मंगूभाई कब बनाएंगे राजभवन को लोकभवन.?

0
Spread the love


——————————————-
कोलकाता की खबर छपी छोटी सी है पर इसके निहितार्थ बड़े हैं.राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बंगाल राजभवन का नाम बदल कर लोकभवन कर दिया है.खबर की यह जानकारी ख़ास है की नाम में परिवर्तन केंद्र सरकार के निर्देश पर किया गया है.यह केंद्र सरकार का निर्देश है तो मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई ने अब तक परिवर्तन क्यों नहीं करवाया.? यहां एक नहीं दो-दो राजभवन हैं.राजधानी भोपाल मे पच्चीस तीस एकड़ मे फैला राजसी ठाट वाला मुख्य राजभवन है तो दूसरा प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी मे है.यह तब अस्तित्व में आया था जब गर्मियों मे सूबे की राजधानी पचमढ़ी शिफ्ट हो जाया करती थी.
साल-67 के बाद राजधानी शिफ्ट होना बंद होने से पचमढ़ी मे मुख्यमंत्री/मंत्रियों आदि के बंगले होटलों/गेस्ट हाउसों मे तब्दील हो गए.पर 22.84 एकड़ मे फैला विशाल राजभवन जस का तस है.वहां के सरकारी अमले के वेतन भत्तों पर हर साल करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च हो जाते होंगे.इसके अलावा भवन के रखरखाव पर भी मोटी रकम हर साल खर्च होती है.तिस पर राज्यपाल बनने वाले सभी लाचार बुजुर्ग कार्यकाल में एक दो बार ही तशरीफ़ लाते रहे हैं.अलबत्ता उनके रिश्तेदार और गृह राज्य के नजदीकी जरूर मेहमानी का लुत्फ़ उठाते हैं.
सवाल है इस राजभवन को किसी जनउपयोगी ऑफिस या होटल आदि में क्यों नहीं बदला गया.अब बदलाव तुरंत होना चाहिए.यह इमारत अपने भव्य डाइनिंग हॉल,दरबार हॉल और डांस हॉल के लिए जानी जाती है.आनंदीबेन राज्यपाल थीं तब इसे अंगरेजों की जीवन शैली वाले पियानों/बिलियर्ड आदि की नुमाइश के लिए खोला जाने लगा था.मंगूभाई भोपाल राजभवन को लोकभवन में बदलने के साथ हिल स्टेशन के राजभवन का वजूद ख़त्म करने का फैसला लें.एक ही राजभवन पर्याप्त है क्योंकि शपथ तो अब मैदानों में भी होने लगी है.! श्री प्रकाश दीक्षित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481