पांच चरणों के चुनाव प्रचार के दौरान कई तरह के मुद्दे उछले व हवा हो गए
देश में लोकसभा चुनाव पूरे शबाब पर है..पांच चरणों के चुनाव प्रचार के दौरान कई तरह के मुद्दे उछले व हवा हो गए..विपक्ष ने बीजेपी पर प्रचार में हिंदू—मुसलमान करने का आरोप लगाया..वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साफ किया कि बीजेपी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है..लेकिन वह किसी को विशेष नागरिक का दर्जा देने के पक्ष में नहीं…तो क्या यह चुनाव जातिगत मुद्दों के लिए जाना जाएगा..?
मप्र में लोकसभा के चुनाव 13 मई को खत्म हो चुके है..लेकिन देश के अन्य राज्यों में चुनाव के दो दौर और बाकी हैं..चुनाव के नतीजे 4जून का आएंगे..मौजूदा चुनाव मुद्दा विहीन कहा जा सकता है..इसके चलते हर चरण में प्रचार के मुद्दे बदलते रहे..इनमें जातिवाद एक बड़ा मुद्दा रहा..सत्तापक्ष बीजेपी की ओर से विपक्ष पर तुष्टिकरण के आरोप लगाए गए तो विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हिंदू—मुसलमान कर समाज को बांटने के आरोप लगाए..इसके जबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साफ किया कि बीजेपी कभी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं रही..उसने सिर्फ विपक्ष विशेषकर कांग्रेस के तुष्टिकरण व मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किए जाने की नीति का पर्दाफाश किया है..पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी ने कभी अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव नहीं किया.. सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग को दिया जा रहा है..कांग्रेस तुष्टिकरण के रास्ते पर चल रही है..यह बात उसके मौजूदा मैनिफेस्टो में भी नजर आती है..जबकि हम संतुष्टिकरण की नीति पर काम कर रहे हैं..अलबत्ता बीजेपी किसी को भी विशेष नागरिक मानने के पक्ष में नहीं है..पीएम की इस साफगोई को लेकर विपक्ष फिलहाल मौन है..पक्ष—विपक्ष के इन आरोप—प्रत्यारोप के बीच देश का मतदाता खामोशी से अपना काम कर रहा है..बहरहाल,यह तय है कि पक्ष—विपक्ष की इस सियासत ने 2024 के चुनाव को जातिगत रंग देने में कोई कसर बाकी नहीं रखी..बल्कि कांग्रेस के एक नेता सैम पित्रोदा ने तो एक कदम आगे बढ़कर चुनाव में रंगभेद तक कर डाला..
