पीसीसी चीफ बोले- जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में मेरा हस्तक्षेप नहीं
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 16 अगस्त को अपने सभी संगठनात्मक जिलों में अध्यक्षों की घोषणा कर दी। पार्टी ने 6 विधायकों और 11 पूर्व विधायकों को जिलाध्यक्ष बनाया है।
जैसे ही सूची जारी हुई प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विरोध के स्वर फूटने लगे। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से दैनिक भास्कर ने बात की। उन्होंने जिलाध्यक्षों के चयन और विरोध को लेकर सवालों के जवाब दिए।
सवाल: सभी 71 जिलाध्यक्ष घोषित हुए हैं। कुछ जगहों पर नाराजगी है? जवाब: जहां तक बात नाराजगी की है तो इस प्रक्रिया में मेरा किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं था। नियुक्तियां संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत आए ऑर्ब्जवर के माध्यम से हुई हैं। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे, इसका पूरा ध्यान पार्टी ने रखा है।
दूसरी बात ये कि जिलाध्यक्षों की लिस्ट में ओंकार मरकाम, महेश परमार, जयवर्धन सिंह, विपिन वानखेड़े जैसे बड़े नेताओं का नाम आ रहा है, इन सभी से हमारे नेता राहुल गांधी ने स्वयं चर्चा की है। कई नेताओं ने उनकी बात मानी तो कई ने व्यक्तिगत परेशानियां बताईं।
कुल मिलाकर जिन बड़े नेताओं से राहुल जी ने स्वयं बात की, उनके विजन का समर्थन किया, उन्हें ही जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

सवाल: भोपाल में विरोध हो रहा है। उसको लेकर आप क्या कहेंगे? जवाब: मार्च 2024 में कई पूर्व विधायकों समेत 5 जिलाध्यक्षों ने पार्टी छोड़ दी थी। लेकिन, अब हमारे यहां इस बात की प्रतियोगिता है कि मैं बनूं। यही परिवर्तन है जो पिछले एक साल में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं में हुआ है। जिस राह पर पार्टी चल रही है, मैं इसे एक सकारात्मक भाव से देखता हूं।

सवाल: अब इन नियुक्तियों के साथ क्या कोई अभियान शुरू करने वाले हैं? जवाब: इस समय पूरे देश के सामने यह नेरेटिव चल रहा है कि चुनाव नतीजे नरेंद्र मोदी द्वारा की जा रही वोटों की चोरी से बनते हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जो सवाल राहुल गांधी ने उठाए हैं, उनके जवाब चुनाव आयोग के पास नहीं हैं। राहुल जी इस विषय पर राष्ट्रव्यापी अभियान चला रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी भी प्रदेश स्तर पर 25 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग शहरों में रैलियां करेगी। सीनियर नेताओं को एक-एक जिले का दायित्व दिया जाएगा। साथ ही एक स्टेट लेवल की रैली मालवा में होगी, जिसमें देश प्रदेश के बड़े कांग्रेसी नेता सम्मिलित होंगे। यह इस देश के लोकतंत्र को बचाने का अभियान है।
कांग्रेस ने जारी किया चेतावनी पत्र इधर, नियुक्तियों के खिलाफ हो रही बयानबाजी को लेकर कांग्रेस संगठन ने चेतावनी और परामर्श पत्र जारी किया है। संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले ने अपने पत्र में कहा है कि पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्षों के मनोनयन की सूची जारी की गई है। इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर वक्तव्य जारी किए जा रहे हैं, यह घोर अनुशासनहीनता है। इन्हें 24 घंटे के अंदर हटाएं, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।

जानिए, किसे किस जिले की मिली कमान


