कूलर चलते ही कमरे में जहरीली गैस भरी
ग्वालियर में गेहूं को घुन से बचाने की कोशिश एक परिवार के लिए जानलेवा बन गई। सल्फास की गोलियों से बनी गैस सांस के साथ शरीर के अंदर गई और पहले भाई वैभव (4), फिर बहन क्षमा (13) ने दम तोड़ दिया। पिता सत्येंद्र शर्मा (51) और मां रजनी (47) दो दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। सत्येंद्र कहते हैं कि उस रात कूलर नहीं चलाया होता तो परिवार की यह हालत नहीं होती।
मामले में पुलिस ने मंगलवार देर रात करीब 2 बजे मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। घटना के बाद से ही पुलिस ने उसे गोला का मंदिर थाने में हिरासत में रखा था।
घटना सोमवार को प्रीतम विहार कॉलोनी की है। यहां तीन मंजिला इमारत के पोर्च में रखे 250 क्विंटल गेहूं को घुन से बचाने मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव ने उसमें सल्फास की 50 गोलियां रखी थीं। पोर्च के सामने दो कमरों में किराए से रहने वाला सत्येंद्र शर्मा का परिवार इस कीटनाशक से बनी जहरीली गैस का शिकार हो गया।
दरअसल, श्रीकृष्ण यादव ने जिस समय सल्फास की गोलियां गेहूं में रखीं, उस वक्त सत्येंद्र का परिवार घर पर नहीं था। वे सल्फास रखे जाने से अनजान थे। रात को घर लौटने के बाद परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर आए और थोड़ी देर बाद सोने चले गए।
इस दौरान गर्मी लगने पर कूलर ऑन कर दिया। कूलर में लगे एग्जास्ट फैन ने बाहर बन रही जहरीली गैस को खींचकर कमरे में भर दिया।
भाई के बारे में पूछते-पूछते बहन ने तोड़ा दम सत्येंद्र के बेटे वैभव उर्फ करुआ ने सोमवार को ही मौके पर दम तोड़ दिया था जबकि बेटी क्षमा उर्फ वैष्णवी की मंगलवार सुबह रिम्स अस्पताल में मौत हो गई। वैभव परिवार का इकलौता बेटा था, जबकि क्षमा सबसे छोटी बेटी।
अस्पताल में सोमवार रात 1 बजे तक क्षमा ने कई बार पूछा कि वैभव कहां है, वो कैसा है लेकिन किसी ने उसे नहीं बताया कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा है। रात 1 बजे के बाद सांसें उखड़ने लगीं तो उसे बिड़ला हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। इकलौते छोटे भाई की मौत से अनजान बड़ी बहन ने सुबह 4 बजे अंतिम सांस ली और हमेशा के लिए दुनिया को छोड़ गई।
बच्चों के मामा रामू शर्मा ने बताया- बहन रजनी की हालत बेहद नाजुक है, बहनोई सत्येंद्र भी गंभीर हैं। दोनों का इलाज न्यू जेएएच में चल रहा है।

मासूम का शव सड़क पर रखकर लगाया जाम रिश्तेदार और पड़ोसियों ने मंगलवार को क्षमा के शव को सड़क पर रखकर गोला का मंदिर इलाके में जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजन ने मांग की कि मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव और उसके बेटे शिवकुमार पर केस दर्ज किया जाए। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
पुलिस अफसरों ने दोनों मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद प्रदर्शन खत्म किया गया।

पांच बहनों के बाद मन्नत से हुआ था वैभव का जन्म सत्येंद्र शर्मा भिंड के मालनपुर टूडीला गांव के रहने वाले हैं। ग्वालियर के महाराजपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। वे परिवार समेत प्रीतम विहार कॉलोनी में श्रीकृष्ण यादव के तीन मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर किराए से रहते हैं। श्रीकृष्ण यादव का परिवार इसी बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर रहता है।
वैभव सत्येंद्र का इकलौता बेटा था। पांच बेटियों के बाद मन्नतों से 46 साल की उम्र में उनको बेटे का सुख मिला था। दो बेटियों की बचपन में ही मौत हो गई थी। दो बड़ी बेटियों भारती और दीपा की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी क्षमा थी।
सीएसपी रॉबिन जैन ने कहा- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

