भतीजे और पोते ने मिलकर दंपती का रेता था गला
बालाघाट में गुरुवार रात दंपती की हत्या का खुलासा कर दिया है। आरोपी उन्हीं के भतीजे और पोते ने की थी। आरोपियों पर चार लाख रुपए का कर्ज हाे गया था। लालच के चलते वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी भतीजे दुलीचंद हाके (41) और पोते सचिन हाके (27) को गिरफ्तार लिया है। पुलिस ने एक लाख 85 हजार रुपए और ज्वेलरी भी बरामद किए हैं।
मुख्य आरोपी सचिन है, उसी ने हत्या की साजिश रची। सचिन, रमेश के भतीजे महेश हाके का बेटा है। दोनों आरोपी रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं।
एएसपी निशित उपाध्याय ने बताया कि 7 अक्टूबर को सिंचाई विभाग के रिटायर्ड ड्राइवर रमेश हाके का शव बेडरूम और उनकी पत्नी पुष्पकला का शव किचन में खून से लथपथ मिला था।
घटना कटंगी में वार्ड क्रमांक 2 अर्जुन नाला की है। दूसरे दिन जब दूधवाला पहुंचा, तब घटना का पता चला। एएसपी ने बताया कि आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी।

पहले पत्नी फिर पति को मारा एएसपी ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी घर पर ही थे। अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे। सचिन ने 5 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे रमेश को चौराहे पर बाइक पंक्चर होने के बहाने बुलाया। जब रमेश वहां पहुंचे, तो वह नहीं मिला।
इधर, दुलीचंद और सचिन पिछले दरवाजे से घर में घुस गए। यहां पुष्पकला की गर्दन पर तीन वार किए। थोड़ी देर में रमेश आया, तो उसके गले पर भी वार कर दिया। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहां से ज्वेलरी और नकदी लेकर फरार हो गए।

चार लाख का कर्ज चुकाने के लिए आया लालच एएसपी ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण में खिड़की और दरवाजों में तोड़फोड़ के निशान नहीं मिले। सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई। पहले तो आरोपियों ने बरगलाया, लेकिन सख्ती करने पर वारदात कबूल कर ली।
आरोपियों ने बताया कि दोनों को सट्टा खेलने की लत थी। इसी कारण दोनों पर दो-दो लाख रुपए का कर्ज हो गया था। चूंकि दंपती अकेले रहते थे। उनके पास रुपए और ज्वेलरी थी। लालच के कारण आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने कोसुंबा की मंडई से चाकू खरीदा था।

बचपन से साथ रह रहा था सचिन पुलिस के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद रमेश पैसे ब्याज पर देने का काम भी करते थे। आरोपी सचिन बचपन से ही रमेश के साथ रह रहा था। उसने पढ़ाई भी यहीं की। वर्तमान में कटंगी में रमेश के साथ रहकर खेती करता था। साथ ही, पोलट्री फार्म की देखरेख भी करता था। रमेश के दोनों बेटे सुनील और योगेश नागपुर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं।
रात में दोनों बेटों से हुई थी बात रमेश के बड़े बेटे सुनील ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे भाई योगेश और उसके बच्चों से वीडियो और ऑडियो कॉल पर बात हुई थी। उस वक्त करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई थी। बुधवार शाम 6 बजे मुझसे भी बात हुई थी। उन्होंने रोजाना का हालचाल पूछा था। करीब 10 मिनट तक बात हुई थी। सुनील ने बताया कि घर से करीब 9 लाख के जेवर, सवा लाख रुपए नकदी और डॉलर गायब हैं।
