ्योरी से अगर 5% वोट BJP का हर सीट पर बढ़ जाए तो वह 344 तक पहुंच जाएगी। वहीं, अगर 5% वोट घट गया तो करीब 80 सीटें हार सकती है। इसी तरह कांग्रेस का 5% घट गया तो वह 21 पर पहुंच जाएगी और 5% बढ़ा तो 97 सीटें जीत सकती है।
50% प्लस वोट शेयर: एकजुट विपक्ष से निपटने के लिए BJP का प्लान
विपक्षी एकता को परखने के लिए विकसित ‘इंडेक्स ऑफ अपोजीशन यूनिटी’ (IOU) पर आजादी के बाद से भारत का औसत स्कोर 69 रहा है। 0 से 100 के बीच मापे जाने वाले इस इंडेक्स में 0 पूरी तरह से बिखरे हुए विपक्ष को और 100 का आंकड़ा पूरी तरह से संगठित विपक्ष को दर्शाता है। चुनावी राजनीति में विपक्षी पार्टियों की एकता सत्ताधारी दल को हमेशा बड़ा नुकसान पहुंचाती आई हैं।

इसे इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनावों से समझ सकते हैं। जब विपक्षी पार्टियों के एक साथ आकर जनता पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ने से तत्कालीन इंदिरा सरकार का सूपड़ा साफ हो गया था। इंदिरा खुद अपनी रायबरेली सीट और इमरजेंसी के सूत्रधार उनके बेटे संजय अपनी अमेठी सीट से हार गए थे। पूरे उत्तर भारत में कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली थी।
IOU इंडेक्स का स्कोर सिर्फ 1 अंक बढ़ने से रूलिंग पार्टी को 4 से 5 लोकसभा सीटों का नुकसान हो सकता है। 2019 के चुनाव में जब IOU स्कोर 74 था, तब NDA ने 351 सीटें हासिल की थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 400 पार के लक्ष्य को पाने के लिए जरूरी होगा कि यह IOU स्कोर घटकर 60 रह जाए। वहीं, NDA को 300 सीटों के अंदर रोकने के लिए इसका 96 के करीब पहुंचना जरूरी होगा।

मतलब साफ है कि 400 पार जाने के लिए जहां IOU स्कोर में 14 अंकों की गिरावट चाहिए होगी, वहीं NDA को 300 के अंदर रोकने के लिए 22 अंको की बढ़ोतरी की जरूरत होगी। इसमें कोई दो राय नहीं है कि INDI गठबंधन के तहत विपक्षी पार्टियां एकजुट हुई हैं, लेकिन यह इतना भी नहीं है कि IOU स्कोर 96 के करीब पहुंच सके।
केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में विपक्ष एकजुट नहीं है, जहां कुल 62 लोकसभा सीटें हैं। दूसरी तरफ BJP ने विपक्षी एकता की काट के लिए सभी सीटों पर 50% से अधिक वोट शेयर के साथ जीतने का लक्ष्य रखा है। ताकि समूचा विपक्ष एक साथ आकर भी BJP को हरा न सके।
